भारतीय आईटी सेक्टर लंबे समय से निवेशकों का पसंदीदा क्षेत्र रहा है, हालांकि गत कुछ समय में ग्लोबल इकोनॉमिक पे्रशर के चलते इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी थी। अब ब्रोकरेज फर्मों की नई रिपोर्ट्स इस सेक्टर को लेकर फिर से उम्मीद जगा रही हैं। हाल ही में आई एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की एक रिपोर्ट में कहा गया कि भले ही अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में ग्राहक अभी पूरी तरह खुले दिल से खर्च नहीं कर रहे हैं, लेकिन टेक्नोलॉजी में हो रहे बदलाव आईटी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं। खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), क्लाउड और डिजिटल सेवाओं की डिमांड धीरे-धीरे बढ़ रही है। भारतीय आईटी कंपनियों के रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है, खासकर रिटेल सेक्टर से। रिपोर्ट बताती है कि 2025 थर्ड क्वार्टर में अमेरिकी रिटेल कंपनियों की कमाई में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार भले ही तेजी में न हो, लेकिन स्थिरता की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, उपभोक्ता भरोसे में आई गिरावट यह दिखाती है कि अमेरिकी ग्राहक अभी भी बड़े और महंगे फैसलों से बच रहे हैं। लोग जरूरी चीजों पर तो खर्च कर रहे हैं, लेकिन बड़े टेक प्रोजेक्ट्स और नई डील्स को लेकर सतर्क बने हुए हैं। इसी वजह से आईटी कंपनियों को कुछ फैसलों में देरी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी कुछ भारतीय आईटी कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। एचसीएलटेक और टेक महिंद्रा ने एआई पर मजबूत फोकस करके बाकी कंपनियों से बढ़त बनाई है। इन कंपनियों ने एआई को सिर्फ अपनाया ही नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर अपने बिजनेस मॉडल में शामिल किया है। वहीं टीसीएस का मानना है कि बाजार में सतर्कता अभी बनी हुई है, लेकिन गिरावट का दौर अब थम रहा है। इंफोसिस के अनुसार, ग्राहक अब एआई, क्लाउड अपग्रेडेशन और लागत कम करने वाले प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, हालांकि डील्स को फाइनल होने में समय लग रहा है। जबकि विप्रो अपने ग्राहकों के साथ मिलकर सप्लाई चेन सुधारने और खर्च घटाने के उपायों पर काम कर रही है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि भले ही निकट भविष्य में कुछ चुनौतियां बनी रहें, लेकिन मध्यम अवधि में आईटी सेवाओं की डिमांड मजबूत रहने वाली है। जैसे ही वैश्विक आर्थिक हालात बेहतर होंगे, भारतीय आईटी सेक्टर में तेज रिकवरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में, आईटी सेक्टर के लिए 2026 बदलाव और नए अवसरों का साल साबित हो सकता है। कंपनियां अब पारंपरिक सेवाओं से आगे बढक़र एआई, क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर फोकस कर रही हैं।