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01-04-2026

‘सेमी कंडक्टर प्रोजेक्ट्स को 7 वर्षों तक विद्युत शुल्क में मिलेगी 100 प्रतिशत छूट’

  •  राजस्थान की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार ने पहले वर्ष से ही प्रदेश के आर्थिक  विकास पर ध्यान केंद्रित कर रखा है। इसी क्रम में राइजिंग राजस्थान के आयोजन के बाद राज्य सरकार ने हर सेक्टर के लिए नई नीतियां जारी की है। वर्तमान एवं भविष्य में दुनिया में तकनीकी नवाचार बेस्ड इंडस्ट्रीज में सेमी कंडक्टर की अहम् भूमिका बनी हुई है। राजस्थान सरकार ने इसी के मद्देनजर ‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’ में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पैकेज के तहत निवेश को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इस नीति के तहत सेमी कंडक्टर प्रोजेक्ट्स को 7 वर्षों तक विद्युत शुल्क में 100 प्रतिशत छूट, स्टाम्प शुल्क व भू-रूपान्तरण शुल्क में 75 प्रतिशत छूट एवं 25 प्रतिशत का पुनर्भरण का प्रावधान शामिल है। साथ ही इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत पूंजी सब्सिडी का 60 प्रतिशत अनुदान एवं पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देने के लिए टर्म लोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा। सेमीकंडक्टर उद्योग वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार, ऑटोमोबाइल, रक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। ‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’ राजस्थान को देश में वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्माण का प्रमुख केन्द्र बनाने तथा आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेम्बली एण्ड टेस्ट (ह्रस््रञ्ज) के साथ असेम्बली, टेस्टिंग, मार्किंग एण्ड पैकेजिंग (्रञ्जरूक्क) और सेंसर्स के क्षेत्रों में निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। यह नीति सेमीकंडक्टर के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही उच्च तकनीक पर आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित भी करेगी। राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति पूरी वेल्यू-चेन को कवर करती है। नीति के तहत सेमीकंडक्टर अनुसंधान, डिजाइन, उत्पादन, परीक्षण एवं पैकेजिंग जैसे सभी चरण शामिल किए गए हैं, जिससे राजस्थान में मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित होगा। इसी के मद्देनजर जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र, कांकणी औद्योगिक क्षेत्र एवं अन्य क्लस्टर प्राथमिक सेमीकंडक्टर कॉरिडोर के रूप में विकसित किए जाएंगे।  साथ ही, विश्व स्तरीय सेमीकंडक्टर पार्कों का विकास और फैबलेस डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाया जाएगा। देश में मेक इन इंडिया, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स डिजाइन एंड मैन्यूफैक्चरिंग, सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन जैसी पहल ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए मजबूत इकोसिस्टम बनाया है। केन्द्रीय बजट में भी ‘‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’’ के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही, ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव’ के लाभ भी दिए जा रहे हैं। ये कदम देश को तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी देशों के साथ खड़ा करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं और राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति-2026 के जरिए प्रदेश इस मैराथन में अपना अहम योगदान देने जा रहा है।

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‘सेमी कंडक्टर प्रोजेक्ट्स को 7 वर्षों तक विद्युत शुल्क में मिलेगी 100 प्रतिशत छूट’

 राजस्थान की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार ने पहले वर्ष से ही प्रदेश के आर्थिक  विकास पर ध्यान केंद्रित कर रखा है। इसी क्रम में राइजिंग राजस्थान के आयोजन के बाद राज्य सरकार ने हर सेक्टर के लिए नई नीतियां जारी की है। वर्तमान एवं भविष्य में दुनिया में तकनीकी नवाचार बेस्ड इंडस्ट्रीज में सेमी कंडक्टर की अहम् भूमिका बनी हुई है। राजस्थान सरकार ने इसी के मद्देनजर ‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’ में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पैकेज के तहत निवेश को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इस नीति के तहत सेमी कंडक्टर प्रोजेक्ट्स को 7 वर्षों तक विद्युत शुल्क में 100 प्रतिशत छूट, स्टाम्प शुल्क व भू-रूपान्तरण शुल्क में 75 प्रतिशत छूट एवं 25 प्रतिशत का पुनर्भरण का प्रावधान शामिल है। साथ ही इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत पूंजी सब्सिडी का 60 प्रतिशत अनुदान एवं पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देने के लिए टर्म लोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा। सेमीकंडक्टर उद्योग वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार, ऑटोमोबाइल, रक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। ‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’ राजस्थान को देश में वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्माण का प्रमुख केन्द्र बनाने तथा आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेम्बली एण्ड टेस्ट (ह्रस््रञ्ज) के साथ असेम्बली, टेस्टिंग, मार्किंग एण्ड पैकेजिंग (्रञ्जरूक्क) और सेंसर्स के क्षेत्रों में निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। यह नीति सेमीकंडक्टर के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही उच्च तकनीक पर आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित भी करेगी। राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति पूरी वेल्यू-चेन को कवर करती है। नीति के तहत सेमीकंडक्टर अनुसंधान, डिजाइन, उत्पादन, परीक्षण एवं पैकेजिंग जैसे सभी चरण शामिल किए गए हैं, जिससे राजस्थान में मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित होगा। इसी के मद्देनजर जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र, कांकणी औद्योगिक क्षेत्र एवं अन्य क्लस्टर प्राथमिक सेमीकंडक्टर कॉरिडोर के रूप में विकसित किए जाएंगे।  साथ ही, विश्व स्तरीय सेमीकंडक्टर पार्कों का विकास और फैबलेस डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाया जाएगा। देश में मेक इन इंडिया, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स डिजाइन एंड मैन्यूफैक्चरिंग, सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन जैसी पहल ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए मजबूत इकोसिस्टम बनाया है। केन्द्रीय बजट में भी ‘‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’’ के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही, ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव’ के लाभ भी दिए जा रहे हैं। ये कदम देश को तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी देशों के साथ खड़ा करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं और राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति-2026 के जरिए प्रदेश इस मैराथन में अपना अहम योगदान देने जा रहा है।


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