भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य गुणवत्ता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देश के दो प्रमुख मसाला ब्रांड एवरेस्ट और लालजी गोधू की कम्पाउंडेड यानी मिश्रित हींग की बिक्री पर रोक लगा दी है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत की गई है, जब जांच में दोनों कंपनियों के हींग उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। एफएसएसएआई ने कहा कि एम/एस एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और एम/एस लालजी गोधू एंड कंपनी के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई करते हुए उनके हींग उत्पादों की बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालांकि प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल हींग उत्पादों तक सीमित है और कंपनियों के अन्य मसाला उत्पाद जैसे गरम मसाला, अंडा करी मसाला या चिकन करी मसाला पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। इस मामले की शुरुआत एक उपभोक्ता द्वारा हींग की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराने के बाद हुई। शिकायत मिलने के बाद एफएसएसएआई ने बाजार में उपलब्ध विभिन्न हींग ब्रांडों की व्यापक जांच शुरू की। शुरुआती प्रयोगशाला परीक्षणों में एवरेस्ट और लालजी गोधू की कम्पाउंडेड हींग गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके बाद दोनों कंपनियों की मुंबई स्थित केंद्रीय लाइसेंस प्राप्त निर्माण इकाइयों से नमूने लेकर विस्तृत परीक्षण कराया गया। साथ ही, गुजरात के उमरगांव स्थित एवरेस्ट की एक अन्य विनिर्माण इकाई पर राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग के सहयोग से भी सैंपलिंग की गई। जांच में लिए गए सभी नमूनों में गंभीर गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आईं। खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार, कम्पाउंडेड हींग बनाने के लिए शुद्ध हींग को गोंद, स्टार्च और आटे के साथ मिलाया जाता है। लेकिन इसमें कम से कम 5 प्रतिशत अल्कोहल-सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट होना अनिवार्य है, जो असली हींग की उपस्थिति का प्रमुख संकेतक माना जाता है। जांच के दौरान पाया गया कि दोनों कंपनियों के उत्पादों में यह मात्रा केवल 0 से 3 प्रतिशत के बीच थी, जिसका अर्थ है कि उत्पादों में असली हींग की मात्रा निर्धारित मानकों की तुलना में काफी कम थी और उपभोक्ताओं को अपेक्षित गुणवत्ता का उत्पाद नहीं मिल रहा था।