TOP

ई - पेपर Subscribe Now!

ePaper
Subscribe Now!

Download
Android Mobile App

Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

01-05-2026

‘surveillance Economy’ में अपॉच्र्युनिटी ढूंढऩे का समय

  •  भारत में वीडियो सर्विलांस अब सिर्फ सुरक्षा का साधन नहीं रहा, बल्कि एक तेजी से उभरता हुआ बिजऩेस अवसर बन चुका है। बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक कैमरों की बढ़ती मांग, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और नई तकनीकों के इस्तेमाल ने इस सेक्टर को नई दिशा दी है। वैश्विक स्तर पर वीडियो सर्विलांस बाजार मजबूत ग्रोथ दिखा रहा है और आने वाले वर्षों में इसमें लगातार वृद्धि की उम्मीद है। इसका असर भारत में भी साफ दिखाई दे रहा है, जहां बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है, लेकिन अभी भी इसकी पहुंच पूरी तरह नहीं बनी है। भारत के शहरों के आंकड़े इस अवसर को और स्पष्ट करते हैं। हैदराबाद जैसे शहरों में प्रति 1,000 लोगों पर करीब 79 कैमरे हैं, जबकि दिल्ली में यह संख्या लगभग 9 और मुंबई में करीब 4 है। अहमदाबाद में तो यह आंकड़ा लगभग 2 के आसपास है। यह अंतर बताता है कि देश के कई हिस्सों में अभी भी सर्विलांस सिस्टम लगाने की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण है देश में हो रहा तेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकास। अनुमान है कि 2030 तक भारत में करीब 2.5 करोड़ नए घर बनेंगे और 2025 तक लगभग 80 नए एयरपोर्ट तैयार होंगे। इन सभी जगहों पर आधुनिक सुरक्षा सिस्टम की जरूरत होगी, जिससे सर्विलांस बाजार को सीधा फायदा मिलेगा। टेक्नोलॉजी में बदलाव ने भी इस सेक्टर को नई गति दी है। अब कैमरे सिर्फ रिकॉर्डिंग तक सीमित नहीं हैं। ्रढ्ढ आधारित सिस्टम चेहरे पहचान सकते हैं, नंबर प्लेट पढ़ सकते हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत अलर्ट दे सकते हैं। इससे सुरक्षा पहले से ज्यादा स्मार्ट और प्रभावी हो गई है। इसके साथ ही क्लाउड और मोबाइल तकनीक के कारण अब निगरानी और आसान हो गई है। लोग अपने फोन से कहीं से भी लाइव फुटेज देख सकते हैं और तुरंत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे छोटे दुकानदारों और घरों में भी आधुनिक सर्विलांस सिस्टम तेजी से अपनाए जा रहे हैं। सरकारी नीतियां भी इस बाजार को मजबूत बना रही हैं। स्कूलों, बैंकों, ट्रैफिक सिस्टम और सार्वजनिक स्थानों पर कैमरे लगाना अब आम होता जा रहा है। स्मार्ट सिटी और डिजिटल इंडिया जैसे प्रोजेक्ट्स इस मांग को और बढ़ा रहे हैं। निजी क्षेत्र में भी सर्विलांस का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। रिटेल स्टोर ग्राहक व्यवहार समझने के लिए कैमरों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि कंपनियां सुरक्षा और कामकाज की निगरानी के लिए इन्हें अपना रही हैं। वहीं, घरों में भी सुरक्षा को लेकर बढ़ती जागरूकता के कारण कैमरों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

Share
‘surveillance Economy’ में अपॉच्र्युनिटी ढूंढऩे का समय

 भारत में वीडियो सर्विलांस अब सिर्फ सुरक्षा का साधन नहीं रहा, बल्कि एक तेजी से उभरता हुआ बिजऩेस अवसर बन चुका है। बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक कैमरों की बढ़ती मांग, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और नई तकनीकों के इस्तेमाल ने इस सेक्टर को नई दिशा दी है। वैश्विक स्तर पर वीडियो सर्विलांस बाजार मजबूत ग्रोथ दिखा रहा है और आने वाले वर्षों में इसमें लगातार वृद्धि की उम्मीद है। इसका असर भारत में भी साफ दिखाई दे रहा है, जहां बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है, लेकिन अभी भी इसकी पहुंच पूरी तरह नहीं बनी है। भारत के शहरों के आंकड़े इस अवसर को और स्पष्ट करते हैं। हैदराबाद जैसे शहरों में प्रति 1,000 लोगों पर करीब 79 कैमरे हैं, जबकि दिल्ली में यह संख्या लगभग 9 और मुंबई में करीब 4 है। अहमदाबाद में तो यह आंकड़ा लगभग 2 के आसपास है। यह अंतर बताता है कि देश के कई हिस्सों में अभी भी सर्विलांस सिस्टम लगाने की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण है देश में हो रहा तेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकास। अनुमान है कि 2030 तक भारत में करीब 2.5 करोड़ नए घर बनेंगे और 2025 तक लगभग 80 नए एयरपोर्ट तैयार होंगे। इन सभी जगहों पर आधुनिक सुरक्षा सिस्टम की जरूरत होगी, जिससे सर्विलांस बाजार को सीधा फायदा मिलेगा। टेक्नोलॉजी में बदलाव ने भी इस सेक्टर को नई गति दी है। अब कैमरे सिर्फ रिकॉर्डिंग तक सीमित नहीं हैं। ्रढ्ढ आधारित सिस्टम चेहरे पहचान सकते हैं, नंबर प्लेट पढ़ सकते हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत अलर्ट दे सकते हैं। इससे सुरक्षा पहले से ज्यादा स्मार्ट और प्रभावी हो गई है। इसके साथ ही क्लाउड और मोबाइल तकनीक के कारण अब निगरानी और आसान हो गई है। लोग अपने फोन से कहीं से भी लाइव फुटेज देख सकते हैं और तुरंत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे छोटे दुकानदारों और घरों में भी आधुनिक सर्विलांस सिस्टम तेजी से अपनाए जा रहे हैं। सरकारी नीतियां भी इस बाजार को मजबूत बना रही हैं। स्कूलों, बैंकों, ट्रैफिक सिस्टम और सार्वजनिक स्थानों पर कैमरे लगाना अब आम होता जा रहा है। स्मार्ट सिटी और डिजिटल इंडिया जैसे प्रोजेक्ट्स इस मांग को और बढ़ा रहे हैं। निजी क्षेत्र में भी सर्विलांस का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। रिटेल स्टोर ग्राहक व्यवहार समझने के लिए कैमरों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि कंपनियां सुरक्षा और कामकाज की निगरानी के लिए इन्हें अपना रही हैं। वहीं, घरों में भी सुरक्षा को लेकर बढ़ती जागरूकता के कारण कैमरों की मांग तेजी से बढ़ रही है।


Label

PREMIUM

CONNECT WITH US

X
Login
X

Login

X

Click here to make payment and subscribe
X

Please subscribe to view this section.

X

Please become paid subscriber to read complete news