प्रदेश के प्रमुख फर्टिलाइजर प्रोड्यूसर गु्रप ओस्तवाल ग्रुप ने न केवल अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी का विस्तार किया है बल्कि रॉ-मटेरियल के रूप में अमोनिया की आपूर्ति के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक को उपयोग में लेने के लिए ओस्तवाल ग्रुप ने ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति के लिए नई दिल्ली में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे पी नड्डा की उपस्थिति में प्रतिवर्ष 2 लाख टन ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति के लिए एनटीपीसी, ओरियना पावर एवं एसएससी इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अनुबंध किया है। अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी में रिकॉर्ड विस्तार के तहत ग्रुप की मध्य भारत एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड ने महाराष्ट्र के धुले में स्थित अपने नए 3.30 लाख टन सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) प्लांट का कॉमर्शियल प्रोडक्शन सफलतापूर्वक प्रारंभ कर दिया है एवं मध्यप्रदेश के सागर जिले के बांदा में स्थित इकाई में डीएपी/एनपीके की प्रोडक्शन कैपेसिटी में 90 हजार टन प्रतिवर्ष का एक्सपेंशन किया है। अब मध्य भारत की खाद प्रोडक्शन कैपेसिटी एसएसपी की 5.70 लाख टन एवं डीएपी/एनपीके की 3.30 लाख टन प्रतिवर्ष की हो गई है। इसी तरह ग्रुप की दूसरी इकाई कृष्णा फोस्केम लिमिटेड के मध्यप्रदेश के मेघनगर में स्थित प्लांट में डीएपी/एनपीके की कैपेसिटी 1.65 लाख टन प्रतिवर्ष से बढ़ाकर अब डीएपी/एनपीके की क्षमता 4.95 लाख टन एवं एसएसपी की 1.20 लाख टन कैपेसिटी प्रतिवर्ष हो गई है। इससे इंडियन इकोनॉमी में इंपोर्ट घटने से विदेशी मुद्रा की बचत के साथ फर्टिलाइजर क्षेत्र में विदेशों पर निर्भरता कम होने के साथ किसानों को समय पर खाद मिलने से बुवाई प्रभावित नहीं होगी। ओस्तवाल ग्रुप का यह प्रयास वैश्विक संकट के इस दौर में भारतीय कृषि और इकोनॉमी के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह कार्य करेगा।