ग्लोबल इंवेस्टमेंट मार्केट की पांच महीने तक चली हाई फ्लाइट अचानक क्रेशलैंड हो गई लगती है। एआई चिप (सेमीकंडक्टर) से लेकर गोल्ड और सिल्वर तक जो 2026 के पहले पांच महीनों में ग्लोबल इंवेस्टर्स के ब्लू आइड ब्वॉय (लाड़ला) बने हुए थे अचानक नजरों से उतरने लगे हैं। शुक्रवार को इंटरनेशनल मार्केट में एआई सेमीकंडक्टर चिप कंपनियों की जो धुनाई हुई कि अकेले अमेरिकी मार्केट से ही 1.3 ट्रिलियन डॉलर साफ हो गए। इसमें यदि कोरिया और ताईवान के मार्केट्स को जोड़ दें तो घाटा और भी बड़ा हो जाता है। इसी तरह गोल्ड और सिल्वर में भी भयंकर गिरावट का दौर चल रहा है। गोल्ड के ग्लोबल मार्केट का वेल्यूएशन 23 ट्रिलियन डॉलर है और इसमें पीक लेवल से 22.4 परसेंट का बड़ा करेक्शन आ चुका है जिससे इसका गोल्ड मार्केट का ग्लोबल वेल्यूएशन 5.1 ट्रिलियन डॉलर घट चुका है। इसी तरह सिल्वर का ग्लोबल मार्केट 2-2.5 ट्रिलियन डॉलर का है और पीक लेवल से 39% की गिरावट के हिसाब से सिल्वर वेल्यूएशन में करीब 1 ट्रिलियन डॉलर की कमी आ चुकी है। आप जानते हैं एआई चिप की डिमांड बूम के कारण साउथ कोरिया की दो कंपनियां सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाईनिक्स का मार्केट कैप 1 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया था। हालांकि एआई चिप की डिमांड में अभी बूम है लेकिन ओवरप्राइस्ड वेल्यूएशन के कारण इस सैक्टर को ग्लोबल इंवेस्टर का डूम (कहें तो बेरुखी या विनाश) झेलनी पड़ रहा है। अमेरिकी शेयर बाजार में 5 जून को सेमीकंडक्टर और एआई कंपनियों में बिकवाली का ऐसा तूफान आया कि कोविड के बाद चिप इंडस्ट्री में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह तूफान इतना भयंकर था कि एआई रेवॉल्यूशन के फ्लेगबियरर (झंडावाहक) एनवीडिया, माइक्रोन टेक्नोलॉजी, एएमडी, ब्रॉडकॉम, सैमसंग और एसके हाईनिक्स तक सब उड़ गए। साथ में लगी टेबल से पता चलता है कि एनवीडिया के मार्केट कैप में 302 बिलियन डॉलर की कमी आई है और सैमसंग के मार्केट कैप में 101 बिलियन डॉलर की। इस ...सेल... की शुरुआत ब्रॉडकॉम के कस्टम एआई चिप बिजनस की डिमांड उम्मीद से कहीं कम रहने की रिपोर्ट से हुई।
\एआई बूम की उम्मीद में इंवेस्टर्स ने चिप कंपनियों के शेयरों को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया था। एनेलिस्ट्स के अनुसार अमेरिका में इंटरेस्ट रेट्स लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका है जिसे हाई-वैल्यूएशन टेक्नोलॉजी शेयरों के लिए निगेटिव माना जा रहा है। एआई डेटा सेंटरों में इंवेस्टमेंट लगातार बढ़ रहा है। एडवांस्ड ग्राफिक्स प्रोसेसर, हाई-बैंडविड्थ मेमोरी और एआई सर्वर की डिमांड लगातार बढ़ रही है। सैमसंग की हाई-बैंडविड्थ मेमोरी के शिपमेंट 2026 में 124 परसेंट बढ़ सकते है। गोल्ड एंड सिल्वर पर घट रहा भरोसा : बात सिर्फ एआई और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की ही नहीं है। गोल्ड और सिल्वर जैसे बूम पर सवार प्रेशियल मेटल भी घोड़े से उतर रहे हैं। 6 जून 2026 को देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट गोल्ड लगभग 30,500 रुपये तक टूट गया। तीन दिनों में कुल गिरावट करीब 35 हजार तक पहुंच गई। दूसरी ओर सिल्वर पर भी भयंकर प्रेशर पड़ रहा है और ईवी से लेकर सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स की हाई डिमांड के तर्क टिक नहीं पा रहे हैं। एक ही दिन में सिल्वर में लगभग 10 हजार रुपये की गिरावट आई और भाव 2.65 लाख प्रति किलो के आसपास रह गए। इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 2026 के अपने सबसे निचले स्तर 4,330 डॉलर प्रति आउंस तक फिसल गया और सप्ताह भर में लगभग 4 परसेंट टूट गया। वहीं स्पॉट सिल्वर में एक दिन में करीब 9 परसेंट की भारी गिरावट दर्ज की गई। इंटरनेशनल मार्केट में 5 जून 2026 को सिल्वर लगभग $73 प्रति ट्रॉय आउंस तक गिर गई। गोल्ड ईटीएफ में मई में नेट आउटफ्लो दर्ज किया गया। इंवेस्टर्स द्वारा प्रोफिट बुकिंग के कारण गोल्ड ईटीएफ में से लगभग 520 करोड़ रुपये (161 मिलियन डॉलर) की शुद्ध निकासी हुई और कुल होल्डिंग घटकर 116.3 टन रह गई। दूसरी ओर देश की तीन बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनियों एचडीएफसी म्युचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड और निप्पॉन इंडिया म्युचुअल फंड ने गोल्ड फंड्स में बड़े निवेश को बैन कर दिया है। वर्ष 2026 में अब तक गोल्ड ईटीएफ में कुल 3.48 बि. डॉलर (लगभग 30 हजार करोड़) का शुद्ध हुआ है।
