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16-04-2026

ईरान वॉर का लक्जरी रिटेलिंग पर करारा वार

  •  यूएई, कतर, ओमान, सऊदी, बहरीन और यहां तक कि इजराइल में चल संघर्ष के कारण एयरपोर्ट्स के कई सप्ताह तक बहुत कम कैपेसिटी पर ऑपरेट करने के कारण लक्जरी इंडस्ट्री की जड़ हिल गई है। इलीट परफ्यूम से लेकर सुपर लक्जरी लिकर के बायर्स के दम पर चलने वाले डीएफएस से लेकर अवोल्टा तक ड्यूटी-फ्री स्टोर्स क्राइसिस में फंस चुके हैं।  हालांकि फिलहाल सीजफायर है और ऑपरेशन्स धीरे-धीरे नॉर्मल किए जा रहे हैं लेकिन इस संघर्ष के जल्दी निपटने की उम्मीद कम है। करीब 6 सप्ताह से चल रहे ईरान-इजराइल वॉर ने लक्जरी और ब्यूटी ग्रुप्स को बड़ा झटका दिया है। यह इंडस्ट्री पहले ही चीन और यूरोप की कमजोर डिमांड से परेशान थी। लेकिन घाटे की भरपाई के एयरपोर्ट शॉपिंग और खाड़ी के सुपररिच बायर्स पर जो दांव लगाया वो उल्टा पड़ गया लगता है।  एनेलिस्ट्स के अनुसार खाड़ी के देशों में लंबे समय तक एयरपोर्ट एक्टिविटी अमूमन ठप रहने के कारण कोविड के शॉक से उबर रहे ट्रेवल-शॉपिंग सैक्टर पर प्रेशर बहुत बढ़ गया है। जिससे एलवीएमएच के ट्रेवल रिटेलिंग डिविजन डीएफएस जैसे कमजोर परफॉर्मेन्स वाले वर्टिकल्स पर दबाव पड़ेगा और एस्टी लॉडर, पुइग और लोरियल जैसी लक्जरी और प्रीमियम ब्यूटी ब्रांड्स भी इसकी चपेट में आने से बच नहीं पाएंगे।  हालांकि यह वॉर 28 फरवरी को शुरू हुआ था लेकिन मार्च के पहले दो सप्ताह में खाड़ी से उडऩे वाली और खाड़ी के देशों को जाने वाली फ्लाइट्स में भारी गिरावट आई। हालांकि यूएई की कुछ एयरलाइनें धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रही हैं, लेकिन ये अभी भी सामान्य स्तर से काफी कम हैं। यहां तक कि यूएई ने मई और जून में लॉन्ग रूट की 50 परसेंट के करीब फ्लाइट्स में कटौती कर दी है।  सिरियम का डेटाकहता है कि खाड़ी के देशों से 3 मार्च को 65 परसेंट फ्लाइट कैंसल हुई थीं हालांकि 27 मार्च को यह घटकर 13 परसेंट रह गई हैं लेकिन शेड्यूल्ड फ्लाइट्स में भारी कमी आई है। एलवीएमएच के सीएफओ सेसिल कबानिस के अनुसार उसके डीएफएस डिविजन का घाटा डबल डिजिट में रहने की आशंका है। खाड़ी क्षेत्र में कम खर्च के कारण ताजा तिमाही में उसकी सेल्स में 1 परसेंट की कमी आई है। 74 बिलियन डॉलर की ट्रेवल रिटेलिंग इंडस्ट्री में काम करने वाली कंपनियां इन्वेंट्री को शिफ्ट कर रही हैं और एयरपोर्ट शॉप्स को अस्थायी रूप से बंद कर रही हैं। एनेलिस्ट्स के अनुसार एयरपोर्ट्स के लक्जरी आउटलैट्स के लिए हालात नॉर्मल होने में समय लगेगा। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लोरियल का ईसॉप, केरिंग का गुची और एस्टी का जो मालोन स्टोर्स हैं। लेकिन ड्रोन हमले के बाद इसे अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था और अब यह खुल तो चुका है लेकिन कम कैपेसिटी पर काम कर रहा है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट बार-बार ड्रोन हमलों के कारण बंद है, जिससे अवोल्टा और बूट्स के आउटलेट्स भी बंद हो गए हैं। अवोल्टा अपने आउटलैट्स को स्लो सेल्स के बजाय हाई फुलफॉल वाले इलाकों में ले जा रही है। केरिंग की सीएफओ आर्मेल पोलो ने भी ट्रेवल रिटेलिंग में कमजोरी की बात कही है। हालात कितने गंभीर हैं कि मार्च में केरिंग की ग्लोबल सेल्स में 3 परसेंट की गिरावट आई और गुची पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। लोरियल का ट्रेवल रिटेल बिजनस 44 बिलियन डॉलर का है लेकिन मार्च में इसमें 4 परसेंट की गिरावट आई।

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ईरान वॉर का लक्जरी रिटेलिंग पर करारा वार

 यूएई, कतर, ओमान, सऊदी, बहरीन और यहां तक कि इजराइल में चल संघर्ष के कारण एयरपोर्ट्स के कई सप्ताह तक बहुत कम कैपेसिटी पर ऑपरेट करने के कारण लक्जरी इंडस्ट्री की जड़ हिल गई है। इलीट परफ्यूम से लेकर सुपर लक्जरी लिकर के बायर्स के दम पर चलने वाले डीएफएस से लेकर अवोल्टा तक ड्यूटी-फ्री स्टोर्स क्राइसिस में फंस चुके हैं।  हालांकि फिलहाल सीजफायर है और ऑपरेशन्स धीरे-धीरे नॉर्मल किए जा रहे हैं लेकिन इस संघर्ष के जल्दी निपटने की उम्मीद कम है। करीब 6 सप्ताह से चल रहे ईरान-इजराइल वॉर ने लक्जरी और ब्यूटी ग्रुप्स को बड़ा झटका दिया है। यह इंडस्ट्री पहले ही चीन और यूरोप की कमजोर डिमांड से परेशान थी। लेकिन घाटे की भरपाई के एयरपोर्ट शॉपिंग और खाड़ी के सुपररिच बायर्स पर जो दांव लगाया वो उल्टा पड़ गया लगता है।  एनेलिस्ट्स के अनुसार खाड़ी के देशों में लंबे समय तक एयरपोर्ट एक्टिविटी अमूमन ठप रहने के कारण कोविड के शॉक से उबर रहे ट्रेवल-शॉपिंग सैक्टर पर प्रेशर बहुत बढ़ गया है। जिससे एलवीएमएच के ट्रेवल रिटेलिंग डिविजन डीएफएस जैसे कमजोर परफॉर्मेन्स वाले वर्टिकल्स पर दबाव पड़ेगा और एस्टी लॉडर, पुइग और लोरियल जैसी लक्जरी और प्रीमियम ब्यूटी ब्रांड्स भी इसकी चपेट में आने से बच नहीं पाएंगे।  हालांकि यह वॉर 28 फरवरी को शुरू हुआ था लेकिन मार्च के पहले दो सप्ताह में खाड़ी से उडऩे वाली और खाड़ी के देशों को जाने वाली फ्लाइट्स में भारी गिरावट आई। हालांकि यूएई की कुछ एयरलाइनें धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रही हैं, लेकिन ये अभी भी सामान्य स्तर से काफी कम हैं। यहां तक कि यूएई ने मई और जून में लॉन्ग रूट की 50 परसेंट के करीब फ्लाइट्स में कटौती कर दी है।  सिरियम का डेटाकहता है कि खाड़ी के देशों से 3 मार्च को 65 परसेंट फ्लाइट कैंसल हुई थीं हालांकि 27 मार्च को यह घटकर 13 परसेंट रह गई हैं लेकिन शेड्यूल्ड फ्लाइट्स में भारी कमी आई है। एलवीएमएच के सीएफओ सेसिल कबानिस के अनुसार उसके डीएफएस डिविजन का घाटा डबल डिजिट में रहने की आशंका है। खाड़ी क्षेत्र में कम खर्च के कारण ताजा तिमाही में उसकी सेल्स में 1 परसेंट की कमी आई है। 74 बिलियन डॉलर की ट्रेवल रिटेलिंग इंडस्ट्री में काम करने वाली कंपनियां इन्वेंट्री को शिफ्ट कर रही हैं और एयरपोर्ट शॉप्स को अस्थायी रूप से बंद कर रही हैं। एनेलिस्ट्स के अनुसार एयरपोर्ट्स के लक्जरी आउटलैट्स के लिए हालात नॉर्मल होने में समय लगेगा। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लोरियल का ईसॉप, केरिंग का गुची और एस्टी का जो मालोन स्टोर्स हैं। लेकिन ड्रोन हमले के बाद इसे अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था और अब यह खुल तो चुका है लेकिन कम कैपेसिटी पर काम कर रहा है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट बार-बार ड्रोन हमलों के कारण बंद है, जिससे अवोल्टा और बूट्स के आउटलेट्स भी बंद हो गए हैं। अवोल्टा अपने आउटलैट्स को स्लो सेल्स के बजाय हाई फुलफॉल वाले इलाकों में ले जा रही है। केरिंग की सीएफओ आर्मेल पोलो ने भी ट्रेवल रिटेलिंग में कमजोरी की बात कही है। हालात कितने गंभीर हैं कि मार्च में केरिंग की ग्लोबल सेल्स में 3 परसेंट की गिरावट आई और गुची पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। लोरियल का ट्रेवल रिटेल बिजनस 44 बिलियन डॉलर का है लेकिन मार्च में इसमें 4 परसेंट की गिरावट आई।


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