भारत में तेजी से बढ़ते विमानन बुनियादी ढांचे के कारण हॉस्पीटेलिटी क्षेत्र की रफ्तार भी बढ़ रही है। बढ़ते एयर ट्रैफिक, बेहतर रीजनल कनेक्टिविटी और नए शहरी कोरिडोर के विकास के बीच प्रमुख होटल श्रृंखलाएं एयरपोर्ट्स से जुड़ी संपत्तियों में निवेश बढ़ा रही हैं। होटल उद्योग के अधिकारियों के अनुसार नये एयरपोर्ट्स की संख्या में वृद्धि और दूसरी तथा तीसरी श्रेणी के शहरों के साथ बेहतर संपर्क से एयरपोर्ट्स के पास स्थित होटलों के लिए मजबूत गति पैदा हो रही है। ये होटल मुख्य रूप से बिजनस ट्रैवलर्स, इन शहरों से होकर गुजर रहे यात्रियों, एयरलाइन चालक दल और एमआईसीई (बैठक, प्रोत्साहन, सम्मेलन और प्रदर्शनी) के लिए आने वालों की जरूरतों को पूरा करते हैं। रेडिसन होटल गु्रप के दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ)ने कहा कि जैसे-जैसे भारत हवाई अड्डा बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी ला रहा है, एयरपोर्ट होटल उच्च-वृद्धि वाले सेगमेंट्स के रूप में उभर रहे हैं। भारत में हवाई अड्डा बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार, एयरपोर्ट होटलों को आतिथ्य क्षेत्र में एक उच्च-वृद्धि वाले खंड के रूप में स्थापित कर रहा है। शैले होटल्स लिमिटेड के सीओओ ने कहा कि हवाईअड्डा बुनियादी ढांचे का विस्तार उभरते गंतव्यों तक पहुंच में सुधार करके हॉस्पीटेलिटी की डिमांड को बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर संपर्क से न केवल पर्यटन की मांग बढ़ रही है, बल्कि कॉरपोरेट और एमआईसीई खंड भी उन शहरों में बढ़ रहा है, जो पहले केवल छुट्टियों के लिए जाने जाते थे।