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06-05-2026

राजमां चित्रा : ठहरकर लाभ की उम्मीद

  •  राजमां चित्रा की फसल महाराष्ट्र में पूरी तरह आकर वितरक मंडियों में जा चुकी है, लेकिन ग्राहकी का पूरी तरह पलायन हो जाने से राजमां चित्रा का व्यापार ठंडा हो गया है तथा मंडियों में आपूर्ति में कमी को देखकर मंदा पूरी तरह समाप्त हो गया है। विदेश में भी ऊंचे पड़ते के माल मिल रहे हैं, इन परिस्थितियों में जैसे ही राजमां चित्रा में ग्राहकी निकलेगी, इसमें 10 रुपए प्रति किलो बढ़ाना कोई मुश्किल की बात नहीं है, अब यहां से घटना की गुंजाइश बिल्कुल नहीं है। राजमां चित्रा का व्यापार इस समय चीन की बाजार महाराष्ट्र के बारसी एवं बीड लाइन के इंडियन ब्राजील का हो रहा है, क्योंकि चीन के भाव ऊंचे हैं, जिससे उसका व्यापार बहुत कम हो रहा है। वास्तविकता यह है कि 5 अप्रैल से पूरा महीना राजमां चित्रा के व्यापार में भारी कमी रही, जिस कारण औने पौने भाव में माल कटते चले गए। बीते बिजाई सीजन में महाराष्ट्र में इंडियन ब्राज़ील राजमां चित्रा 80 प्रतिशत एवं 20 प्रतिशत में भूटानी गन्ना माल बोया गया था, वह दिल्ली-मुंबई में स्टॉक एवं खपत में चला गया है। फिलहाल ग्राहकी के अभाव में यहां का 15-20 दिनों के अंतराल 5/6 रुपए और घटाकर 84-86 रुपए प्रति कुंतल के आसपास व्यापार सुना गया, जबकि कुछ बड़े कारोबारी अभी माल नहीं बेच रहे हैं, क्योंकि चीन में भी क्वालिटी को देखते हुए पड़ता नहीं है। वहां 1000/1010 डॉलर प्रति टन भाव बोल रहे हैं, लेकिन उन मालों में क्वालिटी की कोई गारंटी नहीं है, बढिय़ा माल आज भी आयातक 1070-1075 डॉलर प्रति टन ही बोल रहे हैं, लेकिन उन मालों के कदरदान अभी नहीं है। इन परिस्थितियों में 84/86 रुपए प्रति किलो का ब्राज़ील जब तक बाजार में रहेगा, वही बिकेगा। हम मानते हैं की पैकिंग में चीन के माल ही ज्यादा बिकेंगे, लेकिन उसके लिए अभी लंबा समय बाकी है, इसलिए इंडियन ब्राजील में लाभ का व्यापार दिखाई दे रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पहले बारसी लाइन में इंडियन ब्राज़ील एवं गन्ना राजमां चित्रां को मिलाकर 8/8.50 लाख बोरी का उत्पादन अनुमान लगाया गया था, लेकिन फसल अब घरों में जा चुकी है तथा वहां पिछले एक पखवाड़े से आपूर्ति को देखते हुए यह उत्पादन अनुमान अब 6 लाख बोरी के आसपास रह गया है। कहने का मतलब यह है कि पूर्व अनुमान से उत्पादन कम आने लगा है। चीन के पड़ते दिल्ली नहीं लग रहा है तथा उससे काफी नीचे भाव में इंडियन ब्राजील का व्यापार व्हाइट माल के बिना छने हुए के बिक रहे है तथा इसी माल को दिल्ली हरियाणा पंजाब राजस्थान यूपी एवं उत्तरांचल के कारोबारी रेट्स एवं क्वालिटी के कंपैरिजन में पसंद कर रहे हैं। अभी यह माल 10 दिन बिकते नहीं देगा उसके बाद व्यापार वर्तमान भाव पर भरपूर लाभदायक रहेगा।

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राजमां चित्रा : ठहरकर लाभ की उम्मीद

 राजमां चित्रा की फसल महाराष्ट्र में पूरी तरह आकर वितरक मंडियों में जा चुकी है, लेकिन ग्राहकी का पूरी तरह पलायन हो जाने से राजमां चित्रा का व्यापार ठंडा हो गया है तथा मंडियों में आपूर्ति में कमी को देखकर मंदा पूरी तरह समाप्त हो गया है। विदेश में भी ऊंचे पड़ते के माल मिल रहे हैं, इन परिस्थितियों में जैसे ही राजमां चित्रा में ग्राहकी निकलेगी, इसमें 10 रुपए प्रति किलो बढ़ाना कोई मुश्किल की बात नहीं है, अब यहां से घटना की गुंजाइश बिल्कुल नहीं है। राजमां चित्रा का व्यापार इस समय चीन की बाजार महाराष्ट्र के बारसी एवं बीड लाइन के इंडियन ब्राजील का हो रहा है, क्योंकि चीन के भाव ऊंचे हैं, जिससे उसका व्यापार बहुत कम हो रहा है। वास्तविकता यह है कि 5 अप्रैल से पूरा महीना राजमां चित्रा के व्यापार में भारी कमी रही, जिस कारण औने पौने भाव में माल कटते चले गए। बीते बिजाई सीजन में महाराष्ट्र में इंडियन ब्राज़ील राजमां चित्रा 80 प्रतिशत एवं 20 प्रतिशत में भूटानी गन्ना माल बोया गया था, वह दिल्ली-मुंबई में स्टॉक एवं खपत में चला गया है। फिलहाल ग्राहकी के अभाव में यहां का 15-20 दिनों के अंतराल 5/6 रुपए और घटाकर 84-86 रुपए प्रति कुंतल के आसपास व्यापार सुना गया, जबकि कुछ बड़े कारोबारी अभी माल नहीं बेच रहे हैं, क्योंकि चीन में भी क्वालिटी को देखते हुए पड़ता नहीं है। वहां 1000/1010 डॉलर प्रति टन भाव बोल रहे हैं, लेकिन उन मालों में क्वालिटी की कोई गारंटी नहीं है, बढिय़ा माल आज भी आयातक 1070-1075 डॉलर प्रति टन ही बोल रहे हैं, लेकिन उन मालों के कदरदान अभी नहीं है। इन परिस्थितियों में 84/86 रुपए प्रति किलो का ब्राज़ील जब तक बाजार में रहेगा, वही बिकेगा। हम मानते हैं की पैकिंग में चीन के माल ही ज्यादा बिकेंगे, लेकिन उसके लिए अभी लंबा समय बाकी है, इसलिए इंडियन ब्राजील में लाभ का व्यापार दिखाई दे रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पहले बारसी लाइन में इंडियन ब्राज़ील एवं गन्ना राजमां चित्रां को मिलाकर 8/8.50 लाख बोरी का उत्पादन अनुमान लगाया गया था, लेकिन फसल अब घरों में जा चुकी है तथा वहां पिछले एक पखवाड़े से आपूर्ति को देखते हुए यह उत्पादन अनुमान अब 6 लाख बोरी के आसपास रह गया है। कहने का मतलब यह है कि पूर्व अनुमान से उत्पादन कम आने लगा है। चीन के पड़ते दिल्ली नहीं लग रहा है तथा उससे काफी नीचे भाव में इंडियन ब्राजील का व्यापार व्हाइट माल के बिना छने हुए के बिक रहे है तथा इसी माल को दिल्ली हरियाणा पंजाब राजस्थान यूपी एवं उत्तरांचल के कारोबारी रेट्स एवं क्वालिटी के कंपैरिजन में पसंद कर रहे हैं। अभी यह माल 10 दिन बिकते नहीं देगा उसके बाद व्यापार वर्तमान भाव पर भरपूर लाभदायक रहेगा।


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