मेमोरी चिप्स की कीमतों में तेज बढ़ोतरी होने से इस साल भारत में स्मार्टफोन की सप्लाई 10-12 प्रतिशत तक घट सकती है। बाजार शोध फर्म सीएमआर की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। सीएमआर की ‘इंडिया मोबाइल हैंडसेट मार्केट रिव्यू’ रिपोर्ट के मुताबिक, देश के स्मार्टफोन बाजार में सालाना आधार पर आपूर्ति में दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि डीआरएएम और एनएएनडी फ्लैश जैसी मेमोरी की कीमतों में तेज वृद्धि से मोबाइल फोन की लागत बढ़ गई, जिससे कंपनियों को कीमतें बढ़ानी पड़ीं। इसका असर खासकर कीमत के प्रति संवेदनशील उपभोक्ताओं पर पड़ा है और उन्होंने फोन बदलने की योजना टाल दी है। साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) के उपाध्यक्ष (उद्योग शोध समूह) प्रभु राम ने कहा कि भारत में 2026 के दौरान स्मार्टफोन बाजार में गिरावट लागत बढऩे के दबाव और सतर्क मांग दोनों का मिला-जुला असर दर्शाती है। उन्होंने कहा कि डीआरएएम और एनएएनडी मेमोरी की ऊंची कीमतों ने स्मार्टफोन की लागत बढ़ा दी है, जिससे आम उपभोक्ता वर्ग में खरीद क्षमता प्रभावित हुई है जबकि प्रीमियम वर्ग अपेक्षाकृत सुरक्षित बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे किफायती और वैल्यू-फॉर-मनी श्रेणियों की आपूर्ति में इस साल 10-12 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है। सीएमआर रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 की पहली तिमाही में शीर्ष पांच में शामिल कंपनियों में से केवल वीवो और ओप्पो की आपूर्ति में क्रमश: एक प्रतिशत और 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं सैमसंग, शिओमी और रियलमी की आपूर्ति में क्रमश: 8 प्रतिशत, 7 प्रतिशत और 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। चीन का स्मार्टफोन ब्रांड वीवो 21 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बाजार में शीर्ष पर रहा। इसके बाद सैमसंग (17 प्रतिशत), ओप्पो (14 प्रतिशत), शिओमी (12 प्रतिशत) और रियलमी (10 प्रतिशत) का स्थान रहा। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रांसियन और वनप्लस को सबसे अधिक नुकसान हुआ जिनकी आपूर्ति में क्रमश: 30 प्रतिशत और 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। फीचर फोन खंड में चीन का ब्रांड आईटेल मोबाइल 35 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर रहा। हालांकि इसकी आपूर्ति में 26 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद लावा (34 प्रतिशत) और एचएमडी (18 प्रतिशत) का स्थान रहा। मोबाइल चिप बनाने वाली कंपनियों में मीडियाटेक 48 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ भारत के स्मार्टफोन चिपसेट बाजार में अग्रणी रही। वहीं 25,000 रुपये से अधिक कीमत वाले प्रीमियम खंड में क्वालकॉम 36 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर रही।