औद्योगिक मांग कमजोर होने तथा स्टाकिस्टों की बिकवाली से सोया एसिड आयल के भाव 850 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गए। भविष्य में मंदे की संभावना कम है। एसिड आयल की तेजी मंदी के बारे में खबरें पढऩे को मिलती रहती है। इसी तारतम्य में ताजा सर्वे के अनुसार साबुन निर्माताओं की मांग बढऩे एवं स्टॉकिंग की बिकवाली कमजोर होने से से एक माह के दौरान सोया एसिड आयल के भाव 850 रुपए घटकर 9400/9450 रुपए प्रति कुंतल हो गए। उक्त अवधि के दौरान साबुन में प्रयोग होने वाले अन्य कच्चे माल की कीमतों में मामूली का गिरावट रही। यद्यपि डिटर्जेंट के बढ़ते प्रयोग से साबुन उद्योग की मांग में सुस्त हो गई है। एसिड आयल का प्रयोग साबुन उद्योग के अतिरिक्त डिटर्जेंट,पाउडर व सौंदर्य प्रसाधनों व ग्रीस निर्माण में किया जाता हैं। हालांकि डॉलर की तुलना में रुपया लुढक़ने के कारण विदेशी तेलों का आयात भी महंगा हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बाजार में क्रूड पाम ऑयल के भाव 100 डॉलर बढक़र 1257 डॉलर प्रति टन हो गए। डॉलर की तुलना में रुपए रुपया लुढक़ कर 94.93 रुपए के निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपए में आई भारी गिरावट के कारण आयातक बिकवाली घटने से पाम फैटी के भाव हल्दिया में 10400/10500 रुपए प्रति कुंतल बोले गए। सोयाबीन की कीमतों में आई तेजी के कारण बिकवाली कमजोर होने से मध्य प्रदेश की मंडियों में सोया एसिड आयल के भाव 800 रुपए बढक़र 9100 रुपए प्रति क्विंटल हो गई। वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए भविष्य में इसमें गिरावट की संभावना कम है। बाजार 200/300 रुपए के उतार चढ़ाव के बीच में घूमता रह सकता है।