पश्चिम एशिया में जारी जियो पॉलीटिकल टेंशन , एयर कनेक्टिविटी में व्यवधान और इंटरनेशनल ट्रैवल की बढ़ती लागत के बीच संपन्न भारतीय परिवार इन गर्मियों में विदेशी डेस्टीनेशंस के बजाय छुट्टियां बिताने के लिए डोमेस्टिक लोकेशंस को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके चलते लक्जरी होटल इंडस्ट्री की बुकिंग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। आईटीसी होटल्स, रेडिसन होटल गु्रप और द लीला पैलेसेस, होटल्स एंड रिजॉर्ट्स जैसे प्रमुख होटल समूहों ने इस वर्ष समर वैकेशन के दौरान डोमेस्टिक पर्यटन स्थलों पर बुकिंग में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है। द लीला पैलेसेस, होटल्स एंड रिजॉर्ट्स के सीईओ ने कहा कि संपन्न भारतीय ट्यूरिस्ट की विदेश यात्रा में दीर्घकालिक रुचि बनी हुई है, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितता, उड़ानों में व्यवधान और बढ़े हुए यात्रा खर्च के कारण कई लोग देश के भीतर उपलब्ध उच्चस्तरीय पर्यटन विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। आईटीसी होटल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा कि कंपनी के विभिन्न वैकेशन स्पॉट्स पर बुकिंग का रुझान उत्साहजनक बना हुआ है और कई लोकेशंस में डिमांड गत वर्ष की तुलना में अधिक है। उन्होंने कहा कि हाल की अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों ने कुछ यात्रियों को अपनी विदेश यात्रा योजनाओं पर पुनर्विचार करने और घरेलू पर्यटन स्थलों को चुनने के लिए प्रेरित किया है। आईटीसी होटल्स के लिए डिमांड में टीयर टू और थ्र्री श्रेणी के शहरों में अच्छी वृद्धि हुई है। इसकी वजह यह है कि लोग अब कम भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाना पसंद कर रहे हैं। कंपनी ने कहा कि इसका लाभ प्रयागराज, कटरा, अमृतसर और भुवनेश्वर जैसे डेस्टीनेशंस को मिल रहा है। रेडिसन होटल गु्रप, दक्षिण एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीओओ ने कहा कि कंपनी के भारत स्थित होटलों में इस वर्ष गर्मियों के दौरान कुल कमरों की बुकिंग का स्तर गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग पांच प्रतिशत बढ़ा है। वैकेशन स्थलों पर एवरेज रूम की बुकिंग दर करीब 75 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि वीकेंड के दिनों में डिमांड और भी अधिक मजबूत रहती है। पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में जारी तनाव और यात्रा संबंधी व्यवधानों का अंतरराष्ट्रीय धारणा पर कुछ प्रभाव पड़ा है, जिसके कारण यात्रियों का एक वर्ग घरेलू पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहा है। लोग अब घर के निकट उच्च गुणवत्ता वाले और यादगार अनुभवों को अधिक महत्व दे रहे हैं। रेडिसन के लिए सबसे तेज वृद्धि उन भारतीय पर्यटन स्थलों से आ रही है जो या तो गर्मी से राहत प्रदान करते हैं या फिर सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक अनुभवों के लिए प्रसिद्ध हैं। गर्मी में पहाड़ी और धार्मिक पर्यटन स्थलों की मांग सबसे अधिक रही है। कंपनी के पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित होटलों ने गत वर्ष की तुलना में 69 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है, जबकि धार्मिक स्थलों पर स्थित संपत्तियों में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उनके अनुसार, यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि यात्री अब ऐसे अनुभवों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनमें रिलेक्सेशन, संस्कृति, स्वास्थ्य-संबंधी गतिविधियां और सार्थक जुड़ाव का समावेश हो। रेडिसन नेटवर्क में जम्मू-कश्मीर, मनाली, मसूरी, उदयपुर और अयोध्या जैसे डेस्टीनेशंस सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्थलों के रूप में उभरे हैं। इसके अलावा गोवा तथा दक्षिण भारत के तटीय पर्यटन केंद्रों में भी पर्यटकों की डिमांड मजबूत बनी हुई है।