TOP

ई - पेपर Subscribe Now!

ePaper
Subscribe Now!

Download
Android Mobile App

Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

09-06-2026

बिटकॉइन: पीक से हाफ, एक महीने में 20% साफ

  •  अमेरिकी जॉब डेटा के उम्मीद से बेहतर आने के बाद मार्केट्स की स्थिति और खराब हो गई। जॉब डेटा के आने के बाद ट्रेजरी यील्ड बढ़ गई। हाई यील्ड  के कारण क्रिप्टोकरेंसी जैसी रिस्की असैट की अपेटाइट (भूख) कम  हो जाती है जिससे बिटकॉइन पर और प्रेशर बढ़ता जा रहा है। नतीजा बिटकॉइन को एक जोर का झटका लगा और यह पिछले एक महीने में लगभग 20 परसेंट गिर गया है और अक्टूबर 2024 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी पिछले सप्ताह 60 हजार  डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गई। यानी पहले से ही भारी घाटे से दो-चार इंवेस्टर्स के लिए आगे की राह आसान होना मुश्किल लग रहा है। शुक्रवार को, बिटकॉइन अमेरिकी ट्रेडिंग घंटों के दौरान लगभग 59,100 डॉलर तक 7 परसेंट गिर गया, हालांकि बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी हुई और लगभग 61,500 डॉलर तक पहुंच गया। इसके बावजूद एक सप्ताह में ही बिटकॉइन में लगभग 16 परसेंट का करेक्शन आ चुका है। नीचे है। कुल मिलाकर बिटकॉइन अक्टूबर 2025 में हासिल लगभग 126,000 डॉलर के ऑल टाइम पीक लेवल से 50 परसेंट से अधिक नीचे है। हाल की गिरावट तब शुरू हुई जब माइकल सेलर द्वारा स्थापित फर्म स्ट्रैटेजी ने खुलासा किया कि उसने अपने बिटकॉइन होल्डिंग्स का एक हिस्सा बेच दिया है। हालांकि यह लॉट छोटा था लेकिन इसने निवेशकों के भरोसे को हिला दिया। इस कंपनी को लंबे समय से लॉन्गटर्म इंवेस्टर के रूप में माना जाता था। कंपनी के छोटा सा लॉट बेचने से सैकड़ों मिलियन डॉलर की बिकवाली हुई जिससे प्राइस करेक्शन और बढ़ गया। इंवेस्टर अब बिटकॉइन से इतर दूसरे विकल्पों पर दांव बढ़ा रहे हैं। पैसा एआई और सेमीकंडक्टर जैसे बूमिंग सेक्टरों में जा रहा है। अमेरिकी संसद में बंटी हुी राय होने के कारण अमेरिकी क्रिप्टो विधेयक (क्लैरिटी एक्ट) की रफ्तार भी घट गई है। बिटकॉइन सोमवार को शाम 6 बजे थोड़ी रिकवरी के साथ 63,000.7 डॉलर के लेवल पर था।

Share
बिटकॉइन: पीक से हाफ, एक महीने में 20% साफ

 अमेरिकी जॉब डेटा के उम्मीद से बेहतर आने के बाद मार्केट्स की स्थिति और खराब हो गई। जॉब डेटा के आने के बाद ट्रेजरी यील्ड बढ़ गई। हाई यील्ड  के कारण क्रिप्टोकरेंसी जैसी रिस्की असैट की अपेटाइट (भूख) कम  हो जाती है जिससे बिटकॉइन पर और प्रेशर बढ़ता जा रहा है। नतीजा बिटकॉइन को एक जोर का झटका लगा और यह पिछले एक महीने में लगभग 20 परसेंट गिर गया है और अक्टूबर 2024 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी पिछले सप्ताह 60 हजार  डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गई। यानी पहले से ही भारी घाटे से दो-चार इंवेस्टर्स के लिए आगे की राह आसान होना मुश्किल लग रहा है। शुक्रवार को, बिटकॉइन अमेरिकी ट्रेडिंग घंटों के दौरान लगभग 59,100 डॉलर तक 7 परसेंट गिर गया, हालांकि बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी हुई और लगभग 61,500 डॉलर तक पहुंच गया। इसके बावजूद एक सप्ताह में ही बिटकॉइन में लगभग 16 परसेंट का करेक्शन आ चुका है। नीचे है। कुल मिलाकर बिटकॉइन अक्टूबर 2025 में हासिल लगभग 126,000 डॉलर के ऑल टाइम पीक लेवल से 50 परसेंट से अधिक नीचे है। हाल की गिरावट तब शुरू हुई जब माइकल सेलर द्वारा स्थापित फर्म स्ट्रैटेजी ने खुलासा किया कि उसने अपने बिटकॉइन होल्डिंग्स का एक हिस्सा बेच दिया है। हालांकि यह लॉट छोटा था लेकिन इसने निवेशकों के भरोसे को हिला दिया। इस कंपनी को लंबे समय से लॉन्गटर्म इंवेस्टर के रूप में माना जाता था। कंपनी के छोटा सा लॉट बेचने से सैकड़ों मिलियन डॉलर की बिकवाली हुई जिससे प्राइस करेक्शन और बढ़ गया। इंवेस्टर अब बिटकॉइन से इतर दूसरे विकल्पों पर दांव बढ़ा रहे हैं। पैसा एआई और सेमीकंडक्टर जैसे बूमिंग सेक्टरों में जा रहा है। अमेरिकी संसद में बंटी हुी राय होने के कारण अमेरिकी क्रिप्टो विधेयक (क्लैरिटी एक्ट) की रफ्तार भी घट गई है। बिटकॉइन सोमवार को शाम 6 बजे थोड़ी रिकवरी के साथ 63,000.7 डॉलर के लेवल पर था।


Label

PREMIUM

CONNECT WITH US

X
Login
X

Login

X

Click here to make payment and subscribe
X

Please subscribe to view this section.

X

Please become paid subscriber to read complete news