किसी भी राज्य की आर्थिक स्थिति उसके औद्योगिक विकास एवं रोजगार के अवसरों पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार प्रदेश की औद्योगिक स्थिति को निरंतर सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में रीको औद्योगिक क्षेत्रों में सडक़ों, विद्युत की निर्बाध आपूर्ति, वॉटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं को आधुनिक एवं विकसित बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, रखरखाव एवं उन्नयन हेतु 1200 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यादेश जारी करने की योजना है। इन कार्यों से औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा नए निवेशकों को भी उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। रीको द्वारा प्रदेश में औद्योगिक ढांचे के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रीको ने अपने औद्योगिक क्षेत्रों को उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर प्लेटिनम, गोल्ड, सिल्वर एवं ब्रॉन्ज श्रेणियों में वर्गीकृत करने की योजना बनाई है। प्रदेश के 450 से अधिक औद्योगिक क्षेत्रों को इन श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। निगम प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि श्रेणीवार विभाजन के पश्चात् औद्योगिक क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार पानी, बिजली, स्ट्रीट लाइट, पौधरोपण, सडक़, सार्वजनिक पार्किंग, फायर स्टेशन एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों के विकास एवं रखरखाव के लिए वर्ष 2025-26 में 1000 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यादेश जारी किए गए, जो वर्ष 2024-25 की तुलना में 2.5 गुना अधिक है। साथ ही वर्ष 2025-26 में 539 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाये गए हैं। इसके अतिरिक्त, जयपुर में प्रधानमंत्री एकता मॉल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। रीको एवं एनआईसीडीसी की एसपीवी रिडको द्वारा जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र (चरण-ए) में आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु 370 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी कर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है।