संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि सरकार विकसित देशों के अनुरूप मौजूदा पार्सल सुविधाओं को उन्नत बनाने के लिए भारतीय डाक के लिए लॉजिस्टिक बुनियादी ढांचा योजना शुरू करने की तैयारी कर रही है। सिधिया ने कहा कि विश्वभर में ई-कॉमर्स का विकास डिजिटलीकरण के साथ हुआ है और आगे के विकास के लिए इस क्षेत्र को डाक नेटवर्क का उपयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि हम एक डाक लॉजिस्टिक अवसंरचना योजना लाने जा रहे हैं। इस पहल का मकसद मौजूदा पार्सल सुविधाओं को विकसित देशों के अनुरूप उन्नत बनाना है। सिंधिया ने कहा कि भारतीय डाक प्रतिवर्ष 7.5 करोड़ पार्सल, 90 करोड़ पत्र वितरित करती है और डाकघरों में अब तक 2.12 करोड़ पासपोर्ट और लगभग 15 करोड़ आधार कार्ड प्रसंस्कृत किए जा चुके हैं। सिंधिया ने कहा कि डाक सेवाओं में डाककर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और वे अपने-अपने क्षेत्रों में परिवारों से अच्छी तरह जुड़े होते हैं। मंत्री ने बताया कि डाकघर बचत बैंक में 40 करोड़ खाते हैं जिनमें लोगों ने कुल 23 लाख करोड़ रुपये जमा किए हैं। लंबे समय तक डाकघर केवल पत्र और पार्सल सेवा तक सीमित माने जाते थे, लेकिन आज डाकघर बहु-उद्देशीय जनसेवा केंद्र के रूप में विकसित हो चुके हैं। अब डाकघरों में बैंकिंग, बचत योजनाएं, आधार सेवाएं, पासपोर्ट सेवाएं और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों को एक ही स्थान पर अनेक सेवाओं का लाभ मिल रहा है।