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23-05-2026

आईपीओ का बहाना, हिंदुस्तानी के हाथ लगेगा खजाना

  •  एलन मस्क की स्पेसएक्स का आईपीओ आ रहा है। रिपोर्ट कहती हैं इससे उस हिंदुस्तानी इंवेस्टर को मोटा मुनाफा मिलेगा जिसने मस्क पर तब भरोसा जताया था जब वे रीयूजेबल रॉकेट के रिस्की कॉन्सेप्ट पर काम कर रहे थे।  इस हिंदुस्तानी इंवेस्टर का नाम है एंटोनियो ग्रेसियास। माना जा रहा है स्पेसएक्स आईपीओ उन्हें ग्लोबल बिलिनेयर्स की लिस्ट में शामिल कर सकता है। हालांकि ग्रेसियास सिलिकॉन वैली में सालों से सक्रिय हैं लेकिन उन्हें कम ही लोग जानते हैं। वे न तो कंपनी का फेस थे और  न ही सोशल मीडिया पर चर्चा में रहने वाले। लेकिन इंडस्ट्री के जानकार कहते हैं जब भी मस्क को शुरुआती सपोर्ट की जरूरत पड़ी, ग्रेसियास अक्सर उनके साथ खड़े दिखाई दिए। अब यही भरोसा उन्हें कई देशों की पूरी इकोनॉमी से बड़ा खजाना दिला सकता है। रिपोट्र्स के अनुसार, लिस्टिंग के बाद स्पेसएक्स का वेल्यूएशन 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है, तो इस कंपनी के शुरुआती निवेशकों को आधुनिक तकनीकी इतिहास के सबसे बड़ा वेल्थ क्रिएशन का मौका मिलेगा।  स्पेसएक्स का आईपीओ एलन मस्क के लिए दुनिया का पहला ट्रिलिनेयर (1 ट्रिलियन डॉलर की नेटवर्थ वाला व्यक्ति) बनने का रास्ता साफ कर सकता है।  स्पेसएक्स में एलन मस्क के 85.1 परसेंट शेयर हैं। कंपनी का 7.5 ट्रिलियन डॉलर का वेल्यूएशन और मंगल ग्रह पर 10 लाख लोगों की स्थायी मानव बस्ती बनाने का टार्गेट है। आईपीओ के पेपर्स के अनुसार ग्रेासियास और उनकी इंवेस्टमेंट कंपनी वेलर इक्विटी पार्टनर्स की स्पेसएक्स में लगभग 7.3 परसेंट हिस्सेदारी हैं। यदि स्पेसएक्स का वेल्यूएशन 2 ट्रिलियन डॉलर हो जाता है तो ग्रेसियास की हिस्सेदारी की वेल्यू लगभग 128 बिलियन डॉलर होगी।  इतनी तो दुनिया की कई दिग्गज मल्टीनेशनल कंपनियों का कुल मार्केटकैप भी नहीं है। ग्रेसियास के पिता गोवा से अमेरिका गए थे और उन्होंने डेट्रॉइट में न्यूरोसर्जन के रूप में काम किया। उनकी मां स्पेनिश मूल की फार्मासिस्ट थीं और लोकल फार्मेसी चलाती थीं। अमेरिका में जन्मे और पले-बढ़े ग्रेसियास ने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में डिग्री ली है। 1995 में लॉ की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने एमजी कैपिटल नाम से इंवेस्टमेंट फर्म शुरू की थी जो आगे चलकर वेलर इक्विटी पार्टनर्स बनी और बाद के सालों में यह फर्म मस्क के वेंचर्स से गहराई से जुड़ गई। वेलर ने टेस्ला, स्पेसएक्स और एक्सएआई में इंवेस्टमेंट किया। वर्ष 2008 में प्राइवेट स्पेस इंडस्ट्री अधिकांश इंवेस्टर्स को अव्यावहारिक लग रही थी। रॉकेट परीक्षण विफल हो रहे थे,  प्रोफिटेबिलिटी कहीं नजर नहीं आ रही थी और केवल सरकारी कॉन्ट्रेक्ट के दम पर कंपनी का भविष्य अनिश्चित था। इसके बावजूद ग्रेसियास ने स्पेसएक्स पर भरोसा बनाए रखा। रिपोर्ट्स  के अनुसार, वेलर ने हाल ही में एक्सएआई के विशाल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी फंडिंग की है।  स्पेसएक्स ने पिछले वर्ष लगभग 18.6 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू जेनरेट किया। कंपनी का लॉन्गटर्म टार्गेट इंसान को धरती के इतर बहु-ग्रहीय (मल्टीप्लेनेटरी) बनाना है।

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आईपीओ का बहाना, हिंदुस्तानी के हाथ लगेगा खजाना

 एलन मस्क की स्पेसएक्स का आईपीओ आ रहा है। रिपोर्ट कहती हैं इससे उस हिंदुस्तानी इंवेस्टर को मोटा मुनाफा मिलेगा जिसने मस्क पर तब भरोसा जताया था जब वे रीयूजेबल रॉकेट के रिस्की कॉन्सेप्ट पर काम कर रहे थे।  इस हिंदुस्तानी इंवेस्टर का नाम है एंटोनियो ग्रेसियास। माना जा रहा है स्पेसएक्स आईपीओ उन्हें ग्लोबल बिलिनेयर्स की लिस्ट में शामिल कर सकता है। हालांकि ग्रेसियास सिलिकॉन वैली में सालों से सक्रिय हैं लेकिन उन्हें कम ही लोग जानते हैं। वे न तो कंपनी का फेस थे और  न ही सोशल मीडिया पर चर्चा में रहने वाले। लेकिन इंडस्ट्री के जानकार कहते हैं जब भी मस्क को शुरुआती सपोर्ट की जरूरत पड़ी, ग्रेसियास अक्सर उनके साथ खड़े दिखाई दिए। अब यही भरोसा उन्हें कई देशों की पूरी इकोनॉमी से बड़ा खजाना दिला सकता है। रिपोट्र्स के अनुसार, लिस्टिंग के बाद स्पेसएक्स का वेल्यूएशन 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है, तो इस कंपनी के शुरुआती निवेशकों को आधुनिक तकनीकी इतिहास के सबसे बड़ा वेल्थ क्रिएशन का मौका मिलेगा।  स्पेसएक्स का आईपीओ एलन मस्क के लिए दुनिया का पहला ट्रिलिनेयर (1 ट्रिलियन डॉलर की नेटवर्थ वाला व्यक्ति) बनने का रास्ता साफ कर सकता है।  स्पेसएक्स में एलन मस्क के 85.1 परसेंट शेयर हैं। कंपनी का 7.5 ट्रिलियन डॉलर का वेल्यूएशन और मंगल ग्रह पर 10 लाख लोगों की स्थायी मानव बस्ती बनाने का टार्गेट है। आईपीओ के पेपर्स के अनुसार ग्रेासियास और उनकी इंवेस्टमेंट कंपनी वेलर इक्विटी पार्टनर्स की स्पेसएक्स में लगभग 7.3 परसेंट हिस्सेदारी हैं। यदि स्पेसएक्स का वेल्यूएशन 2 ट्रिलियन डॉलर हो जाता है तो ग्रेसियास की हिस्सेदारी की वेल्यू लगभग 128 बिलियन डॉलर होगी।  इतनी तो दुनिया की कई दिग्गज मल्टीनेशनल कंपनियों का कुल मार्केटकैप भी नहीं है। ग्रेसियास के पिता गोवा से अमेरिका गए थे और उन्होंने डेट्रॉइट में न्यूरोसर्जन के रूप में काम किया। उनकी मां स्पेनिश मूल की फार्मासिस्ट थीं और लोकल फार्मेसी चलाती थीं। अमेरिका में जन्मे और पले-बढ़े ग्रेसियास ने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में डिग्री ली है। 1995 में लॉ की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने एमजी कैपिटल नाम से इंवेस्टमेंट फर्म शुरू की थी जो आगे चलकर वेलर इक्विटी पार्टनर्स बनी और बाद के सालों में यह फर्म मस्क के वेंचर्स से गहराई से जुड़ गई। वेलर ने टेस्ला, स्पेसएक्स और एक्सएआई में इंवेस्टमेंट किया। वर्ष 2008 में प्राइवेट स्पेस इंडस्ट्री अधिकांश इंवेस्टर्स को अव्यावहारिक लग रही थी। रॉकेट परीक्षण विफल हो रहे थे,  प्रोफिटेबिलिटी कहीं नजर नहीं आ रही थी और केवल सरकारी कॉन्ट्रेक्ट के दम पर कंपनी का भविष्य अनिश्चित था। इसके बावजूद ग्रेसियास ने स्पेसएक्स पर भरोसा बनाए रखा। रिपोर्ट्स  के अनुसार, वेलर ने हाल ही में एक्सएआई के विशाल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी फंडिंग की है।  स्पेसएक्स ने पिछले वर्ष लगभग 18.6 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू जेनरेट किया। कंपनी का लॉन्गटर्म टार्गेट इंसान को धरती के इतर बहु-ग्रहीय (मल्टीप्लेनेटरी) बनाना है।


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