भारत के कॉर्पोरेट जगत में न्यू जेनरेशन के बिजनस लीडर्स तेजी से उभर रहे हैं और उन्होंने पिछले छह वर्षों में अभूतपूर्व वैल्यू क्रिएशन किया है। एएसके प्राइवेट वेल्थ और हुरुन इंडिया द्वारा हाल ही में जारी एएसके प्राइवेट वेल्थ हुरुन इंडिया सक्सेसर्स 50 में 50 वर्ष से कम उम्र के उन उत्तराधिकारियों को रैंक किया गया है, जिन्होंने मार्च 2020 से मार्च 2026 के बीच अपने फैमिली बिजनस में रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की है। रिपोर्ट के अनुसार, इन उत्तराधिकारी-नेतृत्व वाली कंपनियों ने मिलकर लगभग 26.3 लाख करोड़ का मार्केट वैल्यू जोड़ी है। इस दौरान इन कंपनियों की कुल एंटरप्राइज वैल्यू 4.6 लाख करोड़ से 6.7 गुना बढक़र 30.9 लाख करोड़ से अधिक हो गई। यह इस बात का संकेत है कि भारत के फैमिली बिजनस अब एक नए ग्रोथ फे•ा में प्रवेश कर चुके हैं। इस लिस्ट में टॉप पर जुपिटर वैगन्स के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर विकास लोहिया हैं, जिन्होंने 152.8 गुना ग्रोथ मल्टीपल हासिल किया। उनके नेतृत्व में कंपनी की मार्केट वैल्यू 10,666 करोड़ बढक़र 10,736 करोड़ हो गई। दूसरे स्थान के लिए तिलकनगर इंडस्ट्रीज के सीएमडी अमित दहानुकर और जिंदल स्टेनलेस के एमडी अभ्युदय जिंदल के बीच टाई हुआ जिन्होंने एकसमान 52.5 गुना की ग्रोथ दर्ज की। सेक्टर के लिहाज से ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स इंडस्ट्री सबसे आगे रहीं जिसमें नौ कंपनियां शामिल हैं। वहीं हेल्थकेयर सेक्टर में छह कंपनियां हैं, जिनका कुल मार्केट कैप 7.26 लाख करोड़ है। भौगोलिक रूप से मुंबई और नई दिल्ली सबसे बड़े हब के रूप में सामने आए। इन दोनों ही शहरों में छह-छह कंपनियों के मुख्यालय स्थित हैं। इन 50 कंपनियों का कुल एन्युअल रेवेन्यू 8.2 लाख करोड़ है और कुल नेट प्रॉफिट 90,168 करोड़ है, जो औसतन 14.4 परसेंट की सालाना ग्रोथ को दर्शाता है। साथ ही, ये कंपनियां मिलकर 8.6 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देती हैं। कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) में इनका कुल खर्च 1,028 करोड़ रुपये है। कुल वैल्यू क्रिएशन के मामले में अदानी पोर्ट्स एंड एसईजेड के करण अदानी शीर्ष पर हैं, जिन्होंने 2,67,525 करोड़ की वैल्यू जोड़ी। वहीं इनोक्सजीएफएल ग्रुप के देवांश जैन इस लिस्ट में अकेले ग्रीन-एनर्जी सक्सैसर हैं जिन्होंने 20.5 गुना ग्रोथ हासिल कर अपने ग्रुप की कुल वैल्यू 1 लाख करोड़ से अधिक कर दी। रिपोर्ट के अनुसार, परफॉर्मेंस इंडेक्स में कोरोमंडल इंटरनेशनल के अरुण अलागप्पन टॉप पर रहे।
