स्मार्टफोन ने भारत में स्ट्रीमिंग की पहली लहर को रफ्तार दी, लेकिन अब एंटरटेनमेंट की अगली बड़ी कहानी टीवी स्क्रीन पर लिखी जा रही है। खास बात यह है कि स्मार्ट टीवी अब सिर्फ बड़े शहरों और मेट्रो तक सीमित नहीं रहा। छोटे शहरों, कस्बों और गांवों में भी कनेक्टेड टीवी तेजी से लोगों की पसंद बन रहा है। कंटार की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के हर तीन कनेक्टेड टीवी यूजर्स में से करीब एक ग्रामीण इलाके से है। छोटे शहरों में लोग स्मार्ट टीवी पर ज्यादा समय बिता रहे हैं। लाइव रीजनल एंटरटेनमेंट, फिल्में और फैमिली प्रोग्राम एक साथ देखने का चलन बढ़ रहा है। इससे कंटेंट कंपनियों और ब्रांड्स के लिए छोटे शहरों का बाजार तेजी से बड़ा हो रहा है।
68 मिलियन टीवी इंटरनेट से जुड़े
फिक्की-ईवाय मीडिया एंड एंटरटेनमेंट रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत में करीब 68 मिलियन यूनिक कनेक्टेड टीवी सेट हर महीने इंटरनेट से जुड़े। इनमें करीब 40 मिलियन टीवी हर सप्ताह इंटरनेट से कनेक्ट हुए। 2024 में यह संख्या करीब 30 मिलियन थी। यानी सिर्फ एक साल में कनेक्टेड टीवी का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2028 तक भारत में एक्टिव कनेक्टेड टीवी होम्स की संख्या करीब 67 मिलियन पहुंच सकती है। वहीं ब्रॉडबैंड की पहुंच भी 90 मिलियन से ज्यादा घरों तक पहुंचने का अनुमान है। सस्ता इंटरनेट और बेहतर कनेक्टिविटी स्मार्ट टीवी की ग्रोथ को और तेज कर रहे हैं। कंटार के मुताबिक, जो सीटीवी दर्शक लीनियर टीवी नहीं देखते, उनमें 60 फीसदी से ज्यादा छोटे शहरों और ग्रामीण बाजारों से आते हैं। इसका मतलब साफ है कि कनेक्टेड टीवी अब सिर्फ प्रीमियम और अर्बन ऑडियंस का माध्यम नहीं रहा। यह धीरे-धीरे मास रीच प्लेटफॉर्म बन रहा है। मेट्रो शहरों में स्मार्ट टीवी पर देखने का तरीका ज्यादा पर्सनलाइज्ड है। यहां यूजर्स के पास कई ओटीटी सब्सक्रिप्शन होते हैं और वे वेब सीरीज जैसे कंटेंट ज्यादा देखते हैं। दूसरी तरफ छोटे शहरों और गांवों में टीवी अभी भी पूरे परिवार की स्क्रीन है। यहां रीजनल फिल्में, टीवी शो और लाइव एंटरटेनमेंट ज्यादा देखे जाते हैं।
रीजनल कंटेंट बना गेमचेंजर
छोटे शहरों में स्थानीय भाषा और बोली में कंटेंट की बढ़ती डिमांड स्मार्ट टीवी की ग्रोथ को नया बूस्ट दे रही है। रीजनल ओटीटी प्लेटफॉर्म, स्थानीय कलाकारों और सेलिब्रिटी वाली फिल्मों ने इस ट्रेंड को और मजबूत किया है। यानी आने वाले समय में रीजनल कंटेंट + बड़ी टीवी स्क्रीन का कॉम्बिनेशन बड़ा बाजार बना सकता है। फ्रोडोह के अनुमान के मुताबिक, टीयर टू और टीयर थ्री शहरों में कनेक्टेड टीवी की पैठ करीब 32-37 फीसदी तक पहुंच चुकी है। इन शहरों में बड़े स्क्रीन वाले टीवी की डिमांड भी बढ़ रही है। बड़े घरों और लिविंग रूम में फैमिली व्यूइंग के चलते बड़ी स्क्रीन का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। किफायती स्मार्ट टीवी, बेहतर ब्रॉडबैंड, सस्ता डेटा और एंटरटेनमेंट के बंडल पैकेज ने स्मार्ट टीवी को आम कंज्यूमर के लिए ज्यादा आसान बना दिया है। अब स्मार्ट टीवी खरीदना सिर्फ प्रीमियम लाइफस्टाइल का हिस्सा नहीं, बल्कि घर के रोजमर्रा के एंटरटेनमेंट का हिस्सा बनता जा रहा है।
मोबाइल के बाद अब लिविंग रूम की बारी
भारत में डिजिटल कंटेंट की खपत लंबे समय तक मोबाइल स्क्रीन के आसपास घूमती रही। अब यह तस्वीर बदल रही है। स्मार्ट टीवी के बढ़ते इस्तेमाल के साथ कंटेंट पर्सनल मोबाइल स्क्रीन से निकलकर पूरे परिवार के लिविंग रूम तक पहुंच रहा है। यही बदलाव स्मार्ट टीवी को भारत के अगले बड़े डिजिटल ग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित कर सकता है। खासकर छोटे शहरों और गांवों में बढ़ती पहुंच को देखते हुए आने वाले वर्षों में सीटीवी का असली मास मार्केट मेट्रो के बाहर बनता नजर आ रहा है।