नरेंद्र मोदी ने बालोतरा के पचपदरा में भारत के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर को राष्ट्र को समर्पित किया, जो देश के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रतीक है। इस दौरान, पीएम मोदी ने वर्चुअल तरीके से जयपुर मेट्रो फेज-2 प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री मोदी ने रिफाइनरी के अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और कच्चे तेल को रिफाइन करने की प्रक्रिया को समझने के लिए इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों से बातचीत की। रिफाइनरी को देश को समर्पित करने से पहले उन्होंने प्रोजेक्ट के विकास को दिखाने वाली एक डॉक्यूमेंट्री भी देखी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स में लगभग दो घंटे बिताए। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और राजस्थान सरकार के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) की क्षमता वाले इस ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की स्थापना 79,450 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश से की गई है। इस अत्याधुनिक परिसर में शोधन और पेट्रोकेमिकल उत्पादन की सुविधाओं को एकीकृत किया गया है, जिसकी पेट्रोकेमिकल क्षमता 2.4 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। इस रिफाइनरी का नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17.0 है और पेट्रोकेमिकल उत्पादन 26 प्रतिशत से अधिक है, जो दक्षता और स्थिरता के ग्लोबल स्टैंडर्ड के अनुरूप है। यह देश का पहला जमीनी स्तर का एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है। यह रिफाइनरी राजस्थान के मंगला टर्मिनल से 15 लाख टन क्रूड ऑयल और इंपोर्टेड ऑयल से 75 लाख टन ऑयल का प्रसंस्करण करेगी। उन्होंने रिफाइनरी के उद्घाटन का जिक्र करते हुए कहा कि आज का दिन साक्षी है कि भाजपा सरकारें परियोजनाओं को सिर्फ शिलान्यास करके नहीं छोड़ती बल्कि हम उन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए भी दिन-रात एक कर देते हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मुझे याद है, 16 जनवरी 2018 को प्रधानमंत्री ने पचपदरा की इसी धरती पर इस रिफाइनरी परियोजना का शुभारंभ किया था और आज वे इसका उद्घाटन कर रहे हैं। यह उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने तब कहा था कि यह रिफाइनरी यहां की तकदीर भी बदलेगी और तस्वीर भी बदलेगी। प्रधानमंत्री के कर-कमलों से लगभग 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनी यह रिफाइनरी प्रदेश की भाग्यरेखा बनने जा रही है। आज का यह ऐतिहासिक दिन केवल राजस्थान के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के औद्योगिक, आर्थिक विकास के लिए भी एक मील का पत्थर है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल तरीके से जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण की आधारशिला रखी, जिसकी कुल लागत 13,000 करोड़ रुपए से अधिक है। दूसरे चरण के तहत प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो सीतापुरा और विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (वीकेआई) के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को 36 स्टेशनों के माध्यम से जोड़ेगा। यह कॉरिडोर सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, वीकेआई, जयपुर हवाई अड्डा, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल, एसएमएस स्टेडियम, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर सहित प्रमुख स्थानों को जोड़ेगा।