TOP

ई - पेपर Subscribe Now!

ePaper
Subscribe Now!

Download
Android Mobile App

Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

09-05-2026

फ्यूल पैनिक चाइना के लिए बन गया टॉनिक

  •  ईरान वॉर चीन की क्राइसिस में फंसी ईवी इंडस्ट्री के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। यूरोप और एशिया-पैसिफिक के देशों में फ्यूल सप्लाई और फ्यूल प्राइस को लेकर फैला पैनिक चीन की ईवी इंडस्ट्री के लिए टॉनिक का काम कर रहा है। साथ में लगी टेबल के अनुसार ईरान वॉर से ऐन पहले फरवरी में चीन में 7.65 लाख न्यूएनर्जी वेहीकल बिके थे। लेकिन जैसे ही फ्यूल सप्लाई और फ्यूल प्राइस का पैनिक फैला सेल्स तेज बाउंस करते हुए मार्च में 12.52 लाख हो गई। वर्ष 2025 में जनवरी-अप्रेल के चार महीनों में कुल सेल्स 42.99 लाख यूनिट्स थी जबकि वर्ष 2026 के इन्हीं चार महीनों में यह कुल 41.82 लाख यूनिट्स रही। हालांकि कुल सेल्स में 2.71 परसेंट की कमी आई है लेकिन जनवरी में फ्लैट और फरवरी में सेल्स जिस तरह से धड़ाम हुई उससे बड़े करेक्शन का अनुमान था लेकिन फ्यूल पैनिक चाइनीज ईवी के लिए टॉनिक (संजीवनी) साबित हुआ है। ईरान वॉर का फायदा बात सिर्फ इलेक्ट्रिक और न्यू एनर्जी पैसेंजर वेहीकल तक सीमित नहीं है। बल्कि एनेलिस्ट्स का मानना है कि डीजल कीमतों में आई तेजी चीन में इलेक्ट्रिक हैवी ट्रक्स की डिमांड को हाई गियर में पहुंचा सकती है। यदि यह होता है तो इससे दुनिया के सबसे बड़े तेल इंपोर्टर चीन में डीजल डिमांड घटने की रफ्तार और तेज होगी।  पिछले दो वर्ष में चीन में इलेक्ट्रिक हैवी ट्रक्स की सेल्स एक छोटे से नीश मार्केट से बढक़र मेनस्ट्रीम में आ गई है। 2025 में हेवी ट्रक सेल्स में इलेक्ट्रिक का शेयर लगभग एक-तिहाई था। चीन सरकार कैप्टिव रूट्स (माइन्स, पोर्ट्स या पोर्ट से इंडस्ट्रियल हब) पर इलेक्ट्रिक हैवी ट्रक्स को प्रमोट करने के लिए सब्सिडी दे रही है, चार्जिंग कॉस्ट को घटा रही है और इंफ्रास्ट्रक्चर पर इंवेस्ट कर रही है। डेटा एनेलिटिक्स कंपनी सीवीवल्र्ड के अनुसार 2026 की शुरुआत भी मजबूत रही। वर्ष 2026 के पहले महीनों में न्यू-एनर्जी हैवी ट्रक्स जिनमें अधिकांश इलेक्ट्रिक ट्रक हैं, की सेल्स 45 परसेंट बढक़र 44 हजार यूनिट्स तक पहुंच गई।

    कुल हैवी ट्रक सेल्स में इनका शेयर 25 परसेंट से अधिक हो गया है जो पिछले साल 20 परसेंट से भी कम था। एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के सीनियर एनेलिस्ट मिन जी के अनुसार डीजल महंगा होने से ईवी ट्रक को फायदा हो रहा है और कंपनियां सेल्स प्लान को बढ़ा रही हैं।  फिलहाल अधिकांश इलेक्ट्रिक हैवी ट्रक्स की रेंज लगभग 300 किमी है और इन्हें आमतौर पर इंडस्ट्रियल एरिया और ट्रांसपोर्ट हब्स के बीच स्मॉल डिस्टेंस ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन देश में लॉन्ग डिस्टेंस ग्रीन कॉरिडोर भी डवलप हो रहे हैं। चीन की दिग्गज हेवी वेहीकल एंड मशीनरी कंपनी सैनी ग्रुप अब 600 किमी ड्राइव रेंज वाले इलेक्ट्रिक ट्रक्स को प्रमोट कर रही है। चीन में इलेक्ट्रिक कारों के चलन और इलेक्ट्रिक व एलएनजी ट्रक्स की सेल्स में तेजी के कारण डीजल और पेट्रोल की डिमांड में गिरावट शुरू हो गई है। एनेलिस्ट कहते हैं कि चीन में ऑइल की पीक डिमांड 2030 में दिख सकती है।  जीएल कन्सल्टिंग का अनुमान है कि इस वर्ष चीन में डीजल कंजम्पशन 4.3 परसेंट घटेगा, जबकि ईरान वॉर से पहले 4.1 परसेंट गिरावट का अनुमान था। हालांकि रिस्टैड एनर्जी का डीजल डिमांड में 5 परसेंट कमी का अनुमान है। केवल वॉर के कारण डीजल डिमांड में रोजाना  40 हजार बैरल की एक्स्ट्रा कमी आने का अनुमान है। चीन में एक इलेक्ट्रिक हैवी ट्रक्सकी कीमत लगभग 73,500 डॉलर से शुरू होती है। हालांकि एक्सचेंज प्रोग्राम में सरकार डीजल ट्रक बेचने पर आधी लागत की सब्सिडी दे रही है। एनेलिस्ट्स के अनुसार लाइफटाइम में 10 लाख किमी चलते पर डीजल ट्रक के मुकाबले इलेक्ट्रिक ट्रक की टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप (टीसीओ) आधी ही पड़ती है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के अनुसार 2024 में चीन में लगभग 1.6 लाख इलेक्ट्रिक ट्रक्स बिके जबकि यूरोप में करीब 25 हजार। ऐसे में दर्जनभर चीनी कंपनियां इस साल यूरोप के मार्केट में कूद रही हैं। सैनी ग्रुप के चेंग डॉन्ग के अनुसार इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर ट्रक बाजार 50 परसेंट बढक़र 2.5 लाख यूनिट तक पहुंच सकता है।

Share
फ्यूल पैनिक चाइना के लिए बन गया टॉनिक

 ईरान वॉर चीन की क्राइसिस में फंसी ईवी इंडस्ट्री के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। यूरोप और एशिया-पैसिफिक के देशों में फ्यूल सप्लाई और फ्यूल प्राइस को लेकर फैला पैनिक चीन की ईवी इंडस्ट्री के लिए टॉनिक का काम कर रहा है। साथ में लगी टेबल के अनुसार ईरान वॉर से ऐन पहले फरवरी में चीन में 7.65 लाख न्यूएनर्जी वेहीकल बिके थे। लेकिन जैसे ही फ्यूल सप्लाई और फ्यूल प्राइस का पैनिक फैला सेल्स तेज बाउंस करते हुए मार्च में 12.52 लाख हो गई। वर्ष 2025 में जनवरी-अप्रेल के चार महीनों में कुल सेल्स 42.99 लाख यूनिट्स थी जबकि वर्ष 2026 के इन्हीं चार महीनों में यह कुल 41.82 लाख यूनिट्स रही। हालांकि कुल सेल्स में 2.71 परसेंट की कमी आई है लेकिन जनवरी में फ्लैट और फरवरी में सेल्स जिस तरह से धड़ाम हुई उससे बड़े करेक्शन का अनुमान था लेकिन फ्यूल पैनिक चाइनीज ईवी के लिए टॉनिक (संजीवनी) साबित हुआ है। ईरान वॉर का फायदा बात सिर्फ इलेक्ट्रिक और न्यू एनर्जी पैसेंजर वेहीकल तक सीमित नहीं है। बल्कि एनेलिस्ट्स का मानना है कि डीजल कीमतों में आई तेजी चीन में इलेक्ट्रिक हैवी ट्रक्स की डिमांड को हाई गियर में पहुंचा सकती है। यदि यह होता है तो इससे दुनिया के सबसे बड़े तेल इंपोर्टर चीन में डीजल डिमांड घटने की रफ्तार और तेज होगी।  पिछले दो वर्ष में चीन में इलेक्ट्रिक हैवी ट्रक्स की सेल्स एक छोटे से नीश मार्केट से बढक़र मेनस्ट्रीम में आ गई है। 2025 में हेवी ट्रक सेल्स में इलेक्ट्रिक का शेयर लगभग एक-तिहाई था। चीन सरकार कैप्टिव रूट्स (माइन्स, पोर्ट्स या पोर्ट से इंडस्ट्रियल हब) पर इलेक्ट्रिक हैवी ट्रक्स को प्रमोट करने के लिए सब्सिडी दे रही है, चार्जिंग कॉस्ट को घटा रही है और इंफ्रास्ट्रक्चर पर इंवेस्ट कर रही है। डेटा एनेलिटिक्स कंपनी सीवीवल्र्ड के अनुसार 2026 की शुरुआत भी मजबूत रही। वर्ष 2026 के पहले महीनों में न्यू-एनर्जी हैवी ट्रक्स जिनमें अधिकांश इलेक्ट्रिक ट्रक हैं, की सेल्स 45 परसेंट बढक़र 44 हजार यूनिट्स तक पहुंच गई।

कुल हैवी ट्रक सेल्स में इनका शेयर 25 परसेंट से अधिक हो गया है जो पिछले साल 20 परसेंट से भी कम था। एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के सीनियर एनेलिस्ट मिन जी के अनुसार डीजल महंगा होने से ईवी ट्रक को फायदा हो रहा है और कंपनियां सेल्स प्लान को बढ़ा रही हैं।  फिलहाल अधिकांश इलेक्ट्रिक हैवी ट्रक्स की रेंज लगभग 300 किमी है और इन्हें आमतौर पर इंडस्ट्रियल एरिया और ट्रांसपोर्ट हब्स के बीच स्मॉल डिस्टेंस ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन देश में लॉन्ग डिस्टेंस ग्रीन कॉरिडोर भी डवलप हो रहे हैं। चीन की दिग्गज हेवी वेहीकल एंड मशीनरी कंपनी सैनी ग्रुप अब 600 किमी ड्राइव रेंज वाले इलेक्ट्रिक ट्रक्स को प्रमोट कर रही है। चीन में इलेक्ट्रिक कारों के चलन और इलेक्ट्रिक व एलएनजी ट्रक्स की सेल्स में तेजी के कारण डीजल और पेट्रोल की डिमांड में गिरावट शुरू हो गई है। एनेलिस्ट कहते हैं कि चीन में ऑइल की पीक डिमांड 2030 में दिख सकती है।  जीएल कन्सल्टिंग का अनुमान है कि इस वर्ष चीन में डीजल कंजम्पशन 4.3 परसेंट घटेगा, जबकि ईरान वॉर से पहले 4.1 परसेंट गिरावट का अनुमान था। हालांकि रिस्टैड एनर्जी का डीजल डिमांड में 5 परसेंट कमी का अनुमान है। केवल वॉर के कारण डीजल डिमांड में रोजाना  40 हजार बैरल की एक्स्ट्रा कमी आने का अनुमान है। चीन में एक इलेक्ट्रिक हैवी ट्रक्सकी कीमत लगभग 73,500 डॉलर से शुरू होती है। हालांकि एक्सचेंज प्रोग्राम में सरकार डीजल ट्रक बेचने पर आधी लागत की सब्सिडी दे रही है। एनेलिस्ट्स के अनुसार लाइफटाइम में 10 लाख किमी चलते पर डीजल ट्रक के मुकाबले इलेक्ट्रिक ट्रक की टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप (टीसीओ) आधी ही पड़ती है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के अनुसार 2024 में चीन में लगभग 1.6 लाख इलेक्ट्रिक ट्रक्स बिके जबकि यूरोप में करीब 25 हजार। ऐसे में दर्जनभर चीनी कंपनियां इस साल यूरोप के मार्केट में कूद रही हैं। सैनी ग्रुप के चेंग डॉन्ग के अनुसार इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर ट्रक बाजार 50 परसेंट बढक़र 2.5 लाख यूनिट तक पहुंच सकता है।


Label

PREMIUM

CONNECT WITH US

X
Login
X

Login

X

Click here to make payment and subscribe
X

Please subscribe to view this section.

X

Please become paid subscriber to read complete news