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15-07-2026

प्रदेश में ट्रक ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल, सप्लाई चेन हुई डिस्टर्ब

  •  राजस्थान में परिवहन नियमों के नए प्रावधानों के विरोध में शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते 10,000 से अधिक ट्रक सडक़ से हट गए हैं। परिवहन कारोबारी वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) की अनिवार्यता, परमिट संबंधी समस्याओं, फिटनेस प्रमाण-पत्र के नवीनीकरण और ई-डिटेक्शन चालान जैसे मुद्दों का विरोध कर रहे हैं। हड़ताल के कारण नई बुकिंग पूरी तरह बंद कर दी गई है। हालांकि, जो ट्रक पहले से माल लेकर रास्ते में हैं, वे सामान की डिलिवरी करने के बाद हड़ताल में शामिल होंगे। राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के आह्वान पर शुरू हुए इस आंदोलन को विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, जयपुर ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन, जयपुर ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन सहित कई परिवहन संगठनों का समर्थन प्राप्त है। सोमवार से शुरू हुई हड़ताल के चलते जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर और विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (वीकेआई) सहित प्रमुख परिवहन केंद्रों पर माल चढ़ाने और उतारने का काम ठप हो गया है। परिवहन कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि यदि गतिरोध लंबा चला तो सीमेंट, इस्पात, किराना, कृषि उपज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने कहा कि अखिल भारतीय परमिट वाले करीब 35,000 से 40,000 ट्रक प्रभावित हुए हैं, क्योंकि अनिवार्य वीएलटीडी के बिना परमिट जारी नहीं किए जा रहे हैं। वीएलटीडी एक जीपीएस आधारित ट्रैकिंग प्रणाली है, जिसके जरिये वाहन के गंतव्य, गति, मार्ग और वास्तविक समय की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सकती है। सरकार ने इसे कुछ श्रेणी के व्यावसायिक वाहनों के लिए अनिवार्य किया है। चौधरी ने कहा, परिवहन विभाग ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है, लेकिन जब तक अधिकृत विक्रेताओं की नियुक्ति नहीं होती, वीएलटीडी नहीं लगाए जाते और परमिट जारी नहीं होते, तब तक समस्या बनी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा, पंजाब, गुजरात, बिहार और असम जैसे राज्यों में यही जीपीएस आधारित ट्रैकिंग उपकरण 3,000 से 3,500 रुपए में उपलब्ध है, जबकि राजस्थान में परिवहन कारोबारियों से इसके लिए 25,000 से 30,000 रुपए तक मांगे जा रहे हैं। चौधरी ने दावा किया कि पिछले एक महीने से अखिल भारतीय परमिट जारी नहीं किए गए हैं, जिससे हजारों व्यावसायिक वाहन खड़े हैं। जयपुर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश जैन ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए अधिकारियों के साथ बैठक होने की संभावना है। फिलहाल कोई नई बुकिंग नहीं ली जा रही है।

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प्रदेश में ट्रक ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल, सप्लाई चेन हुई डिस्टर्ब

 राजस्थान में परिवहन नियमों के नए प्रावधानों के विरोध में शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते 10,000 से अधिक ट्रक सडक़ से हट गए हैं। परिवहन कारोबारी वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) की अनिवार्यता, परमिट संबंधी समस्याओं, फिटनेस प्रमाण-पत्र के नवीनीकरण और ई-डिटेक्शन चालान जैसे मुद्दों का विरोध कर रहे हैं। हड़ताल के कारण नई बुकिंग पूरी तरह बंद कर दी गई है। हालांकि, जो ट्रक पहले से माल लेकर रास्ते में हैं, वे सामान की डिलिवरी करने के बाद हड़ताल में शामिल होंगे। राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के आह्वान पर शुरू हुए इस आंदोलन को विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, जयपुर ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन, जयपुर ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन सहित कई परिवहन संगठनों का समर्थन प्राप्त है। सोमवार से शुरू हुई हड़ताल के चलते जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर और विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (वीकेआई) सहित प्रमुख परिवहन केंद्रों पर माल चढ़ाने और उतारने का काम ठप हो गया है। परिवहन कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि यदि गतिरोध लंबा चला तो सीमेंट, इस्पात, किराना, कृषि उपज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने कहा कि अखिल भारतीय परमिट वाले करीब 35,000 से 40,000 ट्रक प्रभावित हुए हैं, क्योंकि अनिवार्य वीएलटीडी के बिना परमिट जारी नहीं किए जा रहे हैं। वीएलटीडी एक जीपीएस आधारित ट्रैकिंग प्रणाली है, जिसके जरिये वाहन के गंतव्य, गति, मार्ग और वास्तविक समय की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सकती है। सरकार ने इसे कुछ श्रेणी के व्यावसायिक वाहनों के लिए अनिवार्य किया है। चौधरी ने कहा, परिवहन विभाग ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है, लेकिन जब तक अधिकृत विक्रेताओं की नियुक्ति नहीं होती, वीएलटीडी नहीं लगाए जाते और परमिट जारी नहीं होते, तब तक समस्या बनी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा, पंजाब, गुजरात, बिहार और असम जैसे राज्यों में यही जीपीएस आधारित ट्रैकिंग उपकरण 3,000 से 3,500 रुपए में उपलब्ध है, जबकि राजस्थान में परिवहन कारोबारियों से इसके लिए 25,000 से 30,000 रुपए तक मांगे जा रहे हैं। चौधरी ने दावा किया कि पिछले एक महीने से अखिल भारतीय परमिट जारी नहीं किए गए हैं, जिससे हजारों व्यावसायिक वाहन खड़े हैं। जयपुर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश जैन ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए अधिकारियों के साथ बैठक होने की संभावना है। फिलहाल कोई नई बुकिंग नहीं ली जा रही है।


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