इंटरनेशनल ट्रेवलर्स के लिये भारत में दिल्ली, मुम्बई, गोवा, राजस्थान, आगरा, हरिद्वार, ऋषिकेश, वाराणसी आदि मोस्ट फेवरेट डेस्टीनेशंस रहे हैं लेकिन अब केरल का एक शहर उन्हें आकर्षित कर रहा है। विदेशी पर्यटकों के बीच यह तेजी से इमर्ज होने वाला डेस्टीनेशन बन रहा है। इंटरनेशनल ट्रेवलर्स की बकेट लिस्ट में केरल स्थित तिरुवनंथपुरम शामिल हुआ है और यह उनके लिये फास्ट ग्रोइंग डेस्टीनेशन बन गया है। यहां के यूनिक एक्सपीरियंस उन्हें आकर्षित कर रहे हैं। ट्रेवल प्लेटफॉर्म अगोडा एन्यूअल न्यू होराइजंस रैंकिंग में यह तेजी से उबरा है। वर्ष 2024 में यह केरल का यह प्रमुख शहर 33वें स्थान पर था जबकि गत वर्ष 2025 में 22वें स्थान पर आ गया। यह रैंकिंग अकोमोडेशन बुकिंग डेटा के अनुसार है। एशिया के अन्य डेस्टीनेशंस में से यह फास्ट इमर्जिंग रहा है। यह अच्छी बात है कि कभी ट्रेवल स्पॉटलाइट में नहीं रहे शहर को यह मान्यता मिल रही है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य, बैकवॉटर्स, समुद्री तट, पहाड़ी स्थल, शांत वातावरण, शताब्दियों पुराने मंदिर, महल, एतिहासिक महत्व वाले स्थान ग्लोबल ट्यूरिस्ट का अट्रेक्शन बन रहे हैं। इसके अतिरिक्त आयुर्वेद एंड वैलनेस का सम्बंध भी इस शहर से है। बड़ी बात यह है कि तिरुवनंथपुरम इतिहास, संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य का ब्लैंड प्रस्तुत करता है और वह भी मॉर्डन अंदाज में, बस यही विदेशी पर्यटकों को पसंद आ रहा है। मलयालम में तिरुवनंथपुरम का अर्थ है ‘द सिटी ऑफ अनंथा’ यानि कि भगवान विष्णु की नगरी। यहां पर श्री पद्माभस्वामी मंदिर में वे स्वयं विराजमान भी हैं। यह देश के सबसे धनाढ्य मंदिरों में से एक है। द्रविड शैली में बने मंदिर का इतिहास पुराना है। वैश्विक स्तर पर शहर आध्यात्म को प्रमोट कर रहा है। इसके अलावा कोवल्लम के समुद्री तट, गोल्डन सैंड, लाइटहाउस, वॉटर स्पोर्ट्स, आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट सहज रूप से पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बन रहे हैं। सांस्कृतिक रूप से देखें तो नेपियर म्यूजियम, श्री चित्रा आर्ट गैलरी, यहां की तंजोर पेंटिंग्स भी बेहद प्रसिद्ध हैं। डोमेस्टिक लेवल पर इंदौर को ‘मोस्ट ट्रेंडिंग डेस्टीनेशन’ रैंक किया गया है। यहां का स्ट्रीट फूड कल्चर- विशेष रूप से छप्पन दुकान बेहद लोकप्रिय है। इसके अलावा इंदौर देश का क्लीन सिटी है, यह भी इसे पर्यटकों के बीच पहचान दिला रहा है। देश में अब हम एक्सपीरियंस ट्रैवलिंग को शेप लेता देख रहे हैं, ऐसे में नये डेस्टीनेशंस का आगे आना बड़ी बात नहीं है। आधुनिक पर्यटकों के अनुभव करने का तरीका अलग है, यह ट्रैवलिंग का ग्राफ अलग तरीके से आगे बढ़ाने की क्षमता रखता है।