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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

01-06-2026

इंडिगो को फोर्थ क्वार्टर में 2,537 करोड़ रुपए का घाटा

  •  इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) के लिए 2,537 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (शुद्ध घाटा) दर्ज किया, जबकि गत वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 3,067.5 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था। हालांकि, एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, तिमाही के दौरान एयरलाइन की ऑपरेशंस से होने वाली आय में सालाना आधार पर एक प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई और यह 22,438 करोड़ रुपए रही, जो गत वर्ष इसी अवधि में 22,152 करोड़ रुपए थी। इंडिगो ने कहा कि तिमाही के दौरान कंपनी की लाभप्रदता पर 250 करोड़ रुपए के वन-टाइम चार्ज का भी असर पड़ा। ऑपरेशनल स्तर पर एयरलाइन ने बताया कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण आई बाधाओं के बावजूद उसकी क्षमता (कैपेसिटी) में 3.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 43.6 बिलियन उपलब्ध सीट किलोमीटर (एएसके) तक पहुंच गई। हालांकि, तिमाही के दौरान यात्री संख्या में सालाना आधार पर 1.1 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 31.6 मिलियन रही। कंपनी ने कमजोर प्रदर्शन के लिए वित्त वर्ष 2026 के दौरान बने बेहद चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल को जिम्मेदार ठहराया। नतीजों पर टिप्पणी करते हुए इंटरग्लोब एविएशन के सीईओ राहुल भाटिया ने कहा कि यह साल गंभीर परिचालन चुनौतियों से भरा रहा, जिसका कंपनी की लाभप्रदता पर बड़ा असर पड़ा, हालांकि एयरलाइन का मुख्य कारोबार मजबूत बना रहा।

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इंडिगो को फोर्थ क्वार्टर में 2,537 करोड़ रुपए का घाटा

 इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) के लिए 2,537 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (शुद्ध घाटा) दर्ज किया, जबकि गत वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 3,067.5 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था। हालांकि, एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, तिमाही के दौरान एयरलाइन की ऑपरेशंस से होने वाली आय में सालाना आधार पर एक प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई और यह 22,438 करोड़ रुपए रही, जो गत वर्ष इसी अवधि में 22,152 करोड़ रुपए थी। इंडिगो ने कहा कि तिमाही के दौरान कंपनी की लाभप्रदता पर 250 करोड़ रुपए के वन-टाइम चार्ज का भी असर पड़ा। ऑपरेशनल स्तर पर एयरलाइन ने बताया कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण आई बाधाओं के बावजूद उसकी क्षमता (कैपेसिटी) में 3.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 43.6 बिलियन उपलब्ध सीट किलोमीटर (एएसके) तक पहुंच गई। हालांकि, तिमाही के दौरान यात्री संख्या में सालाना आधार पर 1.1 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 31.6 मिलियन रही। कंपनी ने कमजोर प्रदर्शन के लिए वित्त वर्ष 2026 के दौरान बने बेहद चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल को जिम्मेदार ठहराया। नतीजों पर टिप्पणी करते हुए इंटरग्लोब एविएशन के सीईओ राहुल भाटिया ने कहा कि यह साल गंभीर परिचालन चुनौतियों से भरा रहा, जिसका कंपनी की लाभप्रदता पर बड़ा असर पड़ा, हालांकि एयरलाइन का मुख्य कारोबार मजबूत बना रहा।


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