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07-04-2026

ईरान वॉर की वजह से अमेरिका में भी बढऩे लगी है महंगाई

  •  ईरान के खिलाफ युद्ध ने अमेरिकियों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने अपनी डिलिवरी पर ईंधन अधिभार की घोषणा की है और कुछ एयरलाइन कंपनियों ने ईंधन की ऊंची लागत की भरपाई के लिए ‘चेक-इन बैगेज’ पर शुल्क बढ़ा दिया है। अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत शुक्रवार को 4.09 अमेरिकी डॉलर प्रति गैलन पर पहुंच गई है। यह युद्ध से ठीक पहले की तुलना में एक डॉलर से अधिक है और अगस्त, 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। डीजल की लागत भी पिछले साल के 3.64 डॉलर प्रति गैलन से बढक़र शुक्रवार को 5.53 डॉलर प्रति गैलन हो गई है। ये आंकड़े अमेरिकी परिवहन संघ (एएए) ने जारी किए हैं। डीजल का अन्य उद्योगों के अलावा व्यापक रूप से कृषि, निर्माण और परिवहन क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाता है। ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेजन ने यह भी कहा कि वह 17 अप्रैल से तीसरा पक्ष विक्रेताओं पर 3.5 प्रतिशत ईंधन अधिभार जोडऩे की योजना बना रही है। अमेरिकी डाक सेवा ने बुधवार को कहा कि वह अस्थायी रूप से आठ प्रतिशत का ईंधन अधिभार लगाने की कोशिश कर रही है। डाक सेवा ने अपनी वेबसाइट पर दी जानकारी में कहा कि  अगर डाक नियामक आयोग द्वारा मंजूरी दी जाती है, तो यह अधिभार 26 अप्रैल से लागू होगा और 17 जनवरी, 2027 तक जारी रहेगा। माना जा रहा है कि अगर ईरान के खिलाफ युद्ध लंबा खिंचता है, तो यह अमेरिका में आपूर्ति श्रृंखला में भी व्यवधान पैदा करेगा। न्यूयॉर्क की विश्लेषक रैशल जिएम्बा ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि अमेरिका इससे बच पाएगा। ये वैश्विक बाजार है।’’ ‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने जिएम्बा के हवाले से लिखा, ‘‘एक सप्ताह पहले भी विशेषज्ञ चिंतित थे, अब उनकी चिंता और बढ़ गई है।’’  शिकॉगो के फेडरल रिजर्व बैंक के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने कहा, ‘‘अगर परिवहन लागत बढऩा शुरू होती है, तो यह अन्य कीमतों पर भी असर दिखाएगी। तो मुझे लगता है कि यह निकट भविष्य में आप उपभोक्ताओं पर इसके असर को महसूस करेंगे। लोग पहले से ही जीवनयापन की बढ़ती लागत को लेकर चिंतित हैं।’’ 

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ईरान वॉर की वजह से अमेरिका में भी बढऩे लगी है महंगाई

 ईरान के खिलाफ युद्ध ने अमेरिकियों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने अपनी डिलिवरी पर ईंधन अधिभार की घोषणा की है और कुछ एयरलाइन कंपनियों ने ईंधन की ऊंची लागत की भरपाई के लिए ‘चेक-इन बैगेज’ पर शुल्क बढ़ा दिया है। अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत शुक्रवार को 4.09 अमेरिकी डॉलर प्रति गैलन पर पहुंच गई है। यह युद्ध से ठीक पहले की तुलना में एक डॉलर से अधिक है और अगस्त, 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। डीजल की लागत भी पिछले साल के 3.64 डॉलर प्रति गैलन से बढक़र शुक्रवार को 5.53 डॉलर प्रति गैलन हो गई है। ये आंकड़े अमेरिकी परिवहन संघ (एएए) ने जारी किए हैं। डीजल का अन्य उद्योगों के अलावा व्यापक रूप से कृषि, निर्माण और परिवहन क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाता है। ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेजन ने यह भी कहा कि वह 17 अप्रैल से तीसरा पक्ष विक्रेताओं पर 3.5 प्रतिशत ईंधन अधिभार जोडऩे की योजना बना रही है। अमेरिकी डाक सेवा ने बुधवार को कहा कि वह अस्थायी रूप से आठ प्रतिशत का ईंधन अधिभार लगाने की कोशिश कर रही है। डाक सेवा ने अपनी वेबसाइट पर दी जानकारी में कहा कि  अगर डाक नियामक आयोग द्वारा मंजूरी दी जाती है, तो यह अधिभार 26 अप्रैल से लागू होगा और 17 जनवरी, 2027 तक जारी रहेगा। माना जा रहा है कि अगर ईरान के खिलाफ युद्ध लंबा खिंचता है, तो यह अमेरिका में आपूर्ति श्रृंखला में भी व्यवधान पैदा करेगा। न्यूयॉर्क की विश्लेषक रैशल जिएम्बा ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि अमेरिका इससे बच पाएगा। ये वैश्विक बाजार है।’’ ‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने जिएम्बा के हवाले से लिखा, ‘‘एक सप्ताह पहले भी विशेषज्ञ चिंतित थे, अब उनकी चिंता और बढ़ गई है।’’  शिकॉगो के फेडरल रिजर्व बैंक के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने कहा, ‘‘अगर परिवहन लागत बढऩा शुरू होती है, तो यह अन्य कीमतों पर भी असर दिखाएगी। तो मुझे लगता है कि यह निकट भविष्य में आप उपभोक्ताओं पर इसके असर को महसूस करेंगे। लोग पहले से ही जीवनयापन की बढ़ती लागत को लेकर चिंतित हैं।’’ 


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