अमेरिका में मैसाचुसेट्स के पर्सनल ट्रेनर एलेक्स ग्रोसोमेनाइड्स ने एक जैकेट खरीदी। जब एलेक्स को जैकेट की डिलीवरी मिली, तो पता चला कि 34000 रुपये की जैकेट पर लगभग 21000 रुपये का टैक्स वसूला जा रहा है। एलेक्स ने पिछले साल फ्रांस की एक कंपनी से ऑनलाइन जैकेट खरीदा। अमेरिका में जब उन्हें जैकेट की डिलीवरी मिली, तो उन्हें 248.04 डॉलर (लगभग 21000 रुपये) का एक्स्ट्रा टैक्स भरना पड़ा। यह टैक्स इसलिए भरना पड़ा क्योंकि जैकेट म्यांमार में बनी थी। उस दौरान म्यांमार से अमेरिका आने वाले सामानों पर 40' की दर से टैरिफ लागू था। इसके चलते ही जैकेट पर एक्स्ट्रा कॉस्ट का बोझ बढ़ गया। एलेक्स ने शिपिंग कंपनी डीएचपी के जरिए टैरिफ का पेमेंट किया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को गैर-कानूनी ठहरा दिया है। अमेरिका में रिफंड की एक प्रक्रिया शुरू हो गई है जिसे अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा रिपेमेंट प्रोग्राम माना जा रहा है। 20 अप्रेल से रिफंड के लिए पोर्टल की शुरुआत होगी। यूएस बॉर्डर एंड कस्टम्स द्वारा मैनेज किए जाने वाले इस पोर्टल पर इंपोर्टरों को अपने क्लेम अपलोड करने होंगे। रिफंड सीधे इंपोर्टर ऑफ रिकॉर्ड (आईओआर) यानी इंपोर्टर को मिलेगा ना कि एक्सपोर्टर को। मामला जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट और इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट में लड़ा गया, तो दोनों ही कोर्ट ने फैसला सुनाया कि म्यांमार जैसे देशों से आने वाले सामान पर लगाए गए टैरिफ अवैध थे। एलेक्स की ही तरह कुछ दूसरे ग्राहकों ने भी कंपनियों के खिलाफ सामूहिक मुकदमा दर्ज करते हुए कहा कि सरकार की तरफ से उन्हें जो रिफंड मिलेगा, वह उन्हें वापस किया जाए। कोर्ट ने ग्राहकों को रिफंड दिए जाने का फैसला इसलिए सुनाया क्योंकि टैरिफ इम्पोर्टर्स पर लागू होते हैं इसलिए एलेक्स जैसे आम ग्राहकों को पैसा लौटाना पड़ेगा। यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने कस्टम्स अधिकारियों को ट्रंप टैरिफ के रूप में जमा किए गए 160 बिलियन डॉलर (करीब 13 लाख रुपये) से ज्यादा की रकम रिफंड करें। माना जा रहा है कि इसका फायदा लगभग 3.30 लाख इंपोर्टर्स को होगा। हालांकि अदालत के आदेश के बावजूद एलेक्स जैसे कस्टमर्स को टैक्स रिफंड मिलने के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है क्योंकि रिफंड डीएचपी या दूसरी शिपिंग कंपनियों जैसे इम्पोर्टर्स को दिए जाएंगे। ऐसे में कोई नहीं जानता कि ये कंपनियां एलेक्स जैसे बायर को कब टैक्स लौटायेंगी।