गोवा आने वाले ट्यूरिस्ट की संख्या में गत कुछ वर्षों में तेज वृद्धि हुई है। घरेलू पर्यटकों की संख्या 2022 के करीब 70.19 लाख से बढक़र 2025 में 1.03 करोड़ से अधिक हो गई, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या गत वर्ष पांच लाख के पार पहुंच गई। राज्य सरकार ने विधानसभा में यह जानकारी दी है। पर्यटन मंत्री रोहन खौंटे की तरफ से हाल में संपन्न मानसून सत्र में पेश आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2022 में 70,18,945 घरेलू और 1,69,005 विदेशी पर्यटक गोवा आए थे। डोमेस्टिक ट्यूरिस्ट की संख्या 2023 में बढक़र 81,75,460 और 2024 में 99,41,285 हो गई। वहीं, 2025 में यह संख्या बढक़र 1,02,84,608 पहुंच गई। गोवा आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या भी 2023 के 4,52,702 से बढक़र 2024 में 4,67,911 और 2025 में 5,17,802 हो गई। वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में भी गोवा आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है। इस दौरान 59,01,769 घरेलू और 2,36,113 विदेशी पर्यटक आए। इस तरह जनवरी-जुलाई में कुल पर्यटकों की संख्या 61.37 लाख से अधिक रही। राज्य सरकार ने कहा कि पर्यटन राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में प्रत्यक्ष रूप से अनुमानित 16.43 प्रतिशत का योगदान देता है। हालांकि, पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या से बुनियादी ढांचे, प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय समुदायों पर दबाव पड़ सकता है। राज्य सरकार ने पर्यटकों को पारंपरिक तटीय इलाकों से हटाकर राज्य के अंदरूनी इलाकों तक पहुंचाने के लिए ‘गोवा बियॉन्ड बीचेज’ पहल शुरू की है। इसके तहत मानसून, ग्रामीण क्षेत्र, विरासत, संस्कृति और अनुभव आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने कहा कि गोवा देश का पहला ऐसा राज्य भी बन गया है जिसने ‘रिजनरेटिव ट्यूरिज्म’ को अपनाया है। इसका उद्देश्य पर्यावरणीय नुकसान कम करने के साथ प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय समुदायों और पर्यटन स्थलों की स्थिति में सुधार करना है।