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04-05-2026

चक्कर आना और सिर घूमना एक नहीं, जानें दोनों में क्या है फर्क

  •  हममें से लगभग हर व्यक्ति ने कभी न कभी चक्कर आने की समस्या जरूर महसूस की होगी। कभी अचानक खड़े होने पर सिर हल्का लगने लगता है, तो कभी ऐसा महसूस होता है, जैसे शरीर अपना संतुलन खो रहा है। कई लोग इसे सामान्य बात मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल में यह दो अलग-अलग मेडिकल स्थितियों से जुड़ा हो सकता है, पहला डिजीनेस और दूसरा वर्टिगो। देखने में ये दोनों एक जैसे लगते हैं, लेकिन इनमें अंतर होता है। मेडिकल साइंस के मुताबिक, ‘डिजीनेस’ एक सामान्य शब्द है, जिसका मतलब होता है हल्का चक्कर, कमजोरी या असंतुलन महसूस होना। इसमें जरूरी नहीं कि चीजें घूमती हुई लगें। कई बार व्यक्ति को ऐसा लगता है, जैसे वह गिर सकता है या उसे स्थिर खड़े रहने में परेशानी हो रही है। यह समस्या कई छोटे कारणों से हो सकती है। सबसे आम कारणों में शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन शामिल है। जब शरीर में पानी कम हो जाता है, तो ब्लड प्रेशर गिर सकता है और दिमाग तक सही मात्रा में रक्त नहीं पहुंच पाता, जिससे चक्कर आने लगता है। इसी तरह अगर किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर अचानक कम हो जाए, तो भी उसे कमजोरी और चक्कर महसूस हो सकते हैं। यह खासकर उन लोगों में ज्यादा देखा जाता है, जो लंबे समय तक खाना नहीं खाते या डायबिटीज के मरीज होते हैं। इसके अलावा, अचानक बैठने या लेटने से खड़े होने पर ब्लड प्रेशर गिर जाना भी एक आम कारण है, जिसे पोस्टुरल हाइपोटेंशन कहा जाता है। एनीमिया यानी शरीर में रक्त की कमी होने पर भी दिमाग को ऑक्सीजन कम मिलती है, जिससे चक्कर आने लगते हैं। मानसिक तनाव और चिंता भी इस समस्या को बढ़ा सकते हैं। कई बार कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट भी डिजीनेस का कारण बनते हैं। अब बात करते हैं ‘वर्टिगो’ की, जो डिजीनेस से अलग स्थिति होती है। वर्टिगो में व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है जैसे वह खुद या उसके आसपास की चीजें घूम रही हों, जबकि असल में सब कुछ स्थिर होता है। यह एक अलग तरह का चक्कर है जो शरीर के संतुलन सिस्टम में गड़बड़ी के कारण होता है। वर्टिगो का सबसे आम कारण कान के अंदर मौजूद संतुलन प्रणाली में समस्या होती है। इसे बीपीपीवी कहा जाता है। इसमें सिर की हल्की सी मूवमेंट से भी अचानक तेज चक्कर आने लगता है। कुछ मामलों में कान का संक्रमण या अंदरूनी कान की बीमारी भी इसकी वजह बन सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर समस्या हल्की है तो कुछ आसान सावधानियों से राहत मिल सकती है। जैसे पर्याप्त पानी पीना, लंबे समय तक खाली पेट न रहना और अचानक तेजी से खड़े न होना। चक्कर आने पर तुरंत बैठ जाना या लेट जाना चाहिए ताकि गिरने से चोट न लगे। हालांकि, अगर चक्कर के साथ तेज सिरदर्द, बोलने में दिक्कत, नजर धुंधली होना या कमजोरी महसूस हो, तो यह गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

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चक्कर आना और सिर घूमना एक नहीं, जानें दोनों में क्या है फर्क

 हममें से लगभग हर व्यक्ति ने कभी न कभी चक्कर आने की समस्या जरूर महसूस की होगी। कभी अचानक खड़े होने पर सिर हल्का लगने लगता है, तो कभी ऐसा महसूस होता है, जैसे शरीर अपना संतुलन खो रहा है। कई लोग इसे सामान्य बात मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल में यह दो अलग-अलग मेडिकल स्थितियों से जुड़ा हो सकता है, पहला डिजीनेस और दूसरा वर्टिगो। देखने में ये दोनों एक जैसे लगते हैं, लेकिन इनमें अंतर होता है। मेडिकल साइंस के मुताबिक, ‘डिजीनेस’ एक सामान्य शब्द है, जिसका मतलब होता है हल्का चक्कर, कमजोरी या असंतुलन महसूस होना। इसमें जरूरी नहीं कि चीजें घूमती हुई लगें। कई बार व्यक्ति को ऐसा लगता है, जैसे वह गिर सकता है या उसे स्थिर खड़े रहने में परेशानी हो रही है। यह समस्या कई छोटे कारणों से हो सकती है। सबसे आम कारणों में शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन शामिल है। जब शरीर में पानी कम हो जाता है, तो ब्लड प्रेशर गिर सकता है और दिमाग तक सही मात्रा में रक्त नहीं पहुंच पाता, जिससे चक्कर आने लगता है। इसी तरह अगर किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर अचानक कम हो जाए, तो भी उसे कमजोरी और चक्कर महसूस हो सकते हैं। यह खासकर उन लोगों में ज्यादा देखा जाता है, जो लंबे समय तक खाना नहीं खाते या डायबिटीज के मरीज होते हैं। इसके अलावा, अचानक बैठने या लेटने से खड़े होने पर ब्लड प्रेशर गिर जाना भी एक आम कारण है, जिसे पोस्टुरल हाइपोटेंशन कहा जाता है। एनीमिया यानी शरीर में रक्त की कमी होने पर भी दिमाग को ऑक्सीजन कम मिलती है, जिससे चक्कर आने लगते हैं। मानसिक तनाव और चिंता भी इस समस्या को बढ़ा सकते हैं। कई बार कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट भी डिजीनेस का कारण बनते हैं। अब बात करते हैं ‘वर्टिगो’ की, जो डिजीनेस से अलग स्थिति होती है। वर्टिगो में व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है जैसे वह खुद या उसके आसपास की चीजें घूम रही हों, जबकि असल में सब कुछ स्थिर होता है। यह एक अलग तरह का चक्कर है जो शरीर के संतुलन सिस्टम में गड़बड़ी के कारण होता है। वर्टिगो का सबसे आम कारण कान के अंदर मौजूद संतुलन प्रणाली में समस्या होती है। इसे बीपीपीवी कहा जाता है। इसमें सिर की हल्की सी मूवमेंट से भी अचानक तेज चक्कर आने लगता है। कुछ मामलों में कान का संक्रमण या अंदरूनी कान की बीमारी भी इसकी वजह बन सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर समस्या हल्की है तो कुछ आसान सावधानियों से राहत मिल सकती है। जैसे पर्याप्त पानी पीना, लंबे समय तक खाली पेट न रहना और अचानक तेजी से खड़े न होना। चक्कर आने पर तुरंत बैठ जाना या लेट जाना चाहिए ताकि गिरने से चोट न लगे। हालांकि, अगर चक्कर के साथ तेज सिरदर्द, बोलने में दिक्कत, नजर धुंधली होना या कमजोरी महसूस हो, तो यह गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।


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