देश में लैब ग्रीन डायमंड्स का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। कारण यही है कि डिमांड में बढ़ोतरी हो रही है और एक्सपेंशन के बीच फंडिंग में भी तेजी आ रही है। कभी खास माने जाने वाले लैब ग्रीन डायमंड्स अब मुख्य रिटेल मार्केट में अपना स्पेस बना रहे हैं। देश के सबसे बड़े ज्वैलरी रिटेलर टाइटन की एंट्री से इसे और भी बढ़ावा मिला है। इस श्रेणी की कम्पनियां उत्साहित हैं क्योंकि इससे वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। एलेव लैब डायमंड्स के सीईओ ने कहा है कि बीयॉन के जरिये टाइटन की एंट्री इस श्रेणी के लिये पॉजिटिव है। इससे कस्टमर्स में अवेयरनैस बढ़ेगी, बड़े स्तर पर लैब निर्मित हीरों को मान्यता मिलेगी। हाल ही में मुम्बई में टाइटन ने बीयॉन ब्राण्ड का एक्सक्लूसिव स्टोर खोला है। दिल्ली में यह फॉर्मेट लांच किया जा सकता है। यह उसके मौजूदा ज्वैलरी ब्राण्ड्स तनिष्क, मिया और जोया से अलग काम करेगा। जून में इस सेक्टर से सबसे बड़ी फंडिंग में से एक गीवा को मिली, जो ‘हीर’ नाम से लैब निर्मित हीरा ब्राण्ड चलाती है। बैंगलुरु की गीवा के अभी 280 स्टोर हैं और मार्च, 2026 तक उसकी योजना 340 से ज्यादा आउटलैट खोलने की है। वित्त वर्ष 2026 में करीब 45 प्रतिशत नये स्टोर जोड़े जायेंगे। अगले तीन वर्ष में यह ब्राण्ड पैन इन्डिया टीयर वन, टू और थ्री शहरों में लगभग 800-1000 स्टोर तक एक्सपेंशन करने का विचार कर रही है। सप्लाई चेन कंट्रोल को बेहतर बनाने और ज्यादा बिक्री में मदद के लिये जयपुर में एक नई निर्माण यूनिट भी बन रही है। लैब ग्रोन डायमंड्स, भारतीय आभूषण खपत में व्यावहारिक बदलाव ला सकते हैं, जिससे निवेश आधारित खरीदारी से हटकर रोजाना पहनी जाने वाली फाइन ज्वैलरी की तरफ रुझान बढ़ेगा।