भारतीय रिजर्व बैंक ने फरवरी 2023 के बाद रेपो रेट में वृद्धि की है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने तीन दिन चली मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक के बाद रेपो रेट में 0.25 फीसदी वृद्धि की घोषणा की। अब रेपो रेट 5.25 फीसदी से बढाकर 5.50 फीसदी कर दी गई है। यनी अब बैंकों को आरबीआई से 5.25 फीसदी की तुलना में 5.50 फीसदी की ब्याज दर पर कर्ज मिलेगा। फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल का कहना है कि जाहिर है कि जब बैंकों को महंगा कर्ज मिलेगा तो बैंक अपने कमर्शियल और रिटेल लोन को भी महंगा करेंगे। इससे मार्केट में महंगाई का दबाव बढ़ेगा। आरबीआई को आने वाले त्योहारी सीजन को देखते हुए अभी रेपो रेट वृद्धि को टालना चाहिए था। इसका एक और कारण है कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण पिछले 8 महीनों में इंडस्ट्रियल रॉ- मैटेरियल और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की कीमतों में 30 फीसदी तक का उछाल आ चुका है। ऐसे में रेपो रेट बढऩे से घरेलू बाजार मंदी की चपेट में आ सकता है। इसमें एक और बात गौर करने की है कि इस बार मानसून भी कमजोर रहा है, जिसके कारण एग्री प्रोडक्ट की कीमतों में भी वृद्धि का अंदेशा जताया जा रहा है। इसलिए रेपो रेट वृद्धि के लिए फिलहाल उचित समय नहीं है।