आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को विस्तृत, अफोर्डेबल और इन्क्लूसिव होना चाहिये। ‘डमोके्रटाइजिंग एक्सेस टू एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर’ नामक रिपोर्ट में बताया गया है कि इन्डिया वल्र्ड डेटा का करीब 20 प्रतिशत होस्ट करता है लेकिन ग्लोबल डेटा सेंटर कैपेसिटी में शेयर केवल 3 प्रतिशत ही है। ऐसे में डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में इन्स्टॉल्ड कैपेसिटी 960 मेगावॉट की है, जो कि वर्ष 2030 तक बढक़र 9.2 गीगावॉट हो जाने की सम्भावना है। इंडस्ट्री और सरकार दोनों की तरफ से एक्टिव प्रयास किये जा रहे हैं। मुम्बई और नवी मुम्बई डेटा सेंटर्स के लिये सबसे बड़ा हब है। लाइव कैपेसिटी का यहां पर करीब 25 प्रतिशत है। चैन्नई का स्थान दूसरा है और यह देश की कुल डेटा सेंटर कैपेसिटी का करीब 13 प्रतिशत है। इसके अलावा बैंगलुरु, हैदराबाद 22-22 प्रतिशत का शेयर रख रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर (नई दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम)का शेयर करीब 14 प्रतिशत है। पुणे और कोलकाता छह और तीन प्रतिशत का शेयर रख रहे हैं।