TOP

ई - पेपर Subscribe Now!

ePaper
Subscribe Now!

Download
Android Mobile App

Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

19-09-2026

दिवाली से पहले इन्डियन फूड प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट की डिमांड में तेजी

  •  दिवाली से पहले भारत से खाद्य एवं पेय पदार्थों के एक्सपोर्ट की डिमांड में सकारात्मक रुख दिख रहा है और अंतरराष्ट्रीय खरीदार पारंपरिक भारतीय खाद्य तथा तुरंत खाए जा सकने वाले उत्पादों में काफी रुचि दिखा रहे हैं। उद्योग निकाय टीपीसीआई के एक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी है। ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टीपीसीआई) ने कहा कि त्योहारों के मौसम में पारंपरिक मिठाइयों, नमकीन, चावल, मसालों, अचार, घी, दालों और भारत में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बनी हुई है। सर्वेक्षण में मांग का सकारात्मक परिदृश्य सामने आया है। इसमें औसत वृद्धि करीब छह प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जबकि कई खरीदारों को गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की उम्मीद है। तुरंत खाए जा सकने वाले (रेडी-टू-ईट) और पके हुए खाद्य उत्पादों का निर्यात 2025-26 में 16 प्रतिशत बढक़र 2.4 अरब डॉलर हो गया, जो गत वर्ष 2.1 अरब डॉलर था। टीपीसीआई ने कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए फ्रोजन स्नैक्स, तैयार भोजन, ‘फेस्टिव मिक्स’, ‘इंस्टेंट मिक्स’, करी, भारतीय ब्रेड, नमकीन, पके हुए चावल और लंबे समय तक खराब न होने वाले सुविधाजनक खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में अवसर खुलते हैं। टीपीसीआई के चेयरमैन ने कहा कि त्योहारों के मौसम में डिमांड के संकेत भारत के खाद्य निर्यातकों के लिए उत्साहजनक हैं। खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) क्षेत्र भारत के त्योहारों से जुड़े खाद्य उत्पादों के निर्यात के लिए प्रमुख बाजार बनकर उभरा है। कुवैत, ओमान और बहरीन में आयातकों तथा वितरकों ने पारंपरिक मिठाइयों, सूखे मेवों, नमकीन, चावल, मसालों, घी, अचार और सुविधाजनक खाद्य उत्पादों की लगातार खरीद की सूचना दी है।

Share
दिवाली से पहले इन्डियन फूड प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट की डिमांड में तेजी

 दिवाली से पहले भारत से खाद्य एवं पेय पदार्थों के एक्सपोर्ट की डिमांड में सकारात्मक रुख दिख रहा है और अंतरराष्ट्रीय खरीदार पारंपरिक भारतीय खाद्य तथा तुरंत खाए जा सकने वाले उत्पादों में काफी रुचि दिखा रहे हैं। उद्योग निकाय टीपीसीआई के एक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी है। ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टीपीसीआई) ने कहा कि त्योहारों के मौसम में पारंपरिक मिठाइयों, नमकीन, चावल, मसालों, अचार, घी, दालों और भारत में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बनी हुई है। सर्वेक्षण में मांग का सकारात्मक परिदृश्य सामने आया है। इसमें औसत वृद्धि करीब छह प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जबकि कई खरीदारों को गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की उम्मीद है। तुरंत खाए जा सकने वाले (रेडी-टू-ईट) और पके हुए खाद्य उत्पादों का निर्यात 2025-26 में 16 प्रतिशत बढक़र 2.4 अरब डॉलर हो गया, जो गत वर्ष 2.1 अरब डॉलर था। टीपीसीआई ने कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए फ्रोजन स्नैक्स, तैयार भोजन, ‘फेस्टिव मिक्स’, ‘इंस्टेंट मिक्स’, करी, भारतीय ब्रेड, नमकीन, पके हुए चावल और लंबे समय तक खराब न होने वाले सुविधाजनक खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में अवसर खुलते हैं। टीपीसीआई के चेयरमैन ने कहा कि त्योहारों के मौसम में डिमांड के संकेत भारत के खाद्य निर्यातकों के लिए उत्साहजनक हैं। खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) क्षेत्र भारत के त्योहारों से जुड़े खाद्य उत्पादों के निर्यात के लिए प्रमुख बाजार बनकर उभरा है। कुवैत, ओमान और बहरीन में आयातकों तथा वितरकों ने पारंपरिक मिठाइयों, सूखे मेवों, नमकीन, चावल, मसालों, घी, अचार और सुविधाजनक खाद्य उत्पादों की लगातार खरीद की सूचना दी है।


Label

PREMIUM

CONNECT WITH US

X
Login
X

Login

X

Click here to make payment and subscribe
X

Please subscribe to view this section.

X

Please become paid subscriber to read complete news