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15-04-2026

म्यूचुअल फंड इंवेस्टमेंट का बड़ा हब बन रहा है जयपुर

  •  इंडियन स्टॉक मार्केट में लगातार उतार-चढ़ाव, जियो पॉलिटिकल टेंशन और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच जहां निवेशक असमंजस में हैं, वहीं म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री शानदार प्रदर्शन करते हुए नया रिकॉर्ड बना रही है। मार्केट में वोलैटिलिटी के बावजूद रिटेल इन्वेस्टरों ने सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (स्ढ्ढक्क) और लोंग टर्म के इन्वेस्टमेंट को जारी रखा है, जिससे राजस्थान के म्यूचुअल फंड इंवेस्टमेंट को स्ट्रान्ग सपोर्ट मिला है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के भीतर जयपुर म्यूचुअल फंड इंवेस्टमेंट का सबसे बड़ा हब बनकर उभरा है, जहां 69,400 करोड़ रुपये का एयूएम है, जो राजस्थान के कुल एयूएम का 42 फीसदी है का सभी शहरों से सबसे अधिक योगदान है। जयपुर में 30.17 लाख से अधिक म्यूचुअल फंड फोलियो हैं, जो रिटेल इन्वेस्टर्स की मजबूत और बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। प्रदेश के अन्य शहर जैसे उदयपुर (15,725 करोड़ रुपए) और जोधपुर (13,119 करोड़ रुपए) भी राज्य के म्यूचुअल फंड परिदृश्य में योगदान देते हैं, हालांकि एयूएम और निवेशकों की संख्या के मामले में जयपुर स्पष्ट रूप से सबसे आगे है। एम्फी के अनुसार फरवरी 2026 तक राजस्थान में कुल एयूएम 1,64,425 करोड़ रुपए हैं, जो इंडिया के कुल म्यूचुअल फंड एयूएम का लगभग 2 फीसदी है। राज्य में निवेशकों का आधार लगातार बढ़ रहा है और यहां 1.10 करोड़ से अधिक म्यूचुअल फंड फोलियो हैं। स्टेट लेवल पर राजस्थान इंडिया के कुल म्यूचुअल फंड फोलियो में लगभग 4 फीसदी का योगदान देता है, जो राष्ट्रीय निवेश पारिस्थितिकी तंत्र में उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। एसआईपी आधारित इन्वेस्टमेंट भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। राज्य में 49.43 लाख एसआईपी फोलियो हैं, जो कुल फोलियो का 45 फीसदी हैं। एसआईपी एयूएम 60,759 करोड़ रुपये है, जो राजस्थान के कुल एयूएम का 37 फीसदी है। वहीं, इंडिया के कुल एसआईपी फोलियो में राज्य की हिस्सेदारी 4.8 फीसदी है। राजस्थान में इन्वेस्टर इनक्लूजन भी बढ़ रहा है। राजस्थान में 30.39 लाख से अधिक यूनिक इन्वेस्टर हैं, जिनमें 21 फीसदी महिलाएं हैं, जो विभिन्न वर्गों में निवेश भागीदारी के बढ़ते रुझान को दर्शाता है। राजस्थान की आर्थिक मजबूती भी इस वृद्धि को समर्थन देती है। राजस्थान इंडिया की जीडीपी में 5 फीसदी से अधिक योगदान देता है, तो साथ ही डोमेस्टिक सेविंग के वित्तीयकरण को बढ़ाने के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।

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म्यूचुअल फंड इंवेस्टमेंट का बड़ा हब बन रहा है जयपुर

 इंडियन स्टॉक मार्केट में लगातार उतार-चढ़ाव, जियो पॉलिटिकल टेंशन और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच जहां निवेशक असमंजस में हैं, वहीं म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री शानदार प्रदर्शन करते हुए नया रिकॉर्ड बना रही है। मार्केट में वोलैटिलिटी के बावजूद रिटेल इन्वेस्टरों ने सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (स्ढ्ढक्क) और लोंग टर्म के इन्वेस्टमेंट को जारी रखा है, जिससे राजस्थान के म्यूचुअल फंड इंवेस्टमेंट को स्ट्रान्ग सपोर्ट मिला है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के भीतर जयपुर म्यूचुअल फंड इंवेस्टमेंट का सबसे बड़ा हब बनकर उभरा है, जहां 69,400 करोड़ रुपये का एयूएम है, जो राजस्थान के कुल एयूएम का 42 फीसदी है का सभी शहरों से सबसे अधिक योगदान है। जयपुर में 30.17 लाख से अधिक म्यूचुअल फंड फोलियो हैं, जो रिटेल इन्वेस्टर्स की मजबूत और बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। प्रदेश के अन्य शहर जैसे उदयपुर (15,725 करोड़ रुपए) और जोधपुर (13,119 करोड़ रुपए) भी राज्य के म्यूचुअल फंड परिदृश्य में योगदान देते हैं, हालांकि एयूएम और निवेशकों की संख्या के मामले में जयपुर स्पष्ट रूप से सबसे आगे है। एम्फी के अनुसार फरवरी 2026 तक राजस्थान में कुल एयूएम 1,64,425 करोड़ रुपए हैं, जो इंडिया के कुल म्यूचुअल फंड एयूएम का लगभग 2 फीसदी है। राज्य में निवेशकों का आधार लगातार बढ़ रहा है और यहां 1.10 करोड़ से अधिक म्यूचुअल फंड फोलियो हैं। स्टेट लेवल पर राजस्थान इंडिया के कुल म्यूचुअल फंड फोलियो में लगभग 4 फीसदी का योगदान देता है, जो राष्ट्रीय निवेश पारिस्थितिकी तंत्र में उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। एसआईपी आधारित इन्वेस्टमेंट भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। राज्य में 49.43 लाख एसआईपी फोलियो हैं, जो कुल फोलियो का 45 फीसदी हैं। एसआईपी एयूएम 60,759 करोड़ रुपये है, जो राजस्थान के कुल एयूएम का 37 फीसदी है। वहीं, इंडिया के कुल एसआईपी फोलियो में राज्य की हिस्सेदारी 4.8 फीसदी है। राजस्थान में इन्वेस्टर इनक्लूजन भी बढ़ रहा है। राजस्थान में 30.39 लाख से अधिक यूनिक इन्वेस्टर हैं, जिनमें 21 फीसदी महिलाएं हैं, जो विभिन्न वर्गों में निवेश भागीदारी के बढ़ते रुझान को दर्शाता है। राजस्थान की आर्थिक मजबूती भी इस वृद्धि को समर्थन देती है। राजस्थान इंडिया की जीडीपी में 5 फीसदी से अधिक योगदान देता है, तो साथ ही डोमेस्टिक सेविंग के वित्तीयकरण को बढ़ाने के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।


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