देश की प्रमुख वॉच मैन्युफैक्चरर टाइटन प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग को देखते हुए अगले दो-तीन वर्षों में 25,000 रुपये से अधिक कीमत वाली घडिय़ों से अपनी कुल आय का लगभग एक-चौथाई हिस्सा आने की उम्मीद कर रही है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। टाइटन के घड़ी प्रकोष्ठ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कुरुविल्ला मार्कोस ने कहा कि प्रीमियम और सुलभ लक्जरी श्रेणी लगभग 30 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक दर से बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए कंपनी अपनी खुदरा श्रृंखलाओं ‘हीलियोस’ और ‘हीलियोस लक्स’ के स्टोरों की संख्या बढ़ा रही है, जहां 25,000 रुपये से अधिक कीमत की घडिय़ां बेची जाती हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल हीलियोस लक्स के करीब 10 स्टोर हैं और हम लगातार नए स्टोर खोल रहे हैं। चालू वित्त वर्ष में इनकी संख्या बढ़ाकर लगभग 30 करने की उम्मीद है। वहीं हीलियोस के करीब 300 स्टोर हैं और उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है। मार्कोस ने कहा कि प्रीमियम घडिय़ों की बढ़ती मांग और घरेलू बाजार के परिपक्व होने से भारत के पास दुनिया का तीसरा प्रमुख घड़ी विनिर्माण केंद्र बनने का अवसर है। वर्तमान में स्विट्जरलैंड, जापान और चीन इस उद्योग के प्रमुख वैश्विक केंद्र हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि किफायती श्रेणी का विस्तार आगे भी जारी रहेगा, क्योंकि उपभोक्ता बिना ब्रांड वाली घडिय़ों से ब्रांडेड घडिय़ों की ओर बढ़ रहे हैं। वॉलयूम के लिहाज से कम कीमत वाले उत्पादों का दबदबा बना रहेगा।