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08-04-2026

चीन ने 15 दिन में दूसरी बार बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम

  •  पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेजी के बीच चीन ने करीब 15 में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने की घोषणा की है। चीन की शीर्ष आर्थिक योजना संस्था राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग (एनडीआरसी) ने मंगलवार को कहा कि कीमतों में यह नई वृद्धि बुधवार से लागू होगी। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध को लेकर संभावित ईंधन संकट की आशंकाओं के बीच चीन ने इससे पहले 23 मार्च को भी पेट्रोल व डीजल की कीमतें बढ़ाई थीं। एनडीआरसी ने बयान में कहा कि मार्च के अंत में घरेलू तेल कीमतों में किए गए समायोजन के बाद अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। नियंत्रण उपायों के तहत पेट्रोल की कीमत में 420 युआन (61 डॉलर) प्रति टन और डीजल की कीमत में 400 युआन (58 डॉलर) प्रति टन की वृद्धि की जाएगी। आयोग ने चीन नेशनल पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, चाइना पेट्रोकेमिकल कॉरपोरेशन और चाइना नेशनल ऑफशोर ऑयल कॉरपोरेशन सहित अन्य रिफाइनरियों को उत्पादन बनाए रखने एवं परिवहन सुचारु करने का निर्देश दिया है ताकि आपूर्ति स्थिर बनी रहे। एनडीआरसी ने संबंधित अधिकारियों से बाजार निगरानी एवं निरीक्षण को और सख्त करने को भी कहा है। राष्ट्रीय मूल्य नीति का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाने चाहिए ताकि बाजार व्यवस्था बनी रहे। खबरों के अनुसार, चीन के पास लगभग चार महीने का आपात तेल भंडार है। चीन अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 70' आयात करता है। इनमें से 45% आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाले मार्गों से जुड़ा है यानी उसकी कुल तेल आपूर्ति का करीब 30' हिस्सा इस मार्ग पर निर्भर है। विश्लेषकों का कहना है कि चीन की ऊर्जा खपत एवं बिजली उत्पादन के मिश्रण को देखते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान से ऊर्जा आपूर्ति पर उसका असर अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और एशियाई देशों की तुलना में कम हो सकता है। चीन के पास रूस से जुड़ी गैस पाइपलाइन भी हैं और उसने मॉस्को के साथ दीर्घकालिक ऊर्जा आपूर्ति समझौते कर रखे हैं।

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चीन ने 15 दिन में दूसरी बार बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम

 पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेजी के बीच चीन ने करीब 15 में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने की घोषणा की है। चीन की शीर्ष आर्थिक योजना संस्था राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग (एनडीआरसी) ने मंगलवार को कहा कि कीमतों में यह नई वृद्धि बुधवार से लागू होगी। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध को लेकर संभावित ईंधन संकट की आशंकाओं के बीच चीन ने इससे पहले 23 मार्च को भी पेट्रोल व डीजल की कीमतें बढ़ाई थीं। एनडीआरसी ने बयान में कहा कि मार्च के अंत में घरेलू तेल कीमतों में किए गए समायोजन के बाद अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। नियंत्रण उपायों के तहत पेट्रोल की कीमत में 420 युआन (61 डॉलर) प्रति टन और डीजल की कीमत में 400 युआन (58 डॉलर) प्रति टन की वृद्धि की जाएगी। आयोग ने चीन नेशनल पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, चाइना पेट्रोकेमिकल कॉरपोरेशन और चाइना नेशनल ऑफशोर ऑयल कॉरपोरेशन सहित अन्य रिफाइनरियों को उत्पादन बनाए रखने एवं परिवहन सुचारु करने का निर्देश दिया है ताकि आपूर्ति स्थिर बनी रहे। एनडीआरसी ने संबंधित अधिकारियों से बाजार निगरानी एवं निरीक्षण को और सख्त करने को भी कहा है। राष्ट्रीय मूल्य नीति का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाने चाहिए ताकि बाजार व्यवस्था बनी रहे। खबरों के अनुसार, चीन के पास लगभग चार महीने का आपात तेल भंडार है। चीन अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 70' आयात करता है। इनमें से 45% आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाले मार्गों से जुड़ा है यानी उसकी कुल तेल आपूर्ति का करीब 30' हिस्सा इस मार्ग पर निर्भर है। विश्लेषकों का कहना है कि चीन की ऊर्जा खपत एवं बिजली उत्पादन के मिश्रण को देखते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान से ऊर्जा आपूर्ति पर उसका असर अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और एशियाई देशों की तुलना में कम हो सकता है। चीन के पास रूस से जुड़ी गैस पाइपलाइन भी हैं और उसने मॉस्को के साथ दीर्घकालिक ऊर्जा आपूर्ति समझौते कर रखे हैं।


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