ऑनलाइन बिजनेस से शुरूआत करने वाले न्यू ऐज लगेज ब्राण्ड्स अगले चरण में फिजिकल स्टोर्स या ग्लोबल मार्केट्स में विस्तार कर रहे हैं। अपनी डिजाइनिंग के कारण डिजिटल फस्र्ट डायरेक्ट टू कन्ज्यूमर लगेज ब्राण्ड्स लीगेसी प्लेयर्स की सेल्स को प्रभावित करने के बाद अब ऑफलाइन रिटेल और ओवरसीज मार्केट में दस्तक दे रहे हैं। मुम्बई बेस्ड नशीर माइल्स की स्थापना वर्ष 2017 में हुई और फाइनेंशियल ईयर 2027 में वह पांच से सात एक्सक्लूसिव ब्राण्ड आउटलैट लांच करने की योजना बना रहा है। कम्पनी के फाउंडर और चेयरमैन ने कहा है कि नये स्टोर मैट्रो और इमर्जिंग टीयर टू सिटीज में पेश करने का प्लान है। जिन शहरों में ऑनलाइन डिमांड मजबूत है, वहां पर भी ऑफलाइन जाया जायेगा। यानि कि टीयर वन और टीयर टू के कन्ज्यूमर्स बेहतर डिजाइनिंग वाले प्रोडक्ट्स के प्रति जागरुक हैं और उन्हें लक्ष्य भी किया जा रहा है। कम्पनी को करीब 70 प्रतिशत सेल्स ई-कॉमर्स से प्राप्त हो रही है और योजना है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 में 60-65 प्रतिशत योगदान ऑनलाइन का रहे और शेष ऑफलाइन मार्केट का। क्विक कॉमर्स का शेयर 15-18 प्रतिशत रह सकता है। गत वर्ष मुम्बई में फोनिक्स पैलेडियम में फ्लैगशिप स्टोर को लांच किया गया था। उनके अनुसार लगेज श्रेणी टच-एंड-फील एक्सपीरियंस के साथ ज्यादा अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। ऑफलाइन रिटेल डिजाइन, फंक्शनेलिटी को शो करने का बेहतर माध्यम बन सकता है। ट्रैवल एंड लाइफस्टाइल ब्राण्ड ‘मोकोबारा’ ने दुबई में पहला स्टोर लांच किया और यह उनकी पहली इंटरनेशनल एंट्री रही। ओमनी चैनल स्ट्रेटजी पर चलने का मन बना लिया गया है। मोकोबारा के एसोसिएट डायरेक्टर के अनुसार स्टाइल, डिजाइन और फंक्शन ने मॉर्डन ट्रैवल को रीडिफाइन किया है। अपरकेस जो कि देश में 37 एक्सक्लूसिव ब्राण्ड आउटलैट्स का संचालन कर रही है भी मिडिल ईस्ट के चुनिंदा मार्केट्स में प्रवेश करने की योजना बना रही है। ‘अपरकेस’ के को-फाउंडर और सीओओ के अनुसार मिडिल ईस्ट में क्वालिटी प्रोडक्ट्स की डिमांड अच्छी है। ऑनलाइन और ऑफलाइन चैनल पर उनकी सेल्स का अनुपात 55:45 है। अन्य प्लेयर्स में ‘एस्केप प्लान’ है, जो मैट्रो शहरों के साथ टीयर टू मार्केट्स जैसे पुणे, जयपुर और कोचि को टैप करना चाहती है। इसके अलावा दुबई, सिंगापुर भी जाने की योजना है। देश की लगेज इंडस्ट्री करीब 18,000 करोड़ रुपये की है और चालू वित्त वर्ष में पांच से सात प्रतिशत की ग्रोथ ले सकती है। क्रिसिल के अनुसार यह डेटा दिया गया है। दूसरी ओर डी2सी ब्राण्ड्स भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। कुछ तो करीब 20 प्रतिशत की ग्रोथ ले रहे हैं। एसीडस कैपीटल के फाउंडर और सीईओ के अनुसार नये ब्राण्ड्स लगेज को मॉर्डन, ज्यादा स्टाइलिश बनाने पर फोकस कर रहे हैं। यह केवल ट्रैवल आइटम नहीं है बल्कि यंग बायर्स से कनेक्ट करने में मदद करता है। उल्लेखनीय है कि लगेज प्रोडक्ट्स पर 50-70 प्रतिशत का डिस्काउंड मार्जिन को कट कर रहा है। हैवी डिस्काउंटिंग स्ट्रेटजी नुकसान पहुंचा रही है। कुछ कम्पनियों के लिये इनपुट कॉस्ट, मार्केटिंग पर ज्यादा व्यय भी चुनौतिपूर्ण साबित हो रहा है।