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07-05-2026

असम के 17% विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, 85 प्रतिशत करोड़पति हैं : एडीआर

  •  असम विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों में करीब 17 प्रतिशत ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की, जबकि 85 प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं। यह जानकारी ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स’ की एक रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट में 2026 के विधानसभा चुनाव में विजयी सभी 126 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया गया है। इसके अनुसार, 2021 के मुकाबले जिन विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज है उनका अनुपात घटा है। वर्ष 2021 में 27 प्रतिशत विधायकों (34 विधायक) ने अपने हलफनामे में आपराधिक मामले घोषित किए थे, जो अब घटकर 17 प्रतिशत (21 विधायक) रह गया है। इन 21 विधायकों में से 19 विधायक (15 प्रतिशत) गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जबकि 2021 में यह आंकड़ा 22 प्रतिशत था। तीन विधायकों ने हत्या के प्रयास से जुड़े मामलों की जानकारी दी है, जबकि दो ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामलों का उल्लेख किया है। पार्टीवार आंकड़ों में बड़ा अंतर देखा गया है। भाजपा के 82 में से 7 (नौ प्रतिशत) विजयी उम्मीदवारों ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि कांग्रेस के 19 में से नौ (47 प्रतिशत) उम्मीदवारों पर ऐसे मामले दर्ज हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ)  के दो विजयी उम्मीदवारों और तृणमूल कांग्रेस के एक उम्मीदवार ने भी अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की है। बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के सभी 10 विजयी उम्मीदवारों का रिकॉर्ड बेदाग है। इसी बीच, भाजपा के 82 विजयी उम्मीदवारों में से सात (9 प्रतिशत), कांग्रेस के 19 विजयी उम्मीदवारों में से सात (37 प्रतिशत), एआईयूडीएफ के दोनों विजयी उम्मीदवार (100 प्रतिशत), तृणमूल के एक विजेता (100 प्रतिशत), रायजोर दल के दो विजयी उम्मीदवारों में से एक (50 प्रतिशत) और असम गण परिषद के 10 विजयी उम्मीदवारों में से एक (10 प्रतिशत) ने अपने हलफनामों में अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की है। रिपोर्ट में निर्वाचित प्रतिनिधियों की संपत्ति में भारी वृद्धि पर भी प्रकाश डाला गया है। 126 विधायकों में से 107 (85 प्रतिशत) करोड़पति हैं, जबकि वर्ष 2021 में करोड़पति विधायक 67 प्रतिशत थे। सभी विजयी उम्मीदवारों की कुल घोषित संपत्ति 1,112 करोड़ रुपये है। प्रति विधायक औसत संपत्ति पिछले चुनाव के 4.59 करोड़ रुपये की तुलना में 2026 में लगभग दोगुनी होकर 8.82 करोड़ रुपये हो गई है। राजनीतिक दलों में, भाजपा के 90 प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं, उसके बाद कांग्रेस के 74 प्रतिशत और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के 80 प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं। एआईयूडीएफ, एआईटीसी और रायजोर दल के सभी विजयी उम्मीदवारों ने एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। औसत संपत्ति के मामले में, एआईयूडीएफ के उम्मीदवार 117.77 करोड़ रुपये की औसत संपत्ति के साथ सूची में सबसे ऊपर हैं, उसके बाद बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (9.92 करोड़ रुपये) और भाजपा (7.50 करोड़ रुपये) का स्थान है। कांग्रेस विधायकों की औसत संपत्ति 6.51 करोड़ रुपये है, जबकि असम गण परिषद के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2.81 करोड़ रुपये है। रायजोर दल के विधायकों की औसत संपत्ति 1.54 करोड़ रुपये है। एआईयूडीएफ के मोहम्मद बदरुद्दीन अजमल 226 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ सबसे धनी विजयी उम्मीदवार हैं, उसके बाद बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट की सेवली मोहिलारी 63 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं और मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा 35 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर हैं।

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असम के 17% विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, 85 प्रतिशत करोड़पति हैं : एडीआर

 असम विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों में करीब 17 प्रतिशत ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की, जबकि 85 प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं। यह जानकारी ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स’ की एक रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट में 2026 के विधानसभा चुनाव में विजयी सभी 126 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया गया है। इसके अनुसार, 2021 के मुकाबले जिन विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज है उनका अनुपात घटा है। वर्ष 2021 में 27 प्रतिशत विधायकों (34 विधायक) ने अपने हलफनामे में आपराधिक मामले घोषित किए थे, जो अब घटकर 17 प्रतिशत (21 विधायक) रह गया है। इन 21 विधायकों में से 19 विधायक (15 प्रतिशत) गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जबकि 2021 में यह आंकड़ा 22 प्रतिशत था। तीन विधायकों ने हत्या के प्रयास से जुड़े मामलों की जानकारी दी है, जबकि दो ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामलों का उल्लेख किया है। पार्टीवार आंकड़ों में बड़ा अंतर देखा गया है। भाजपा के 82 में से 7 (नौ प्रतिशत) विजयी उम्मीदवारों ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि कांग्रेस के 19 में से नौ (47 प्रतिशत) उम्मीदवारों पर ऐसे मामले दर्ज हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ)  के दो विजयी उम्मीदवारों और तृणमूल कांग्रेस के एक उम्मीदवार ने भी अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की है। बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के सभी 10 विजयी उम्मीदवारों का रिकॉर्ड बेदाग है। इसी बीच, भाजपा के 82 विजयी उम्मीदवारों में से सात (9 प्रतिशत), कांग्रेस के 19 विजयी उम्मीदवारों में से सात (37 प्रतिशत), एआईयूडीएफ के दोनों विजयी उम्मीदवार (100 प्रतिशत), तृणमूल के एक विजेता (100 प्रतिशत), रायजोर दल के दो विजयी उम्मीदवारों में से एक (50 प्रतिशत) और असम गण परिषद के 10 विजयी उम्मीदवारों में से एक (10 प्रतिशत) ने अपने हलफनामों में अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की है। रिपोर्ट में निर्वाचित प्रतिनिधियों की संपत्ति में भारी वृद्धि पर भी प्रकाश डाला गया है। 126 विधायकों में से 107 (85 प्रतिशत) करोड़पति हैं, जबकि वर्ष 2021 में करोड़पति विधायक 67 प्रतिशत थे। सभी विजयी उम्मीदवारों की कुल घोषित संपत्ति 1,112 करोड़ रुपये है। प्रति विधायक औसत संपत्ति पिछले चुनाव के 4.59 करोड़ रुपये की तुलना में 2026 में लगभग दोगुनी होकर 8.82 करोड़ रुपये हो गई है। राजनीतिक दलों में, भाजपा के 90 प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं, उसके बाद कांग्रेस के 74 प्रतिशत और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के 80 प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं। एआईयूडीएफ, एआईटीसी और रायजोर दल के सभी विजयी उम्मीदवारों ने एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। औसत संपत्ति के मामले में, एआईयूडीएफ के उम्मीदवार 117.77 करोड़ रुपये की औसत संपत्ति के साथ सूची में सबसे ऊपर हैं, उसके बाद बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (9.92 करोड़ रुपये) और भाजपा (7.50 करोड़ रुपये) का स्थान है। कांग्रेस विधायकों की औसत संपत्ति 6.51 करोड़ रुपये है, जबकि असम गण परिषद के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2.81 करोड़ रुपये है। रायजोर दल के विधायकों की औसत संपत्ति 1.54 करोड़ रुपये है। एआईयूडीएफ के मोहम्मद बदरुद्दीन अजमल 226 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ सबसे धनी विजयी उम्मीदवार हैं, उसके बाद बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट की सेवली मोहिलारी 63 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं और मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा 35 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर हैं।


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