सरकार नए लेबर कोड के तहत गिग और प्लैटफॉर्म वर्कर को सोशल सिक्योरिटी मुहैया कराने पर काम कर रही है। इसके लिए फंड मैनेजर्स की सलाह से स्कीम तैयार की जा रही हैं। साथ ही, सभी ई-कॉमर्स प्लैटफॉम्र्स से सरकार ने कहा है कि वे 22 जून तक अपने यहां काम करने वाले सभी गिग वर्कर को ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर करा दें। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में संयुक्त सचिव आशुतोष ए टी पेडनेकर ने ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ एंप्लॉयर्स की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहा कि वर्कफोर्स के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं और इन सभी प्लैटफॉम्र्स को अपने वर्कर्स की जानकारी 22 जून तक मंत्रालय के ई-श्रम पोर्टल पर देनी है। उन्होंने कहा, सोशल सिक्योरिटी कोड के नियमों को गिग वर्कर के लिए लागू करने की प्रक्रिया जारी है। प्लैटफॉर्म वर्कर के लिए सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स तैयार करने में फंड मैनेजर्स की मदद ली जा रही है। नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2030 तक देश में गिग वर्कर की संख्या ढाई करोड़ के पार जा सकती है, जो अभी एक करोड़ के करीब है। सोशल सिक्योरिटी कोड 8 मई को नोटिफाई किया गया था।