राजस्थान में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और पश्चिमी राजस्थान में आधुनिक औद्योगिक आधारभूत ढांचा विकसित करने की दिशा में जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया (JPMIA) में भूखण्ड आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। निवेशकों के लिए प्रथम चरण में 30 भूखण्ड प्रत्यक्ष आवंटन के लिए उपलब्ध कराए गए हैं जिनमें 28 औद्योगिक भूखण्ड तथा 2 मोटल/रेस्टोरेंट भूखण्ड शामिल हैं। औद्योगिक भूखण्डों में 23 भूखण्ड टेक्सटाइल जोन तथा शेष 5 भूखण्ड जनरल जोन के लिये उपलब्ध हैं। राजस्थान इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स डवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (क्रढ्ढष्ठष्टह्र) द्वारा इन भूखण्डों के आवंटन के लिए ईएमडी जमा करने की प्रक्रिया 28 सितंबर से प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक निवेशक 31 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवंटन के समय कुल राशि की 25 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। शेष 75 प्रतिशत राशि के भुगतान के लिए 11 त्रैमासिक किस्तों का विकल्प उपलब्ध है। भूखण्डों, पंजीकरण तथा आवंटन से संबंधित विस्तृत जानकारी रिडको की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि जेपीएमआई को डीएमआईसी नेशनल इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर कार्यक्रम के तहत विकसित किया जा रहा है। परियोजना का प्रथम चरण लगभग 1578 एकड़ में विकसित किया जा रहा है। यह क्षेत्र जोधपुर और पाली के बीच स्थित है। परियोजना मारवाड़ जंक्शन स्थित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से लगभग 60 किलोमीटर, जोधपुर रेलवे स्टेशन और जोधपुर एयरपोर्ट हवाई अड्डे से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर है। जेपीएमआई में लगभग 10,000 करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है तथा इससे करीब 2 लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। परियोजना में टेक्सटाइल एवं अपैरल, एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटोमोबाइल, हैंडीक्राफ्ट तथा बिल्डिंग मैटेरियल जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की योजना है। जेपीएमआईए के विकास से जोधपुर-पाली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिमी राजस्थान के अन्य जिलों में भी औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तथा प्रमुख सडक़ मार्ग, रेल और हवाई संपर्क से जुड़ाव के कारण यह क्षेत्र विनिर्माण इकाइयों, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार कर सकता है। परियोजना के विकसित होने से क्षेत्र में निवेश, औद्योगिक गतिविधियों एवं रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।