TOP

ई - पेपर Subscribe Now!

ePaper
Subscribe Now!

Download
Android Mobile App

Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

03-06-2026

मदर डेयरी ने पेश किया मिट्टी में विघटित होने वाला मिल्क पाउच

  •  मदर डेयरी ने पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप एक ऐसा इनोवेटिव मिल्क पाउच पेश किया, जो मिट्टी में प्राकृतिक रूप से विघटित हो जाता है। भारत के प्रमुख ताजा दूध आपूर्तिकर्ताओं में से एक मदर डेयरी कई राज्यों में प्रतिदिन लगभग 55 लाख लीटर दूध बेचती है। उनके अनुसार मिट्टी में भारत का पहला प्राकृतिक रूप से विघटित होने वाला दूध पाउच पेश किया गया है, जो पर्यावरण में प्लास्टिक का कोई निशान नहीं छोड़ेगा। कंपनी शुरुआत में इस नए जैव-विघटनीय दूध पाउच का उपयोग पांच जून यानी ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ से दिल्ली-एनसीआर में बेचे जाने वाले अपने गाय के दूध के लिए करेगी। मदर डेयरी, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है। मदर डेयरी के अनुसार, उसके नए दूध पाउच में एक तरह का अनूठा विघटित होने वाला पैकेजिंग नवाचार उपयोग किया गया है, जो सामग्री को जैव-उपलब्ध मोम में बदलने में सक्षम बनाता है। यह मोम, मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीवों द्वारा प्राकृतिक रूप से टूटकर प्राकृतिक तत्वों में बदल जाता है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के चेयरमैन मीनेश शाह ने कहा कि नई पैकेजिंग सदियों में नहीं बल्कि कुछ वर्षों में मिट्टी में स्वाभाविक रूप से विघटित होने के लिए तैयार की गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बदलाव उपभोक्ताओं के लिए दूध की कीमतों पर बिना किसी प्रभाव के किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मदर डेयरी, पृथ्वी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। शाह ने कहा कि मदर डेयरी का भारत के पहले प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले दूध पाउच को पेश करना एक बड़ी उपलब्धि है, जो इस क्षेत्र की अग्रणी भूमिका और नए मानक स्थापित करने की क्षमता को दर्शाता है। मदर डेयरी के प्रबंध निदेशक जयतीर्थ चारी ने कहा कि हमने ऐसा पाउच बनाने के लिए चार वर्षों से अधिक तक अनुसंधान किया, जो पर्यावरण में प्लास्टिक का कोई निशान नहीं छोड़ता। उन्होंने कहा कि ये दूध पाउच पुनर्चक्रण योग्य (रीसाइक्लेबल) बने रहेंगे, लेकिन इनकी विशेषता यह है कि ये प्राकृतिक तत्वों में टूट सकते हैं, जिससे ‘फ्यूजिटिव प्लास्टिक’ (पर्यावरण में बिखरा प्लास्टिक) की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी। मदर डेयरी की स्थापना 1974 में की गई। यह ‘मदर डेयरी’ ब्रांड के तहत दूध और दुग्ध उत्पादों जैसे कल्चर्ड उत्पाद, आइसक्रीम, पनीर, घी आदि का निर्माण, विपणन एवं बिक्री करती है।

Share
मदर डेयरी ने पेश किया मिट्टी में विघटित होने वाला मिल्क पाउच

 मदर डेयरी ने पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप एक ऐसा इनोवेटिव मिल्क पाउच पेश किया, जो मिट्टी में प्राकृतिक रूप से विघटित हो जाता है। भारत के प्रमुख ताजा दूध आपूर्तिकर्ताओं में से एक मदर डेयरी कई राज्यों में प्रतिदिन लगभग 55 लाख लीटर दूध बेचती है। उनके अनुसार मिट्टी में भारत का पहला प्राकृतिक रूप से विघटित होने वाला दूध पाउच पेश किया गया है, जो पर्यावरण में प्लास्टिक का कोई निशान नहीं छोड़ेगा। कंपनी शुरुआत में इस नए जैव-विघटनीय दूध पाउच का उपयोग पांच जून यानी ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ से दिल्ली-एनसीआर में बेचे जाने वाले अपने गाय के दूध के लिए करेगी। मदर डेयरी, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है। मदर डेयरी के अनुसार, उसके नए दूध पाउच में एक तरह का अनूठा विघटित होने वाला पैकेजिंग नवाचार उपयोग किया गया है, जो सामग्री को जैव-उपलब्ध मोम में बदलने में सक्षम बनाता है। यह मोम, मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीवों द्वारा प्राकृतिक रूप से टूटकर प्राकृतिक तत्वों में बदल जाता है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के चेयरमैन मीनेश शाह ने कहा कि नई पैकेजिंग सदियों में नहीं बल्कि कुछ वर्षों में मिट्टी में स्वाभाविक रूप से विघटित होने के लिए तैयार की गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बदलाव उपभोक्ताओं के लिए दूध की कीमतों पर बिना किसी प्रभाव के किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मदर डेयरी, पृथ्वी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। शाह ने कहा कि मदर डेयरी का भारत के पहले प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले दूध पाउच को पेश करना एक बड़ी उपलब्धि है, जो इस क्षेत्र की अग्रणी भूमिका और नए मानक स्थापित करने की क्षमता को दर्शाता है। मदर डेयरी के प्रबंध निदेशक जयतीर्थ चारी ने कहा कि हमने ऐसा पाउच बनाने के लिए चार वर्षों से अधिक तक अनुसंधान किया, जो पर्यावरण में प्लास्टिक का कोई निशान नहीं छोड़ता। उन्होंने कहा कि ये दूध पाउच पुनर्चक्रण योग्य (रीसाइक्लेबल) बने रहेंगे, लेकिन इनकी विशेषता यह है कि ये प्राकृतिक तत्वों में टूट सकते हैं, जिससे ‘फ्यूजिटिव प्लास्टिक’ (पर्यावरण में बिखरा प्लास्टिक) की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी। मदर डेयरी की स्थापना 1974 में की गई। यह ‘मदर डेयरी’ ब्रांड के तहत दूध और दुग्ध उत्पादों जैसे कल्चर्ड उत्पाद, आइसक्रीम, पनीर, घी आदि का निर्माण, विपणन एवं बिक्री करती है।


Label

PREMIUM

CONNECT WITH US

X
Login
X

Login

X

Click here to make payment and subscribe
X

Please subscribe to view this section.

X

Please become paid subscriber to read complete news