रिलायंस की कैंपा को कोक और पेप्सी के खिलाफ जंग क्या जीतने में तो टाइम लगेगा लेकिन दिग्गजों के द्वंद्व में एक नया विनर तैयार हो रहा है। विनर कोई और नहीं बल्कि विजीकूलर यानी कांच वाला रेफ्रिजरेटर है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंज्यूमर गुड्स कंपनी और अमेरिकी कोला दिग्गजों में मार्केट शेयर को लेकर मुकाबला गर्म हो गया है और सभी कोला कंपनियां अपने डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क का विस्तार करने के लिए पूरे भारत में किराना दुकानों में कमर्शियल रेफ्रिजरेटर (विजीकूलर) लगा रहे हैं। ब्लू स्टार के मोहित सूद के अनुसार विजीकूलर का मार्केट गर्म हो गया है और उसका बड़ा कारण सभी कोला दिग्गजों का नेटवर्क विस्तार है। मार्केट रिसर्च फर्म आईमार्क ग्रुप के अनुसार, भारत में कमर्शियल फ्रिज (विजीकूलर सहित) का मार्केट 2025 में 2.8 बिलियन डॉलर का था जो 2034 तक 3.9 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। भारत का बेवरेज मार्केट तेज ग्रोथ के रास्ते पर है और कोला कंपनियां फ्रिज के जरिए इसमें अपना दखल बढ़ाना चाहती हैं। रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के 10 रुपये के फिजी (झाग वाला) ड्रिंक कैंपा ने अमेरिकी सोडा दिग्गजों के मोनोपॉली मार्केट को डिसरप्ट कर दिया है। नतीजा ब्लू स्टार और वोल्टास ही नहीं बल्कि हायर और वेस्टर्न रेफ्रिजरेशन जैसे बड़े रेफ्रजरेटर मैन्युफैक्चरर की पांचों अंगुलियां घी में हैं। पेप्सिको के बॉटलर वरुण बेवरेजेज के चेयरमैन रवि जयपुरिया के अनुसार सभी कंपनियां मिलकर करीब पांच लाख नए विजीकूलर लगा रही हैं। वहीं रिटेलर अपने स्तर पर 4-5 लाख कूलर खरीद रहे हैं। वरुण बेवरेजेज ने पिछले साल एवरेस्ट इंटरनेशनल होल्डिंग्स के साथ विजीकूलर और फ्रिज मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक जेवी बनाया है। रिलायंस के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में कैंपा की सेल्स 4700 करोड़ रुपये रही है, इस तरह यह देश का चौथा सबसे बड़ा कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड बन गया है। डेटा प्लेटफॉर्म टॉफलर के अनुसार, कोका-कोला इंडिया ने वित्तीय वर्ष26 में 5171 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जेनरेट किया था। हालांकि, इस वर्ष भारत के लिए एक गर्म और लंबी गर्मी का अनुुमान है जिससे इन फिजी ड्रिंक्स की डिमांड बढऩे की उम्मीद है। क्रिसिल रेटिंग्स के अनुसार, इससे कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियों को प्रोडक्शन कैपेसिटी और विजीकूलर बढ़ाने में मदद मिलेगी। ब्लू स्टार के सूद के अनुसार यह विजीकूलर एक फ्यूचर ऑरिएंटेड सैगमेंट है और इसमें कम पेनीट्रेशन के कारण कई साल तक ग्रोथ मिलेगी।