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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

17-07-2026

‘सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को भी धीरे-धीरे कैपिटल मार्केट की ओर बढऩा चाहिए’

  •  लघु उद्योग भारती महिला इकाई एवं गोलेच्छा इन्वेस्टमेंट जोधपुर के तत्वावधान मे ‘निवेशक अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गोलेच्छा इन्वेस्टमेन्ट जोधपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील गोलेच्छा व सुरभि गोलेच्छा ने महिलाओं को निवेश के विभिन्न विकल्पों, पूंजी बाजार की कार्यप्रणाली तथा वितीय उत्पादों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी बचत को केवल सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उचित जानकारी के साथ विभिन्न निवेश माध्यमों का चयन कर अपने धन को दीर्घकालिक रूप से बढ़ाना चाहिए। बचत का वास्तविक अर्थ भविष्य की आवश्यकताओं और अप्रत्याशित खर्चों के लिए आर्थिक सुरक्षा तैयार करना है, इसलिए नियमित बचत और सुनियोजित निवेश प्रत्येक परिवार की प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लघु उद्योग भारती महिला इकाई की अध्यक्ष मोना हरवानी ने कहा कि सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को भी धीरे-धीरे कैपिटल मार्केट की ओर बढऩा चाहिए, जिससे उद्योगों को कैपिटल उपलब्ध होने के साथ-साथ उनके विस्तार और विकास को नई गति मिल सके। उन्होंने कहा कि आज कैपिटल मार्केट देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और अधिकाधिक लोगों की भागीदारी बढ़ रही है। कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमियों एवं प्रतिभागियों की निवेश से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाओं का विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। कार्यक्रम में संस्था की सचिव कंचन लोहिया, कोषाध्यक्ष शिल्पा अग्रवाल, ममता मनानी, निधि, मीनाक्षी, ममता लोहिया व सुनीता शर्मा व इंदु चौपड़ा समेत कई महिला उद्यमी उपस्थित थी। 

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‘सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को भी धीरे-धीरे कैपिटल मार्केट की ओर बढऩा चाहिए’

 लघु उद्योग भारती महिला इकाई एवं गोलेच्छा इन्वेस्टमेंट जोधपुर के तत्वावधान मे ‘निवेशक अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गोलेच्छा इन्वेस्टमेन्ट जोधपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील गोलेच्छा व सुरभि गोलेच्छा ने महिलाओं को निवेश के विभिन्न विकल्पों, पूंजी बाजार की कार्यप्रणाली तथा वितीय उत्पादों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी बचत को केवल सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उचित जानकारी के साथ विभिन्न निवेश माध्यमों का चयन कर अपने धन को दीर्घकालिक रूप से बढ़ाना चाहिए। बचत का वास्तविक अर्थ भविष्य की आवश्यकताओं और अप्रत्याशित खर्चों के लिए आर्थिक सुरक्षा तैयार करना है, इसलिए नियमित बचत और सुनियोजित निवेश प्रत्येक परिवार की प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लघु उद्योग भारती महिला इकाई की अध्यक्ष मोना हरवानी ने कहा कि सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को भी धीरे-धीरे कैपिटल मार्केट की ओर बढऩा चाहिए, जिससे उद्योगों को कैपिटल उपलब्ध होने के साथ-साथ उनके विस्तार और विकास को नई गति मिल सके। उन्होंने कहा कि आज कैपिटल मार्केट देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और अधिकाधिक लोगों की भागीदारी बढ़ रही है। कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमियों एवं प्रतिभागियों की निवेश से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाओं का विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। कार्यक्रम में संस्था की सचिव कंचन लोहिया, कोषाध्यक्ष शिल्पा अग्रवाल, ममता मनानी, निधि, मीनाक्षी, ममता लोहिया व सुनीता शर्मा व इंदु चौपड़ा समेत कई महिला उद्यमी उपस्थित थी। 


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