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15-04-2026

चीन का एक्सपोर्ट मार्च में 2.5% बढ़ा, पिछले दो महीनों की तुलना में काफी धीमा

  •  चीन का एक्सपोर्ट मार्च में सालाना आधार पर 2.5 प्रतिशत बढ़ा जो पिछले दो महीनों की तुलना में काफी धीमा रहा। ईरान युद्ध से ऊर्जा कीमतों तथा वैश्विक मांग पर प्रभाव से अनिश्चितता बढ़ गई है। चीन की सीमा शुल्क एजेंसी द्वारा मंगलवार को जारी मार्च के एक्सपोर्ट आंकड़े विश्लेषकों के अनुमानों से कम रहे। वहीं जनवरी-फरवरी में दर्ज 21.8 प्रतिशत की एक्सपोर्ट वृद्धि की तुलना में भी काफी नीचे हैं। इंपोर्ट पिछले महीने 27.8 प्रतिशत बढ़ा जो इस वर्ष के पहले दो महीनों में सालाना आधार पर 19.8 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि ईरान के साथ जारी युद्ध के प्रभाव से इस वर्ष चीनी एक्सपोर्ट की समग्र वैश्विक मांग प्रभावित हो सकती है। फ्रांसीसी बैंक नैटिक्सिस के एशिया प्रशांत क्षेत्र के वरिष्ठ अर्थशास्त्री गैरी एनजी ने कहा, ‘‘ईरान युद्ध के वैश्विक मांग और आपूर्ति शृंखलाओं पर असर पडऩे के कारण चीन के एक्सपोर्ट में गिरावट आई है।’’ बैंक ऑफ अमेरिका की प्रबंध निदेशक हेलेन कियाओ के नेतृत्व में अर्थशास्त्रियों ने एक हालिया शोध पत्र में लिखा कि जनवरी और फरवरी में चीन के एक्सपोर्ट में उल्लेखनीय वृद्धि के बावजूद युद्ध के मद्देनजर ऊर्जा संकट के कारण मांग में कमी आने के आसार हैं। विश्लेषक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मई में प्रस्तावित बीजिंग यात्रा पर भी करीबी नजर रख रहे हैं जहां वह चीन के नेता शी चिनफिंग से मुलाकात करेंगे। चीनी नेताओं ने 2026 के लिए वार्षिक आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य 4.5 से पांच प्रतिशत निर्धारित किया है जो 1991 के बाद से सबसे कम है। चीन ने मजबूत एक्सपोर्ट के दम पर 2025 के लिए अपने ‘‘ करीब पांच प्रतिशत ’’ आर्थिक वृद्धि लक्ष्य को हासिल कर लिया है। इसमें रिकॉर्ड उच्च स्तर का 1200 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार अधिशेष शामिल है। विश्लेषकों का कहना है कि एक्सपोर्ट इस वर्ष आर्थिक विस्तार को बनाए रखने के लिए एक प्रमुख चालक बना रहेगा क्योंकि चीन में संपत्ति क्षेत्र में लंबे समय से जारी मंदी ने घरेलू मांग एवं निवेश पर दबाव डाला है।

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चीन का एक्सपोर्ट मार्च में 2.5% बढ़ा, पिछले दो महीनों की तुलना में काफी धीमा

 चीन का एक्सपोर्ट मार्च में सालाना आधार पर 2.5 प्रतिशत बढ़ा जो पिछले दो महीनों की तुलना में काफी धीमा रहा। ईरान युद्ध से ऊर्जा कीमतों तथा वैश्विक मांग पर प्रभाव से अनिश्चितता बढ़ गई है। चीन की सीमा शुल्क एजेंसी द्वारा मंगलवार को जारी मार्च के एक्सपोर्ट आंकड़े विश्लेषकों के अनुमानों से कम रहे। वहीं जनवरी-फरवरी में दर्ज 21.8 प्रतिशत की एक्सपोर्ट वृद्धि की तुलना में भी काफी नीचे हैं। इंपोर्ट पिछले महीने 27.8 प्रतिशत बढ़ा जो इस वर्ष के पहले दो महीनों में सालाना आधार पर 19.8 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि ईरान के साथ जारी युद्ध के प्रभाव से इस वर्ष चीनी एक्सपोर्ट की समग्र वैश्विक मांग प्रभावित हो सकती है। फ्रांसीसी बैंक नैटिक्सिस के एशिया प्रशांत क्षेत्र के वरिष्ठ अर्थशास्त्री गैरी एनजी ने कहा, ‘‘ईरान युद्ध के वैश्विक मांग और आपूर्ति शृंखलाओं पर असर पडऩे के कारण चीन के एक्सपोर्ट में गिरावट आई है।’’ बैंक ऑफ अमेरिका की प्रबंध निदेशक हेलेन कियाओ के नेतृत्व में अर्थशास्त्रियों ने एक हालिया शोध पत्र में लिखा कि जनवरी और फरवरी में चीन के एक्सपोर्ट में उल्लेखनीय वृद्धि के बावजूद युद्ध के मद्देनजर ऊर्जा संकट के कारण मांग में कमी आने के आसार हैं। विश्लेषक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मई में प्रस्तावित बीजिंग यात्रा पर भी करीबी नजर रख रहे हैं जहां वह चीन के नेता शी चिनफिंग से मुलाकात करेंगे। चीनी नेताओं ने 2026 के लिए वार्षिक आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य 4.5 से पांच प्रतिशत निर्धारित किया है जो 1991 के बाद से सबसे कम है। चीन ने मजबूत एक्सपोर्ट के दम पर 2025 के लिए अपने ‘‘ करीब पांच प्रतिशत ’’ आर्थिक वृद्धि लक्ष्य को हासिल कर लिया है। इसमें रिकॉर्ड उच्च स्तर का 1200 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार अधिशेष शामिल है। विश्लेषकों का कहना है कि एक्सपोर्ट इस वर्ष आर्थिक विस्तार को बनाए रखने के लिए एक प्रमुख चालक बना रहेगा क्योंकि चीन में संपत्ति क्षेत्र में लंबे समय से जारी मंदी ने घरेलू मांग एवं निवेश पर दबाव डाला है।


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