कंसीलिंग, शाम की आउटिंग के लिए फाउंडेशन लगाना या किसी पार्टी के लिए आईलाइनर लगाना, पुरुष अब मेकअप को सिर्फ फैशन स्टेटमेंट नहीं, बल्कि गू्रमिंग का हिस्सा मान रहे हैं। कंसीलर और बीबी क्रीम से लेकर टिंटेड मॉइश्चराइजर, ब्रो जेल और लिप टिंट तक, पुरुषों के लिए ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है और ब्यूटी इंडस्ट्री में सबसे तेज ग्रोथ वाले सेगमेंट में शामिल है। फ्यूचर मार्केट इनसाइट्स के अनुसार, ग्लोबल मेल कलर कॉस्मेटिक्स मार्केट की वैल्यू 2025 में 19.7 बिलियन थी और 2036 तक इसके $55.1 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान 9.8 प्रतिशत की सीएजीआर से ग्रोथ की उम्मीद है। फाउंडेशन की हिस्सेदारी मार्केट की करीब एक-तिहाई रहने का अनुमान है, जबकि नेचुरल और ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स 40 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी हासिल कर सकते हैं। भारत भी पीछे नहीं है। आईएमआरसी गु्रप के अनुसार, भारत का मेल गू्रमिंग प्रोडक्ट्स मार्केट 2025 में $2.45 बिलियन तक पहुंच चुका है और 2034 तक इसके 4.46 बिलियन होने का अनुमान है। 2026-2034 के दौरान 6.66 प्रतिशत की सीएजीआर से ग्रोथ की उम्मीद है। हालांकि कैटेगरी परंपरागत रूप से शेविंग प्रोडक्ट्स, डियोड्रेंट्स और फ्रेगरेंस पर केंद्रित रही है, लेकिन अब नए ब्रांड कंसीलर, बीबी क्रीम, टिंटेड मॉइस्चराइजर और स्पॉट-करेक्शन स्टिक्स जैसे प्रोडक्ट्स के साथ इस स्पेस में उतर रहे हैं। अहमदाबाद बेस्ड यान, जिसकी स्थापना 2021 में मानव शाह ने की और राहुल शाह तथा शंक तंक इंडिया ने इसका समर्थन किया, इस स्पेस में शुरुआती मूवर्स में से एक है। कंपनी तेजी से बढ़ी है। 2024 में 1 करोड़ रुपये के रेवेन्यू से बढक़र इस साल 13 करोड़ रुपये से ज्यादा रेवेन्यू की उम्मीद है, जबकि प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ऑनलाइन बिक्री में मजबूत ग्रोथ दर्ज हुई है। कंपनी के को-फाउंडर ने कहा कि पुरुष अब सिर्फ छूट के पीछे नहीं भाग रहे, बल्कि प्रीमियम प्रोडक्ट्स के लिए भुगतान करने को तैयार हैं। ग्राहक सिर्फ सस्ता विकल्प नहीं, बल्कि खास तौर पर पुरुषों की त्वचा के लिए डिजाइन किए गए प्रोडक्ट्स चाहते हैं। कंज्यूमर बिहेवियर भी तेजी से बदल रहा है। 40 प्रतिशत पुरुषों ने 2024 में नया गू्रमिंग प्रोडक्ट खरीदा, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 33 प्रतिशत था। कंपनी का टारगेट 24 से 35 साल की उम्र के पुरुष हैं, जो नए प्रोडक्ट्स आजमाने के लिए तैयार हैं और पुराने जेंडर स्टीरियोटाइप्स से अब ज्यादा बंधे नहीं हैं। लगभग चार में से एक पुरुष ऑनलाइन ब्यूटी शॉपर ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखने के बाद प्रोडक्ट खरीदे हैं, जबकि 78 प्रतिशत पुरुषों का मानना है कि वे महिलाओं की तरह ही अपनी अपीयरेंस को लेकर चिंतित रहते हैं। पुरुषों के कॉस्मेटिक्स का बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है। मिंटेल के अनुमान के मुताबिक, भारत में रिटेल बिक्री 2024 के 13,300 करोड़ रुपये से बढक़र 2025 में 15,100 करोड़ रुपये हो गई और 2030 तक यह कैटेगरी 27,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। रिसर्च में भारतीय पुरुषों के बीच बढ़ती स्वीकार्यता भी सामने आई है। करीब एक-तिहाई पुरुषों ने गत एक वर्ष में नया पर्सनल केयर प्रोडक्ट खरीदा, जबकि 32 प्रतिशत पुरुषों ने मेकअप ब्रांड्स के नए विकल्प तलाशने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया। जैसे ब्रांड्स अब पुरुषों के लिए खास प्रोडक्ट पेश कर रहे हैं। इनमें कॉम्प्लेक्शन, कंसीलर, हाई-इम्पैक्ट कवरेज, लाइटवेट फिनिश, विटामिन और कवर डार्क सर्कल्स जैसे विकल्प शामिल हैं। दुनियाभर में लग्जरी और मास-मार्केट कंपनियों ने भी पुरुषों के कॉस्मेटिक्स को अपनाना शुरू कर दिया है। हालांकि यह अवसर सिर्फ मेकअप तक सीमित नहीं है। अमेरिका का पुरुषों का पर्सनल केयर बाजार 2027 तक करीब 78 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। सोशल मीडिया इस बदलाव का बड़ा जरिया बनकर उभरा है। जेंडर को लेकर पुराना कलंक धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और युवा मिलेनियल्स के बीच यह बदलाव साफ दिख रहा है। यह ट्रेंड बड़े महानगरों से निकलकर छोटे शहरों तक भी पहुंच रहा है।एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पुरुषों की गू्रमिंग में 65 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सनस्क्रीन की सर्च 3.2 गुना बढ़ी, जबकि फ्रेगरेंस की सर्च में 3.4 गुना और फेस वॉश की सर्च में 2.4 गुना उछाल आया है। पुरुषों के फेस वॉश की बिक्री में भी तेजी देखने को मिली है। कॉम्प्लेक्शन प्रोडक्ट्स के बाद लिप केयर भी पुरुषों के बीच तेजी से बढ़ती कैटेगरी बन रही है। स्थापित भारतीय ब्यूटी ब्रांड्स के लिए भी यह बदलाव व्यापक जेंडर-इंक्लूसिव ब्यूटी मूवमेंट का हिस्सा है। पुरुषों के बीच ब्यूटी क्रिएटर्स की बढ़ती संख्या भी इस बदलाव को सामान्य बना रही है।