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05-01-2026

सोशल मीडिया कंपनियों को कंटेंट की जिम्मेदारी लेनी होगी

  • इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों को अपने मंच पर प्रकाशित सामग्री की जिम्मेदारी लेनी होगी और इस मामले में हस्तक्षेप जरूरी हो गया है। वैष्णव ने कहा कि एक संसदीय स्थायी समिति पहले ही सोशल मीडिया को अधिक उत्तरदायी बनाने के लिए सख्त कानून लाने की सिफारिश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया को अपने मंच पर मौजूद सामग्री के लिए जिम्मेदार होना चाहिए। इसमें हस्तक्षेप की जरूरत है। वह एआई ऐप ‘ग्रोक’ के जरिये महिलाओं की आपत्तिजनक और अश्लील तस्वीरें बनाए जाने से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे। राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने वैष्णव को पत्र लिखकर एआई ऐप के दुरुपयोग से महिलाओं की अश्लील तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने की बढ़ती घटनाओं पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। वैष्णव ने कहा कि संसदीय समिति ने सोशल मीडिया और मध्यस्थ मंचों को उनके द्वारा प्रकाशित सामग्री के लिए जवाबदेह बनाने हेतु कड़ा कानून लाने की सिफारिश की है। समिति ने फर्जी खबरों और भ्रामक सामग्री पर रोक के लिए एल्गोरिदम में पारदर्शिता, बार-बार उल्लंघन किए जाने पर कड़े जुर्माने एवं दंड, स्वतंत्र नियामकीय निकाय के गठन और एआई जैसे तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल का समर्थन किया है।

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सोशल मीडिया कंपनियों को कंटेंट की जिम्मेदारी लेनी होगी

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों को अपने मंच पर प्रकाशित सामग्री की जिम्मेदारी लेनी होगी और इस मामले में हस्तक्षेप जरूरी हो गया है। वैष्णव ने कहा कि एक संसदीय स्थायी समिति पहले ही सोशल मीडिया को अधिक उत्तरदायी बनाने के लिए सख्त कानून लाने की सिफारिश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया को अपने मंच पर मौजूद सामग्री के लिए जिम्मेदार होना चाहिए। इसमें हस्तक्षेप की जरूरत है। वह एआई ऐप ‘ग्रोक’ के जरिये महिलाओं की आपत्तिजनक और अश्लील तस्वीरें बनाए जाने से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे। राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने वैष्णव को पत्र लिखकर एआई ऐप के दुरुपयोग से महिलाओं की अश्लील तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने की बढ़ती घटनाओं पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। वैष्णव ने कहा कि संसदीय समिति ने सोशल मीडिया और मध्यस्थ मंचों को उनके द्वारा प्रकाशित सामग्री के लिए जवाबदेह बनाने हेतु कड़ा कानून लाने की सिफारिश की है। समिति ने फर्जी खबरों और भ्रामक सामग्री पर रोक के लिए एल्गोरिदम में पारदर्शिता, बार-बार उल्लंघन किए जाने पर कड़े जुर्माने एवं दंड, स्वतंत्र नियामकीय निकाय के गठन और एआई जैसे तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल का समर्थन किया है।


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