जयपुर नगर निगम एवं मैरिज हॉल आपरेटर्स के बीच पार्किंग के नियमों को लेकर बने गतिरोध के कारण अगले तीन माह में करीब 35 पर्सेंट मैरिज हॉल पर बंद होने का खतरा मंडराने लगा है। निगम की ओर से निर्धारित नियमों की कंप्लायंस नहीं होने पर इन मैरिज हॉल के लाईसेंस रिन्यू नहीं हो पायेंगे। मैरिज हॉल के लिए बने पार्किंग नॉम्र्स पर कई सालों से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा था, लेकिन 9 मार्च को कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर की जयपुर में हुई शादी के दौरान सीकर रोड पर घंटों तक जाम लगा रहा तथा इसे वजह से अनेक वीआईपी लोगों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी। बताया जा रहा है कि इस शादी में विवाह स्थल की क्षमता से तीन गुना अधिक वाहन खड़े थे। इसके बाद पार्किंग नॉम्र्स को लेकर सख्ती की शुरुआत हो गई तथा उन मैरिज हॉल के लाईसेंस रिन्यू नहीं किये जा रहे हैं जिनमें कंपाउंड एरिया में 25 पर्सेंट हिस्सा पार्किंग के लिए नहीं छोड़ा गया है। लाइसेंस रिन्यू प्रक्रिया अटक जाने के कारण प्रदेश की उपमुख्यमंत्री एवं विद्याधर विधानसभा क्षेत्र की विधायक दिया कुमारी, जयपुर नगर निगम के कमिश्नर ओम कसेरा एवं मैरिज हॉल एसोसिएशन के बीच बैठक हुई। इस बैठक में तय किया गया कि मैरिज हॉल आपरेटर्स को पार्किंग स्पेस तैयार करने के लिए तीन माह का समय दिया जाये। तीन माह में जो मैरिज हॉल पार्किंग की नियमानुसार व्यवस्था नहीं कर पाये उनके लाईसेंस रिन्यू नहीं किये जायें तथा परिसर को सील कर दिया जाये। मैरिज हॉल ऑपरेटर्स ने इस नियम को अव्यावहारिक करार दिया है। इस संबंध में जयपुर विवाह स्थल समिति के उपाध्यक्ष पर्वत सिंह का कहना है कि अगर जयपुर नगर निगम इस नियम को कड़ाई से लागू करता है तो जयपुर के 60 पर्सेंट मैरिज हॉल बंद हो जायेंगे। पर्वत सिंह का कहना है कि पार्किंग के लिए निर्धारित कंपाउंड स्पेस बनाने पर मैरिज हॉल की क्षमता कम हो जायेगी तथा इससे रेवेन्यू प्रभावित होगा। पर्वत सिंह ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि अगले तीन माह की बुकिंग प्रभावित नहीं हो, लेकिन कोई नया प्रस्ताव नहीं आया तो मैरिज हॉल का बंद होना संभव है। जयपुर नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि निगम के अधिकारी इसे सख्ती से लागू करने का प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि प्रशासनिक स्तर पर पार्किंग नॉम्र्स का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिये जा चुके हैं।