अमेरिका और यूरोप में बिलियन डॉलर की कमाई करने के बाद नोवो नोर्डिक और एली लिली जैसी वेटलॉस दवा कंपनियों की नजर अब भारत पर है। भारत को डायबिटीज कैपिटल ऑफ द वल्र्ड करते हैं ऐसे में यह नेचुरल ग्रोथ ड्राइवर माना जा रहा है। अभी वेट लॉस दवा कंपनियां भारत में मार्केटिंग चैनल तैयार ही कर रही है कि उन्हें अचानक एक जैकपॉट मिल गया है...। शादी की तैयारी कर रहे दूल्हा और दुल्हन भारत में इन वेट-लॉस दवा कंपनियों के टार्गेट पर आ गए हैं। देशभर में कई वेलनेस क्लिनिक अब माउनजारो ब्राइड पैकेज को प्रमोट कर रहे हैं। ऐसे क्लिनिक्स की भी कमी नहीं है जिन्होंने वेट-लॉस इंजेक्शनों को प्री-वेडिंग ट्रांसफॉर्मेशन पैकेज में शामिल कर लिया है। आमतौर पर ये क्लिनिक वेडिंग पैकेज में स्किन ट्रीटमेंट और हेयरस्टाइल मेकओवर ही ऑफर करते हैं। देश में यह सब गड़बड़झाला तब हो रहा है जब भारत सरकार ने वेट-लॉस दवाओं को प्रेस्क्रिप्शन ऑनली की कैटेगरी में डाल रखा है। यानी केवल डॉक्टर की पर्ची पर ही इन्हें खरीदा जा सकता है। कई क्लिनिक ऐसे हैं जो इंस्टाग्राम पर वुड बी ब्राइड यानी शादी की तैयारी कर रही महिलाओं के लिए ...गाइडेड न्यूट्रिशन, माउनजारो और स्मार्ट वर्कआउट्स के पैकेज ऑफर कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार दूल्हा और दुल्हन बनने की तैयारी कर रहे युवा अपनी ओर से ऐसे क्लिनिक तलाश कर रहे हैं जिनके पैकेज में वेट-लॉस दवा शामिल हैं। माउनजारो दरअसल अमेरिकी दवा कंपनी एली लिली की जीएलपी-1 दवा है जो डायबिटीज और वेट-लॉस दोनों के लिए प्रभावी मानी जाती है। इस दवा की डिमांड डेनमार्क की कंपनी नोवो नॉर्डिस्क की ऐसी ही दवा वेगोवी से अधिक है। नई दिल्ली के एक बेरियाट्र्कि सर्जन के अनुसार कई महीने का ट्रेंड बताता है कि वेट-लॉस इंजेक्शनों की पूछताछ करने वालों में से 20 परसेंट से भी ज्यादा दुल्हन होती हैं। इनमें से ज्यादातर खुद बताती हैं कि उनके पास कितना टाइम है और कब शादी होने वाली है। हालांकि उनका दावा है कि वे वेट-लॉस दवाएं केवल उन्हीं मरीजों को लिखते हैं जो चिकित्सकीय रूप से योग्य होते हैं, केवल कॉस्मेटिक उपयोग के लिए नहीं। इनमें से बहुत से युवा ऐसे भी हैं जिन्होंने शादी की तैयारी तो बहुत पहले कर दी थी लेकिन एक्सरसाइज और डाइट से ज्यादा फायदा नहीं हुआ। नोवो और लिली ने पिछले साल भारत में अपनी वेट-लॉस दवाएं लॉन्च कीं। अनुमान है कि 2030 तक भारत में वेट-लॉस दवाओं का मार्केट 8 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। हाल ही भारत की दवा कंपनियों ने नोवो नोर्डिक की वेगोवी का जेनरिक वर्जन लॉन्च किया है। वेगोवी के एपीआई (एक्टिव फार्मा इनग्रीडियंट) सेमाग्लुटाइड का पेटेंट हाल ही खत्म हुआ है। ये दवाएं मोटापे या फिर डायबिटीज, हाइपरटेंशन या स्लीप एपनिया आदि से परेशान लोगों के डॉक्टरों द्वारा लिखी जाती हैं। लिली ने भी कहा है कि माउनजारो को केवल योग्य स्वास्थ्य पेशेवर की निगरानी में ही इस्तेमाल करने के लिए अप्रूवल मिला है। भारत में माउनजारो इंजेक्शन पेन की एक महीने की सबसे कम खुराक 13,125 रुपये की है जबकि एक महीने की सबसे ज्यादा खुराक 25,781 रुपये है। इसके मुकाबले नोवो ओजेम्पिक और वेगोवी की कीमतों में दूसरी बार कटौती की। अब वेगोवी की एक महीने की सबसे कम खुराक 5,660 रुपये और सबसे ज्यादा खुराक 16,400 रुपये की है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2050 तक भारत में 44 करोड़ से अधिक लोग ओवरवेट या मोटापे से पीडि़त होने का अनुमान है। एक ओर भारत की दवा कंपनियों ने वेट-लॉस दवाओं के सस्ते वर्जन लॉन्च किए हैं वहीं दूसरी ओर भारत के ड्रग्स रेगुलेटर ने दुरुपयोग को देखते हुए इनकी अनधिकृत बिक्री और प्रचार पर निगरानी बढ़ा दी है।