क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए अमेजन द गुड राइस अलायंस के साथ एक समझौते के तहत भारत के छोटे धान किसानों द्वारा उत्पन्न कार्बन क्रेडिट खरीदेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य धान की खेती से निकलने वाले मीथेन उत्सर्जन को कम करना है। इस समझौते के तहत अमेजन शुरुआत में 6.85 लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड के बराबर कार्बन क्रेडिट खरीदेगा। पानी से भरे धान के खेतों को 8-10 परसेंट ग्लोबल मीथेन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार माना जाता है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मीथेन उत्सर्जक देश है और यहां दुनिया का सबसे बड़ा धान खेती क्षेत्र है, जिससे 10 करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। द गुड राइस अलायंस वर्तमान में भारत के 13000 से अधिक छोटे किसानों के साथ काम कर रहा है और 35 हजार हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि को कवर करता है। कार्यक्रम के तहत किसानों को उन्नत जल प्रबंधन तकनीकों जैसे ऑल्टरनेट वेटिंग एंड ड्राइंग और डायरेक्ट सीड राइस का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे पानी की खपत 30' तक कम हो सकती है। मीथेन को एक सुपर पॉल्यूटेंट माना जाता है और इसका ग्लोबल वार्मिंग प्रभाव कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में 27 गुना से अधिक होता है। कार्यक्रम के तहत बनने वाले कार्बन क्रेडिट्स को वेरा यानी वेरिफाइड कार्बन स्टेंडर्ड के जरिए प्रमाणित किया जाएगा। खेतों से जुटाए गए डेटा का सैटेलाइट आधारित मिट्टी की नमी और जल स्तर के आंकड़ों से भी मिलान किया जाएगा। आमतौर पर कार्बन क्रेडिट एक टन कार्बन क्रेडिट की प्राइस 8-14 डॉलर के बीच होती है।