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04-06-2026

इन्डियन एम्प्लॉइज हॉलीडे लेने में सबसे पीछे

  •  भारत में कर्मचारियों को अपेक्षाकृत अधिक वार्षिक अवकाश मिलने के बावजूद वे एशिया-प्रशांत (एपीएसी) क्षेत्र के अन्य देशों के एम्प्लॉइज की तुलना में कम छुट्टियां लेते हैं। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। यह तुलना अवकाश आवंटन और उसके उपयोग के बीच अंतर को उजागर करती है। मानव संसाधन एवं वेतन प्रबंधन कंपनी ‘डील’ की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कर्मचारी उपलब्ध अवकाश का उपयोग अपेक्षाकृत अधिक सावधानी से करते हैं। वे लंबी छुट्टियों के बजाय सालभर में छोटे-छोटे अवकाश लेना पसंद करते हैं। यह रिपोर्ट वर्ष 2025 में डील के एपीएसी मंच से जुड़े 4,500 से अधिक पूर्णकालिक कर्मचारियों से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में भारतीय कर्मचारियों द्वारा लिया गया औसत अवकाश 12 दिन रहा। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में केवल 17.2 प्रतिशत कर्मचारियों ने अपने पूरे अवकाश का उपयोग किया, जबकि यह अनुपात सिंगापुर में 57.2 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया में 53.3 प्रतिशत, मलेशिया में 50.8 प्रतिशत, हांगकांग में 42.9 प्रतिशत और जापान में 35.9 प्रतिशत रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 29.9 प्रतिशत भारतीय कर्मचारियों ने अपने कुल अवकाश अधिकार में से कम-से-कम 80 प्रतिशत छुट्टियों का उपयोग किया, जो विश्लेषण किए गए प्रमुख एपीएसी बाजारों में सबसे कम है। आंकड़ों से यह भी पता चला कि भारत में कम अवधि के अवकाश लेने वालों की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। इससे संकेत मिलता है कि कर्मचारी लंबे अवकाश लेने के बजाय पूरे वर्ष में छुट्टियों को विभाजित कर उपयोग करना पसंद करते हैं। दो या उससे अधिक दिन की छुट्टी के अनुरोधों में 48.4 प्रतिशत केवल दो दिन के अवकाश के लिए थे। डील में भारत के बिक्री प्रमुख ने कहा कि भारत के अवकाश संबंधी आंकड़े बताते हैं कि कर्मचारी छुट्टियों का उपयोग अधिक सोच-समझकर कर रहे हैं। इसका कारण कार्यभार का दबाव, त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों जैसे महत्वपूर्ण अवसरों के लिए अवकाश बचाकर रखने की प्रवृत्ति हो सकती है।

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इन्डियन एम्प्लॉइज हॉलीडे लेने में सबसे पीछे

 भारत में कर्मचारियों को अपेक्षाकृत अधिक वार्षिक अवकाश मिलने के बावजूद वे एशिया-प्रशांत (एपीएसी) क्षेत्र के अन्य देशों के एम्प्लॉइज की तुलना में कम छुट्टियां लेते हैं। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। यह तुलना अवकाश आवंटन और उसके उपयोग के बीच अंतर को उजागर करती है। मानव संसाधन एवं वेतन प्रबंधन कंपनी ‘डील’ की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कर्मचारी उपलब्ध अवकाश का उपयोग अपेक्षाकृत अधिक सावधानी से करते हैं। वे लंबी छुट्टियों के बजाय सालभर में छोटे-छोटे अवकाश लेना पसंद करते हैं। यह रिपोर्ट वर्ष 2025 में डील के एपीएसी मंच से जुड़े 4,500 से अधिक पूर्णकालिक कर्मचारियों से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में भारतीय कर्मचारियों द्वारा लिया गया औसत अवकाश 12 दिन रहा। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में केवल 17.2 प्रतिशत कर्मचारियों ने अपने पूरे अवकाश का उपयोग किया, जबकि यह अनुपात सिंगापुर में 57.2 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया में 53.3 प्रतिशत, मलेशिया में 50.8 प्रतिशत, हांगकांग में 42.9 प्रतिशत और जापान में 35.9 प्रतिशत रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 29.9 प्रतिशत भारतीय कर्मचारियों ने अपने कुल अवकाश अधिकार में से कम-से-कम 80 प्रतिशत छुट्टियों का उपयोग किया, जो विश्लेषण किए गए प्रमुख एपीएसी बाजारों में सबसे कम है। आंकड़ों से यह भी पता चला कि भारत में कम अवधि के अवकाश लेने वालों की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। इससे संकेत मिलता है कि कर्मचारी लंबे अवकाश लेने के बजाय पूरे वर्ष में छुट्टियों को विभाजित कर उपयोग करना पसंद करते हैं। दो या उससे अधिक दिन की छुट्टी के अनुरोधों में 48.4 प्रतिशत केवल दो दिन के अवकाश के लिए थे। डील में भारत के बिक्री प्रमुख ने कहा कि भारत के अवकाश संबंधी आंकड़े बताते हैं कि कर्मचारी छुट्टियों का उपयोग अधिक सोच-समझकर कर रहे हैं। इसका कारण कार्यभार का दबाव, त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों जैसे महत्वपूर्ण अवसरों के लिए अवकाश बचाकर रखने की प्रवृत्ति हो सकती है।


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