TOP

ई - पेपर Subscribe Now!

ePaper
Subscribe Now!

Download
Android Mobile App

Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

03-04-2026

दिल्ली मेट्रो पार्किंग के लिए समाप्त हो चुके समझौते को बहाल करने को बाध्य नहीं : एनसीएलएटी

  •  राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने दिल्ली मेट्रो रेल निगम  (डीएमआरसी) को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि वह प्रतिभा इंडस्ट्रीज लिमिटेड (पीआईएल) के साथ एक स्टेशन पर बहुमंजिला पार्किंग के लिए हुए समझौते को दोबारा बहाल करने के लिए बाध्य नहीं है। अपीलीय न्यायाधिकरण ने 27 मार्च के अपने आदेश में कहा कि चूंकि प्रतिभा इंडस्ट्रीज के साथ यह समझौता एक सितंबर, 2017 को ही समाप्त कर दिया गया था, जो कि कंपनी के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू होने से बहुत पहले का समय है, इसलिए दिल्ली मेट्रो इस समझौते को दोबारा शुरू करने के लिए बाध्य नहीं है।दोनों पक्षों के बीच यह समझौता एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन-सह-एयरपोर्ट टर्मिनल पर व्यावसायिक गतिविधियों के साथ बहुमंजिला पार्किंग बनाने के लिए हुआ था। चेयरपर्सन न्यायमूर्ति अशोक भूषण और सदस्य (तकनीकी) बरुण मित्रा की पीठ ने एनसीएलटी के 11 सितंबर, 2025 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें दिल्ली मेट्रो को निर्देश दिया गया था कि वह सफल बोलीदाता की कंपनी बचाने की समाधान योजना के तहत पुराने समझौते को दोबारा शुरू करे। पीठ ने स्पष्ट किया कि चूंकि दिल्ली मेट्रो इस दिवाला समाधान प्रक्रिया का हिस्सा नहीं थी, इसलिए न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) उसे इस समझौते के संदर्भ में कोई निर्देश जारी नहीं कर सकता था। 

Share
दिल्ली मेट्रो पार्किंग के लिए समाप्त हो चुके समझौते को बहाल करने को बाध्य नहीं : एनसीएलएटी

 राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने दिल्ली मेट्रो रेल निगम  (डीएमआरसी) को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि वह प्रतिभा इंडस्ट्रीज लिमिटेड (पीआईएल) के साथ एक स्टेशन पर बहुमंजिला पार्किंग के लिए हुए समझौते को दोबारा बहाल करने के लिए बाध्य नहीं है। अपीलीय न्यायाधिकरण ने 27 मार्च के अपने आदेश में कहा कि चूंकि प्रतिभा इंडस्ट्रीज के साथ यह समझौता एक सितंबर, 2017 को ही समाप्त कर दिया गया था, जो कि कंपनी के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू होने से बहुत पहले का समय है, इसलिए दिल्ली मेट्रो इस समझौते को दोबारा शुरू करने के लिए बाध्य नहीं है।दोनों पक्षों के बीच यह समझौता एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन-सह-एयरपोर्ट टर्मिनल पर व्यावसायिक गतिविधियों के साथ बहुमंजिला पार्किंग बनाने के लिए हुआ था। चेयरपर्सन न्यायमूर्ति अशोक भूषण और सदस्य (तकनीकी) बरुण मित्रा की पीठ ने एनसीएलटी के 11 सितंबर, 2025 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें दिल्ली मेट्रो को निर्देश दिया गया था कि वह सफल बोलीदाता की कंपनी बचाने की समाधान योजना के तहत पुराने समझौते को दोबारा शुरू करे। पीठ ने स्पष्ट किया कि चूंकि दिल्ली मेट्रो इस दिवाला समाधान प्रक्रिया का हिस्सा नहीं थी, इसलिए न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) उसे इस समझौते के संदर्भ में कोई निर्देश जारी नहीं कर सकता था। 


Label

PREMIUM

CONNECT WITH US

X
Login
X

Login

X

Click here to make payment and subscribe
X

Please subscribe to view this section.

X

Please become paid subscriber to read complete news