राजस्थान समेत देशभर में अक्षय तृतीया यानी आखातीज 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। अक्षय तृतीया हिंदू रीति रिवाज में बेहद शुभ दिन माना जाता है। यही वजह है कि अक्षय तृतीया के दिन अबूझ सावे के चलते प्रदेश में हजारों की तादाद में शादियां होती है। इसके अलावा अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना खास शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया पर ज्वैलरी मार्केट में सोना-चांदी की डिमांड में अच्छा खासा इजाफा देखने को मिलता था, लेकिन इस वर्ष अक्षय तृतीया पर सोने की रेट्स उच्च स्तर पर बनी होने से ज्वैलरी कारोबार का सिनेरियो बिल्कुल बदल गया है। कस्टमर अब ज्वैलरी की डिजाइन, वैल्यू, लाइटवेट व लोंग टर्म तक पहनने लायक ज्वैलरी को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।
ज्वैलरी का कम हुआ वेट : ज्वैलर्स का कहना है कि पहले कस्टमर मन बनाकर आता था कि उसे 50 ग्राम, 100 ग्राम या तय क्वांटिटी में गोल्ड खरीदना है, लेकिन इन दिनों ज्वैलरी मार्केट में जो ग्राहक आ रहे हैं, उनके दिमाग में एक अमाउंट सेट रहता है कि उन्हें 2 लाख, 5 लाख रुपए में ही आइटम खरीदने हैं। ऐसे में फिक्स अमाउंट में पूरे आइटम देने के लिए ज्वैलर्स को ज्वैलरी का वेट कम करना पड़ रहा है। कुछ महिनों पूर्व डेली यूज के लिए कस्टमर चांदी की पायल 250 ग्राम वेट तक की खरीदते थे, लेकिन चांदी की रेट्स आसमान पर पहुंच जाने से कस्टमर अब 20 से 30 ग्राम तक की पायल पर शिफ्ट हो गया है। ऐसा ही नजारा सोने की ज्वैलरी में भी देखने को मिल रहा है।
ज्वैलर्स के मार्केटिंग कैंपेन पर सीधा असर : अक्षय तृतीया के समय ज्वैलर्स बड़े स्तर पर मार्केटिंग कैंपेन चलाते थे। लेकिन पिछले कुछ महिनों से सोने में तेजी बनी होने से अक्षय तृतीया पर रहने वाली डिमांड बिल्कुल क्रैश हो गई है। डिमांड क्रैश होने से ज्वैलरी कंपनियों के साथ छोटे-छोटे ज्वैलर्स के मार्केटिंग कैंपेन व ऑफर्स पर भी इंपैक्ट देखने को मिल रहा है।
एक साल में सोना 115 फीसदी से अधिक बढ़ा : वर्ष 2024 में सोने की रेट्स 60000 से 72000 रुपए प्रति दस ग्राम के आसपास थी और पिछले 15 महिनों में सोने की रेट्स दोगुनी से ज्यादा हो गई है। वर्ष 2025 से 17 अप्रैल 2026 की तुलना की जाए तो सोने की रेट्स में करीब 116 फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ है। 2025 में अक्षय तृतीया पर जयपुर सर्राफा मार्केट में सोने की रेट्स 98,000 रुपए प्रति दस ग्राम व चांदी की रेट्स 99,000 रुपए प्रतिकिलो के आसपास थी। अक्षय तृतीया 2025 से अब तक सोने की रेट्स में करीब 58 फीसदी की तेजी दर्ज की जा चुकी है। सोने की रेट्स में उछाल आने से ज्वैलरी मार्केट में 60 से 80 फीसदी ग्राहकी ठप हो गई है। शादी वाले घरों में या फिर जरुरतमंद कस्टमर द्वारा ही सोना परचेज किया जा रहा है वह भी लाइटवेट में। आम लोग फिलहाल सोने की ज्वैलरी की परचेज से किनारा कर रहे हैं। ज्वैलर्स ने बताया कि अमूमन फेस्टिव सीजन के बाद राजस्थान में अक्षय तृतीया के आसपास (अप्रैल-मई) शादियों के अच्छे मुहूर्त होने पर सोने का कंजंप्शन बढ़ जाता था, लेकिन ऐसा वर्तमान सिनेरियो में देखने को नहीं मिल रहा है। डायमंड ज्वैलरी का भी क्रेज निरंतर बढ़ता जा रहा है।
कोटा के प्रमुख ज्वैलर्स पारस ज्वैल्स के डायरेक्टर अंकित जैन का कहना हैं कि ज्वैलरी कारोबार में रेगुलर डिमांड है, लेकिन कस्टमर्स की बाइंग कैपेसिटी थोड़ी वीक है। कस्टमर का लाइटवेट ज्वैलरी पर ज्यादा फोकस है। जैन के अनुसार सोने की रेट्स अधिक होने के कारण पुरानी ज्वैलरी को एक्सचेंज करके नई खरीदारी करने का ट्रेंड बढ़ा है।
राजस्थान व मध्यप्रदेश के प्रमुख ज्वैलर डी.पी.ज्वैलर्स के फाउंडर अनिल कटारिया के अनुसार फेस्टिव सीजन के बाद से ज्वैलरी मार्केट में स्लोडाउन बना हुआ है। डॉलर की रेट्स बढऩे से इंडस्ट्री पर प्रभाव पड़ा है। ज्वैलरी कारोबार 40 फीसदी डाउन है। टियर-3 सिटीज में ज्वैलरी का बिजनस अच्छा है। यूथ में ऐसे डिजाइन की डिमांड बढ़ रही है, जो फेस्टिव और डेली यूज दोनों में काम आ सके। यह एक बड़ा बदलाव दिखाता है।
वल्लभम् सर्राफ के प्रमुख वल्लभ सर्राफ के मुताबिक सोने की रेट्स प्रति दस ग्राम 1.50 लाख के पार हो जाने से कस्टमर अब ज्वैलरी की खरीदारी कम लेकिन बेहतर और सोच-समझकर खरीद रहे हैं।
जौहरी जैम्स एंड ज्वैलर्स के डायरेक्टर पंकज जौहरी के अनुसार सोने की रेट्स में तेजी बनी होने से ज्वैलरी सेक्टर में खासकर ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर में शोरूमों की हालात दयनीय बनी हुई है। अक्षय तृतीया के दिन शोरूमों पर छिटपुट ग्राहकी देखने को मिल रही है। ऐसा दृश्य पहले कभी देखने को नहीं मिला था। ज्वैलरी मार्केट का ऐसा ही सीन लोंग टर्म में देखने को मिला तो वह दिन दूर नहीं जब मॉल की तर्ज पर ज्वैलरी शोरूमों पर ताले देखने को मिलेंगे। वर्तमान समय में ज्वैलरी सेक्टर के लिए बैंक लायबिलिटी अधिक होने के कारण स्टाफ की सैलेरी निकालना मुश्किल काम हो गया है।
